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गुरु जी के भजन (6)

गुरु आज्ञा में निश दिन रहिये ।
जो गुरु चाहे सोयि सोयि करिये॥

गुरु चरनन में ध्यान लगाऊं।
ऐसी सुमति हमे दो दाता ॥

गुरु चरनन मे शीश झुकाले
जनम सफल हो जायेगा

गुरु बिन कौन सम्हारे ।
को भव सागर पार उतारे ॥

गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द ..
गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु भगवंत..

नैया पड़ी मंझधार गुरु बिन कैसे लागे पार ..

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