Homeश्री साईं बाबा जीश्री साईं बाबा अष्टोत्तारशत – नामावली – Shri Sai Baba Ji Ashtotarsh – Namawali

श्री साईं बाबा अष्टोत्तारशत – नामावली – Shri Sai Baba Ji Ashtotarsh – Namawali

श्री साईं बाबा अष्टोत्तारशत - नामावली - Shri Sai Baba Ji Ashtotarsh - Namawali

श्री साईं बाबा अष्टोत्तारशत – नामावली

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श्री साईंनाथाय नमः
— ॐ श्री साईंनाथ को नमस्कार

ॐ श्री साईं लक्ष्मी नारायणाय नमः
— ॐ जो लक्ष्मी नारायण के स्वरुप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं कृष्णमशिवमारूतयादिरूपाय नमः
— ॐ जो श्री कृष्ण, राम, शिव, मारुति आदि देवताओं के स्वरुप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं शेषशायिने नमः
— ॐ जो शेषनाग पर शयन करने वाले भगवान विष्णु के अवतार हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं गोदावीरतटीशीलाधीवासिने नमः
— ॐ जो गोदावरी नदी के तट पर बसी “शीलधी” (शिरडी) में निवास करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तह्रदालयाय नमः
— ॐ जो भक्तों के मन में विराजमान हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वह्रन्निलयाय नमः
— ॐ जो सभी प्रणियों के मन में निवास करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भूतावासाय नमः
— ॐ जो समस्त प्राणियों में बसते हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भूतभविष्यदुभवाज्रिताया नमः
— ॐ जो भूत तथा भविष्य की चिंताओं से मुक्त करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं कालातीताय नमः
— ॐ जो काल की सीमायों से परे हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं कालायः नमः
— ॐ जो काल अर्थात समय के स्वामी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं कालकालाय नमः
— ॐ जो काल की सीमाओं से परे हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं कालदर्पदमनाय नमः
— ॐ जो काल (मृत्युदेव) के अहंकार का नाश करते हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं मृत्युंजयाय नमः
— ॐ जो मृत्यु को जीतने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अमत्य्राय नमः
— ॐ जो अमरत्व को पाये हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं मर्त्याभयप्रदाय नमः
— ॐ जो मृत्यु के भय से रक्षा करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं जिवाधाराय नमः
— ॐ जो समस्त जीवों के आधार हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वाधाराय नमः
— ॐ जो समस्त ब्रह्माड़ के आधार हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तावनसमर्थाय नमः
— ॐ जो भक्तों की रक्षा करने में समर्थ हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तावनप्रतिज्ञाय नमः
— ॐ जो भक्तों की रक्षा करने हेतु प्रतिज्ञाबद्ध हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अन्नवसत्रदाय नमः
— ॐ जो अन्न और वस्त्र के दाता हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं आरोग्यक्षेमदाय नमः
— ॐ जो आरोग्य और कल्याण प्रदान करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं धनमांगल्यप्रदाय नमः
— ॐ जो धन तथा मांगल्य प्रदान करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं ऋद्धिसिद्धिदाय नमः 
— ॐ जो ऋद्धि, सिद्धि को देने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं पुत्रमित्रकलत्रबन्धुदाय नमः
— ॐ जो पुत्र, मित्र, पति अथवा पत्नी और सम्बन्धी देने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं योगक्षेमवहाय नमः
— ॐ जो भक्तों को सभी तरह का सुख प्रदान करने तथा कल्याण की जिम्मेदारी उठाने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं आपदबान्धवाय नमः
— ॐ जो संकट के समय बन्धु के समान रक्षा करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं मार्गबन्धवे नमः
— ॐ जो जीवन मार्ग के साथी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तिमुक्तिस्वर्गापवर्गदाय नमः
— ॐ जो सांसारिक वैभव, मोक्ष और नैसर्गिक आनन्द व अन्तिम उत्सर्ग को प्रदान करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं प्रियाय नमः
— ॐ जो भक्तों के प्रिय हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

