🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏

Home17. महाप्रस्थानिकपर्व

17. महाप्रस्थानिकपर्व ()

1 [ज] एवं वृष्ण्यन्धककुले शरुत्वा मौसलम आहवम
पाण्डवाः किम अकुर्वन्त तथा कृष्णे दिवं गते

1 [वै] ततस ते नियतात्मान उदीचीं दिशम आस्थिताः
ददृशुर यॊगयुक्ताश च हिमवन्तं महागिरिम

1 [वै] ततः संनादयञ शक्रॊ दिवं भूमिं च सर्वशः
रथेनॊपययौ पार्थम आरॊहेत्य अब्रवीच च तम

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