श्री साईं परिचय व जीवन गाथा - Shri Sai Introduction & Life

श्री साईं बाबा के नाम से कोई विरला व्यक्ति ही होगा जो उनसे परिचित न हो| वे कलयुग के महान अवतार थे| उन्होंने किस देश, जाति, धार्मिक परिवार व कुल में जन्म लिया, यह कोई नहीं जानता| उनके पूर्वज कौन थे, उनके पिता व माता कौन थी, यह कोई नहीं जानता| 

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श्री साईं बाबा जी के ग्यारह वचन - Eleven Words of Shri Sai Baba Ji

सांईं बाबा जी के 11 वचनों के अनुसार वे आज भी अपने भक्तों की सेवा के लिए तुरंत ही उपलब्ध हो जाते हैं। आओ जानतें हैं कि सांईं बाबा जी के वो 11 वचन क्या हैं?

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श्री साईं व्रत के लाभ - Shri Sai Vrat Ke Labh - Benefits

श्री साईं बाबा व्रत के फलस्वरूप निम्नलिखित लाभ व फल प्राप्त हो सकते है: 

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श्री साईं नाम स्मरण - Shri Sai Naam Smaran - Name Chanting

जय ऊँ, जय ऊँ, जय जय ऊँ, ऊँ, ऊँ, ऊँ, ऊँ, जय जय ऊँ|

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श्री साईं बाबा का भोग - Shri Sai Baba Ji Ka Bhog

भोग लगाओ साईं बाबा रे मेरा प्रेम भरा प्रीति के पकवान बनाए और भाव भरे भोजन मैंने अपने हाथ से कहो तो मंगाऊं ताजा मेवा बर्फी पेड़ा पकवान रे मेरा प्रेम भरा थाल गंगा यमुना के नीर लाऊं प्रेम से पान कराऊं भोग लगाओ साईं बाबा रे

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श्री साईं वन्दना - Shri Sai Vandana

यह सौंप दिया सारा जीवन, साईंनाथ तुम्हारे चरणों में|
अब जीत तुम्हारे चरणों में, अब हार तुम्हारे चरणों में||  

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श्री साईं प्रार्थना - Shri Sai Prathna - Prayer

साईं कृपा से व्रत कथा लिखवाई, भक्तों के हाथों में पहुंची|
साईं गुरुवार व्रत करे जो कोई, उसका कल्याण तो हरदम होई|

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श्री साईं बाबा जी की आरती - Shri Sai Baba Ji Ki Aarti

शिर्डी के साईं बाबा न हिन्दू हैं, न मुसलमान, वे अपने भगतों के दुःख दर्द दूर करने मे पूर्ण रुपेन सक्षम माने जाते हैं| अपने जीवन काल मे इन्होंने बहुत से चमत्कार दिखाए| साईं जी के ११ वचनों के अनुसार आज भी वे अपने भक्तों की सेवा के लिए तुरंत ही उपलब्ध हो जाते हैं| साईं बाबा जी के चमत्कार विचित्र माने जाते हैं| भक्तजन बाबा की आरती द्वारा उन्हें स्मरण करते हैं।

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श्री साईं पद - Shri Sai Padd

साईं रहम नजर करना, बच्चों का पालन करना||

जाना तुमने जगत्पसरा, सब ही झूठ जमाना|| साईं...