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श्री साईं प्रीतिवर्द्धनाय नमः
— ॐ जो प्रीति को बढाने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अन्तय्रामिणे नमः
— ॐ जो अन्तर्यामी, अर्थात मन की समस्त भावनाओं से परे हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सच्चिदानात्मने नमः
— ॐ जो सत्य और विशुद्ध आत्मा के प्रतीक हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं नित्यानंदाय नमः
— ॐ जो नित्य आनन्द हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं परमसुखदाय नमः
— ॐ जो परम सुख को देने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं परमेश्वराय नमः
— ॐ जो परमेश्वर हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं परब्रह्मणे नमः
— ॐ जो साक्षात् परब्रह्म स्वरुप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं परमात्मने नमः
— ॐ जो परमात्मा स्वरुप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं ज्ञानस्वरूपिणे नमः
— ॐ जो साक्षात् ज्ञान के स्वरुप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं जगतः पित्रे नमः
— ॐ जो जगत पिता हैं अर्थात संसार के रचयिता हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तानां मतधातपितामहाय नमः
— ॐ जो भक्तों के माता, पालनकर्ता और पितामह हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्ताभय प्रदाय नमः
— ॐ जो भक्तों को अभय दान देने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तपराधिनाय नमः
— ॐ जो भक्तों के अधीन होकर उनके ही कल्याण में लगे हुए हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तानुग्रहकातराय नमः
— ॐ जो भक्तों पर अपनी कृपा या अनुग्रह बनाए रखने के लिए अति दयावान हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं शरणागतवत्सलाय नमः
— ॐ जो अपनी शरण में आये भक्त पर वात्सल्य रखने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तिशक्तिप्रदाय नमः
— ॐ जो भक्ति और शक्ति देने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं ज्ञानवैराग्यपदाय नमः
— ॐ जो ज्ञान और वैराग्य प्रदान करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं प्रेमप्रदाय नमः
— ॐ जो प्रेम देने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं संशयह्रदयदोर्बल्यपापकर्म नमः
— ॐ जो समस्त संदेहों, मन की दुर्बलता, पाप-कर्म तथा वासना का नाश करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं ह्रदयग्रन्थिवेदकाय नमः
— ॐ जो मन और विचारों में पड़ी हुई समस्त ग्रंथियों को खोल देने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं कर्मध्वंसिने नमः
— ॐ जो पाप-कर्मों से होने वाले प्रभाव को नष्ट करते हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सुद्धसत्त्वस्थिताय नमः
— ॐ जो शुद्ध मन सात्त्विक भावों पर संस्थापित हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं गुणातीतगुणात्मने नमः
— ॐ जो गुणों से परे हैं और समस्त सद् गुणों से परिपूर्ण हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अनन्त कल्याणगुणाय नमः
— ॐ जो अनन्त कल्याणकारी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अमितपराक्रमाय नमः
— ॐ जो असीमित पराक्रम और वीरता के स्वामी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं जयिने नमः
— ॐ जो स्वयं जय हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं दुर्घषोक्षोभ्याम नमः
— ॐ जो अत्यंत कठिन को भी सरल करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अपराजितय नमः
— ॐ जो सदा अजेय हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं त्रिलोकेषु अनिघातगतये नमः
— ॐ जो तीनों लोकां के स्वामी, जिनके कल्याणकारी सद् कर्मो में कोई भी विध्न नहीं हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अशक्यरहिताय नमः
— ॐ जिनकी शक्ति से कोई भी बाहर नहीं हैं ऐसे सद् गुरु श्री साईंनाथ को नमस्कार

