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पेड़ और पौधे

गुलाब का फूल सदियों से अपनी मदहोश करने वाली महक व् सौंदर्य के लिए जाना जाता रहा है

प्रसिद्ध कहावत है की “रोज़ एक सेब का सेवन करने से डॉक्टर को दूर भगाये” पर क्या कभी आपने यह सोचा है की आखिर ऐसा क्या है

औषदीये पौधो का प्रयोग पुरातन कल से चला आ रहा है आज भी कई लोग इलाज के लिए इसी पर निर्भर करते है।

कुदरत ने कई ऐसे पौधे हमे दिए है , जिनको सीधे धूप नहीं चाहिए बल्कि अगर धूप नहीं है तो आप उनको अगर बल्ब की रोशनी में रख सकते है उनका विकास हो जायेगा।

बेचैनी व् तनाव ने अनिंद्रा की समस्या को जन्म दिया है जिससे आज कई लोग ग्रस्त है।

कंटेनर का चुनाव

हकीकत में कोई भी सब्जी या हर्ब कंटेनर में तब तक ही उग सकती है जब तक उसको निर्धारित स्पेस न मिले।

क्या आपने कभी सोचा है की किसी फूल की कीमत कितनी हो सकती है मेरा दावा है की इस लेख को पढ़ने के बाद आप भी जान जाएंगे की फूल भी किसी को अमीर बना सकते है

एलो वेरा का नाम लेते  ही हमारे दिमाग में एकदम से ऐसे गजब के पौधे की छवि आती है।

20 बीमारी रोधक फल फ़ल कुदरत का मानव जाति को  दिया हुआ उत्तम उपहार है। 

पेड़ों को आप किसी भी क्षेत्र के हिसाब से तेजी से विकसित होने वाली श्रेणी के हिसाब से वर्गीकृत नहीं कर सकते हो मगर फिर भी हमारे देश में कई ऐसे पेड़ है।

आधुनिक समय में हमारा मानसिक तनाव दिन -ब -दिन बढ़ता जा रहा रहा है जिससे निपटना मुश्किल होता जा रहा है।

फ़ल उगाने के लिए आपको अपने घर में किसी बड़े बग़ीचे या वाटिका की जरुरत नहीं है।

अक्सर यह कहा जाता है की भारत में मॉनसून का आगमन प्रकृति को गहरी निंद्रा से जगाने का कार्य करता है। 

खाने से पहले या बाद में फ़ल का सेवन करने का रिवाज़ हर घर में है। हम इनको स्वाद न्यूट्रिशन व् भोजन के रूप में खाते है।

हमारे कई इंडोर प्लांट्स ऐसे है जो की कुदरती ही औषदीये गुणों से भरपूर है वह बात अलग है की कई बार हम इस बात से बेख़बर होते है

गर्मियों की तीखी धूप के बाद बारिशे एक वरदान की तरह महसूस होती है जो की मुझे बहुत पसंद है, मगर इसी के साथ यह कई बीमारियों को निमंत्र्ण भी देती है।

आयुर्वेद भारत की सबसे पुरातन  चिकित्सा पद्धति है जिसका मूल ही हमारा देश रहा है हमें तो खुद को सौभाग्यशाली मानना चाहिए की हम इस देश से है।

हम सबको ऐसे छोटे पौधे पसंद है जो पॉट में लगे हो व् एक छोटे पेड़ का अनुभव हमें दे, ऐसे लघु पेड़ हम सबको अपनी तरफ आकर्षित करते है।

आपके कार्य मेज पर रखा गला – सड़ा या मुरझाया सा पौधा आपको सिवाय नकारत्मकता के कुछ नहीं देने वाला इसलिए उसको कहिये अलविदा व् ले आईये यह पौधे जो आपको चुस्ती- स्फूर्ति, तरो -ताजगी से लबालब कर देंगे वो भी आपके कार्य क्षेत्र में।

मानसून वो समय है जब आपका बग़ीचा कई तरह के फूलो से रंगीन हो जाता है।

पत्तों वाले पौधे बहुत ही सुंदर, महकदार व् आसानी से विकसित होने वाले है। कन्टेनर गार्डन को एक सुंदर रूप, आकार, टेक्सचर व् डिज़ाइन देता है।

सदाबहार पौधे किसी भी बग़ीचे का श्रृंगार है। यहाँ हम आपको पाँच ऐसे पौधे बता रहे है जो साल के ज्यादातर समय तक खिले रहते है इसीलिए ये ज्यादा प्रसिद्ध है।

पूरे चाँद की रौशनी से खिली हुई काली रात, जिसमें आप अपने बग़ीचे में बैठे हुए हो व् टिमटिमाते तारो को गिन रहे हो तभी ठंडी हवा का झोंका आपके गालों को चूमते हुए जाये, क्या सुखदायी अनुभव है

झाड़ियों व् लताओं का संसार अपने भीतर विशाल रंग रूप व् आकार को लिए हुए है।

बीजो से अंकुरित होते पौधो को देखना कितना सुखदायी लगता है, इस पर कोई खर्चा भी नहीं है।

कुदरत ने बहुगिनती में लताएँ दी है जो आपके बग़ीचे को स्थाई सुंदरता प्रदान करती है।

आपके बरामदे को ढकने वाली लताएँ ना सिर्फ छाया देती है बल्कि बरामदे को ठंडक भी देती है।

मधुमखियाँ हमारे बग़ीचे की महत्वपूर्ण कीट है जो कई खाद्य व् सजावट की वस्तुओं का परागकण करती है।

घरेलू पोढ़े किसी भी घर की सज्जा को और निखार देते है। यह दिखने में अचे लगते है शीत ऋतु में यह आपको हरियाली का सुखद एहसास देते है।

ताड़ के पौधे घर के भीतर लगाए जाने वाले अदभुत पौधे है। इनको बहुत ही कम देखभाल की जरुरत रहती है साथ ही यह बहुत ही कम कीटों को आकर्षित करते है।

एक खिल रहा फलो से लदा पौधा खासकर जब वो आपके आँगन में पल रहा हो तो आपको कितनी ख़ुशी देता है।

सभी पौधे प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से ऑक्सीजन जारी करते हैं, लेकिन कुछ विशेष प्रजातियों में एयर-फ़िल्टरिंग सिस्टम भी अंतर्निहित हो सकते हैं।

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