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साईं बाबा की भक्तों को शिक्षाएं - अमृतोपदेश - Shri Sai Baba Ji Ki Bhakto Ko Shikshaye - Amritoupdesh

साईं बाबा ने अपने भक्तों के कल्याण के लिए अनेक शिक्षाएं अपने श्रीमुख से उच्चारित कीं, बाबा की इन सिक्षाओं में समस्त ग्रंथो का सार है| जो भी व्यक्ति बाबा की इन सिक्षाओं को अपनी जिन्दगी में उतार लेगा, वह इस भवसागर से पार उतर जाएगा|

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श्री साईं व्रत के नियम, उद्यापन विधि व कथा - Shri Sai Baba Ji Ke Vrat Ke Niyam, Udyapan Vidhi aur Katha

श्री साईं बाबा व्रत के फलस्वरूप निम्नलिखित लाभ व फल प्राप्त हो सकते है: पुत्र की प्राप्ति, कार्य सिद्धि, वर प्राप्ति, वधु प्राप्ति, खोया धन मिले, जमीन जायदात मिले, धन मिले, साईं दर्शन, मन की शान्ति, शत्रु शांत होना, व्यापार में वृद्धि, बांझ को भी बच्चे की प्राप्ति हो, इच्छित वास्तु की प्राप्ति, पति का खोया प्रेम मिले, परीक्षा में सफलता, यात्रा का योग, रोग निवारण, कार्य सिद्धि, सर्व मनोकामना पूर्ती, इत्यादि|

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चालीसा श्री साईं बाबा जी की - Chalisa Shri Sai Babaji Ki)

|| चौपाई ||

पहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।
कैसे शिरडी साई आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥

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और विष उतर गया - श्री साईं कथा व लीला

बाबा को द्वारिकामाई मस्जिद में आए अभी दूसरा ही दिन था कि अचानक मस्जिद के दूसरे छोर पर शोर मच गया - "काट लिया! काट लिया! काले नाग ने काट लिया|"

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साईं बाबा की जय-जयकार - श्री साईं कथा व लीला

दामोदर को सांप के काटने और साईं बाबा द्वारा बिना किसी मंत्र-तंत्र अथवा दवा-दारू के उसके शरीर से जहर का बूंद-बूंद करके टपक जाना, सारे गांव में इसी की ही सब जगह पर चर्चा हो रही थी|

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ऊदी का चमत्कार - श्री साईं कथा व लीला

साईं बाबा जब दामोदर तथा कुछ अन्य शिष्यों को साथ लेकर तात्या के घर पहुंचे, तो तात्या बेहोशी में न जाने क्या-क्या बड़बड़ा रहा था| उसकी माँ  वाइजाबाई उसके सिरहाने बैठी उसका माथा सहला रही थी| तात्या बहुत कमजोर दिखाई पड़ रहा था|

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ऊदी का एक और चमत्कार - श्री साईं कथा व लीला

दादू की आँखों के आगे अपनी माँ, बहन और बीमार पत्नी के मुरझाये चेहरे घूम रहे थे|

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महामारी से अनूठा बचाव - श्री साईं कथा व लीला

एक समय साईं बाबा ने लगभग दो सप्ताह से खाना-पीना छोड़ दिया था| लोग उनसे कारण पूछते तो वह केवल अपनी दायें हाथ की तर्जनी अंगुली उठाकर अपनी बड़ी-बड़ी आँखें फैलाकर आकाश की ओर देखने लगते थे| लोग उनके इस संकेत का अर्थ समझने की कोशिश करते लेकिन इसका अर्थ उनकी समझ में नहीं आता था|

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मिस्टर थॉमस नतमस्तक हुए - श्री साईं कथा व लीला

उस समय तक शिरडी गांव की गिनती पिछड़े हुए गांवों में हुआ करती थी| उस समय शिरडी और उसके आस-पास के लगभग सभी गांवों में ईसाई मिशनरियों ने अपने पैर मजबूती से जमा लिये थे|

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ब्रह्म ज्ञान पाने का सच्चा अधिकारी - श्री साईं कथा व लीला

साईं बाबा की प्रसिद्धि अब बहुत दूर-दूर तक फैल गयी थी| शिरडी से बाहर दूर-दूर के लोग भी उनके चमत्कार के विषय में जानकर प्रभावित हुए बिना न रह सके| वह साईं बाबा के चमत्कारों के बारे में जानकर श्रद्धा से नतमस्तक हो उठते थे|

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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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