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श्री साईं सर्वशक्तिमूर्तये नमः
— ॐ जो सर्वशक्ति परमात्मा के स्वरुप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सुसरूपसुन्दराय नमः
— ॐ जो अत्यन्त मनोहारी स्वरुप वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सुलोचनाय नमः
— ॐ जो अत्यन्त सुन्दर नेत्र वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं बहुरूपविश्वमूर्तये नमः
— ॐ जो बहुरूपी, विश्वरुपी, सर्वरुपी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अरूपाव्यक्ताय नमः
— ॐ जो निराकार हैं जिनके स्वरुप को व्यक्त नहीं किया जा सकता, ऐसे श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अचिन्ताय नमः
— ॐ जो अकल्पनीय, अगम्य और गहन स्वरूप वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सूक्ष्माय नमः
— ॐ जो अत्यन्त सूक्ष्म रूप धारण करने वाले हैं उन सर्वव्यापी प्रभु श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वान्तय्रामिणे नमः
— ॐ जो समस्त जीवों की अन्तरात्मा या हरद में वास करते हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं मनोवागतिताय नमः
— ॐ जो भक्तों के मन और वाणी से परे हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं प्रेममूर्तये नमः
— ॐ जो साक्षात् प्यार और करुणा के अवतार हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सुलभदुर्लभाय नमः
— ॐ जो भक्त हेतु अत्यन्त सुलभ, किन्तु दुष्ट आत्मा हेतु अति दुर्लभ हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं असहायसहायाय नमः
— ॐ जो असहायों के सहायक हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अनाथनाथदीनबन्धवे नमः
— ॐ जो अनाथों के नाथ हैं तथा गरीबों के बंधु हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वभारभ्रते नमः
— ॐ जो भक्तों के समस्त दुखों के भार स्वयं पर लेने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अकर्मानेककर्मसुकर्मिणे नमः
— ॐ जो स्वयं अकर्मा होकर अपने सुकर्मों को करने वाले भी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः
— ॐ जिनका सतत् नाम स्मरण और कीर्तन सुनने से पुण्य की प्राप्ति हैं ऐसे श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं तीर्थाय नमः
— ॐ जो समस्त तीर्थों के साक्षात् स्वरुप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं वासुदेवाय नमः
— ॐ जो श्री वासुदेव के स्वरूप हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सता गतये नमः
— ॐ जो सज्जनों के गंतव्य हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सत्परायणाय नमः
— ॐ जो सत्य के पूर्णतया समर्पित हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं लोकनाथाय नमः
— ॐ जो समस्त लोकों के प्रभु हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं पावनानधाय नमः
— ॐ जो पावन पवित्र रूपधारी और दोष रहित हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अमृतांशवे नमः
— ॐ जो अमृत के एक अंश हैं उन अमृतमय श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भास्करप्रभाय नमः
— ॐ जो दैदीप्यमान सूर्य के समान आभा वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं ब्रहमचर्यतपश्चर्यादिसुव्रताय नमः
— ॐ जो ब्रहाचर्य, तपश्चर्य और अन्य सुब्रतों में स्थित हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सत्यधर्मपराणाय नमः
— ॐ जो सत्य और धर्म का पालन करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सिद्धेश्वराय नमः
— ॐ जो सभी सिद्धियों के स्वामी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सिद्धसंकल्पाय नमः
— ॐ जिनका संकल्प सदैव सिद्ध होता हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं योगेश्वराय नमः
— ॐ जो योग के इश्वर हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भगवते नमः
— ॐ जो समस्त दैविये गुणों के स्वामी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं भक्तवत्सलाय नमः
— ॐ जो भक्तों पर वात्सल्य का रस बरसाने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सत्यपुरुषाय नमः
— ॐ जो धर्मपरायण, सतपुरुष हैं उन ऐसे श्री साईंनाथ को नमस्कार

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श्री साईं पुरुषोत्तमाय नमः
— ॐ जो पुरषोत्तम अर्थात श्रीराम के अवतार हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सत्यतत्वबोधकाय नमः
— ॐ जो सत्य के तत्व का बोध कराने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं कामादिषडूवैरिध्वासिने नमः
— ॐ जो समस्त सांसारिक इच्छाओं और छः विकारों (काम, क्रोध, मोहो, मद, मत्सर) का नाश करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अभेदानन्दानुभवरप्रदाय नमः
— ॐ जो भक्तों लो स्वयं में एकाकार कर उससे उत्पन्न आनन्द का अनुभव प्रदान करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं समसर्वमतसंमताय नमः
— ॐ जो सभी धर्म समान हैं, ऐसी धारणा रखने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं दक्षिणामूर्तये नमः
— ॐ जो शिव रुपी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं वेंकटेशरमणाय नमः
— ॐ जो भगवान विष्णु से प्रेम वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं अदभुतांतचर्याय नमः
— ॐ जो अदभुत और अनन्त लीलाओं को करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं प्रपन्नार्तीहराय नमः
— ॐ जो शरण में आये भक्तों के संकट का हरण करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं संसारसर्वदुखक्षरूपय नमः
— ॐ जो संसार के समस्त दुखों का नाश करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वत्सिव्रतोपुखाय नमः
— ॐ जो त्रिकालदर्शी और सर्वव्यापी हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वांतर्बहिः स्थिताय नमः
— ॐ जो समस्त जीव और पदार्थों के अंदर और बाहर प्रतेक स्थान में स्थित हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वमंगलकराय नमः
— ॐ जो समस्त जग का कल्याण करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं सर्वाभीष्टप्रदाय नमः
— ॐ जो समस्त प्राणियों की कल्याणकारी इच्छायों को पूरा करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं रामरसतन्मर्गस्थानपनाय नमः
— ॐ जो विभिन्न धर्मों के अनुयायियों को एकता और समानता के सूत्र में पिरोकर सन्मार्ग की स्थापना करने वाले हैं उन श्री साईंनाथ को नमस्कार

श्री साईं समर्थसद् गुरुसाईंनाथाय नमः
— ॐ जो आत्मिक ज्ञान प्रदान करने वाले, पूर्ण सद् गुरु श्री साईंनाथ को नमस्कार

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Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

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