🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏
Homeशिक्षाप्रद कथाएँचुगली से हानि

चुगली से हानि

चुगली से हानि

चुगली करना, इधर-उधर बात फैलाना, द्वेष पैदा करना, कलह करवाना-यह महान हत्या है, बड़ा भारी पाप है| एक नौकर मुसलमान के यहाँ जाकर रहा| रहने से पहले उसने कह दिया कि मेरी इधर-की-उधर करने की आदत है, पहले ही कह दिया हूँ! मियाँ ने सोचा कि कोई परवाह नहीं, ‘मियाँ बीबी राजी तो क्या करेगा काजी’ और रख लिया उसे|

“चुगली से हानि” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

अब वह एक दिन जाकर रोने लगा तो बीबी ने पूछा कि रोता क्यों है? तो बोला कि आपके घर रहता हूँ, तनखा पता हूँ, जिससे मेरा काम चलता है|

आपके हित की बात कहने की मन में आती है, पर क्या करूँ,आपको जचे, न जचे! दुःख होता है! बीबी ने कहा कि बता तो दे, क्या दुःख है? उसने कहा कि मियाँ साहब तो दूसरी शादी  करना चाहते हैं, आपके आफत आ जायेगी! तो बीबी ने पूछा कि इसका कोई उपाय है? उसने कहा-हाँ, इसका उपाय है| आप मियाँ की दाढ़ी के कुछ केश ले आओ तो मैं उसकी एक तावीज(यंत्र) बना दूँगा, फिर सब ठीक हो जाएगा|’ उधर उस मियाँ को जाकर कह दिया कि ‘बीबी आपसे बड़ा द्वेष रखती है, कभी मारेगी आपको! मेरे आगे बात करती है, इसलिए आप ख्याल रखना|’ अब मियाँ भी सजग रहने लगा कि मेरे को मार न दे| एक दिन मियाँ नींद का बहाना बनाकर लेते हए थे| वह दाढ़ी के केश काटने के लिए छुरी लेकर आयी तो उसने सोचा कि यह तो मेरा गला कटेगी| अतः दोनों में बड़ी कलह हो गयी| इसलिए कहा है-

चुगलखोर से बात न करना, खड़ा न रहना पास|
मियाँ बीबी दोनों मरे, भयो कुटुम्ब को नास||

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

नम्र निवेदन: वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव कॉमेंट बॉक्स में लिखें, यह आपको अच्छा लगा हो तो अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। धन्यवाद।
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