08 May 2016 
परशुराम जयन्ती की हार्दिक शुभकामनायें

परशुराम जयन्ती की हार्दिक शुभकामनायें

भगवान परशुराम

शस्त्र और शास्त्र के महारथी – परशुराम

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इस दिन ब्रह्स्पतेश्वर महादेव जी की पूजा होती है|
यह व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता है|इस दिन गौ की पूजा करने का विधान है| साथ में ...
इस व्रत को करने वाला कथा कहते व सुनते समय हाथ मे गुड व भुने चने रखें|
सर्व मनोकामनाओ की पूर्ति हेतु रविवार का वर्त श्रेस्ठ है|
यह चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है| इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियाँ व्रत रखती हैं| ...
जेसे की पहले भी लिखा गया की नवरात्रि पर्व माँ दुर्गा और शारदा माँ, महालक्ष्मी माता जी की श्रदा मे ...
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जय संतोषी माता मैया जय संतोषी माता |अपने सेवक जन को सुख सम्पत्ति दाता ||
आरती श्री साईं गुरुवर की |परमानन्द सदा सुरवर की ||
सुन संधिया तेरी देव देवाकर,अधिपति अनादि समाई |
आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की ||गले में बैजन्ती माला, बजावै मुरली मधुर बाला |
जय संतोषी माता मैया जय संतोषी माता |अपने सेवक जन को सुख सम्पत्ति दाता ||
जय शिव ओंकारा जय शिव ओंकारा |ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्दाडी धारा || टेक
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या देवी सर्वभूतेषु माँ रुपेण संस्थिता |या देवी सर्वभूतेषु शक्ती रुपेण संस्थिता |
ॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः ||
आयुर्देहि धनं देहि विद्यां देहि महेश्वरि । समस्तमखिलां देहि देहि मे परमेश्वरि ।।
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन । यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे ।।
हे चक्रधर !हे चक्रपाणि !!हे चक्रायुधधारी !!!
ॐ ऐं ह्नीं राहवे नमः ||
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|| चौपाई || सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही । ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥
।। स्तुति ।। मात शैल्सुतास पत्नी ससुधाश्रंगार धरावली ।स्वर्गारोहण जैजयंती भक्तीं भागीरथी ...
|| चौपाई || अज अनादि अविगत अलख, अकल अतुल अविकार।बंदौं शिव-पद-युग-कमल अमल अतीव उदार॥
|| दोहा || जय जय माता शीतला तुमही धरे जो ध्यान। होय बिमल शीतल हृदय विकसे बुद्धी बल ज्ञान ॥
|| दोहा || नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब। संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब॥
|| दोहा ||    वन्‍दो वीरभद्र शरणों शीश नवाओ भ्रात ।ऊठकर ब्रह्ममुहुर्त शुभ कर लो प्रभात ॥
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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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