🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeश्री साईं बाबा जीश्री साईं बाबा जी की लीलाएंबाबा का विचित्र शयन – श्री साईं कथा व लीला

बाबा का विचित्र शयन – श्री साईं कथा व लीला

साईं बाबा पूर्ण सिद्ध थे| उन्हें दुनियादारी से कोई सरोकार न था| बाबा अपनी समाधि में सदैव लीन रहते थे| सब प्राणियों से समान भाव से प्यार करते थे| बाबा का रहन-सहन भी बड़ा विचित्र था| बाबा सदैव फकीर के वेष में रहा करते थे| उनके सोने का ढंग भी बड़ा ही विचित्र था| बाबा मस्जिद में ही रहा करते थे और वहीं पर सोते भी थे|

“बाबा का विचित्र शयन” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

बाबा के सोने की जगह पर, ऊपर एक लकड़ी की तख्ती टंगी हुई थी| वह आठ फट के लगभग लम्बी और हथेली जितनी चौड़ी थी| जो फटी-पुरानी कपड़ों की चिन्दियों के सहारे झूले की तरह टंगी हुई थी| चिंदिया हालांकि पतलों और कमजोर थीं| उनके द्वारा तख्ती को झूले की तरह लटकाकर उस पर बाबा का सोना लोगों के लिए बड़े ही आश्चर्य का विषय था| वे सोचते थे कि जब बाबा इस पर सोते होंगे तो यह बाबा का वजन कैसे उठा पाती होगी| पर, लोग बाबा की लीला से शायद परिचित नहीं थे|

जब साईं बाबा सोते थे तो वह दृश्य बड़ा ही लुभावना होता था| बाबा के सिर और पैरों की तरफ मिट्टी के दीये जलते रहते थे| देखने वाले यह नहीं जान पाते थे कि बाबा कब इस तख्ती पर चढ़ते और उतरते हैं ? साईं की लीला तो बस साईं ही जानें| जब बाबा के शयन को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगने लगी तो एक दिन बाबा ने उस तख्ती को तोड़कर फेंक दिया और फिर सदैव टाट के टुकड़े पर ही शयन करने लगे| बाबा को आठों सिद्धियां और नवनिधियां हासिल थीं, पर बाबा ने अपने जीवन में कभी किसी चमत्कार का प्रदर्शन नहीं किया|

Shri Sai Baba Ji – Buy beautiful handpicked products

Click the button below to view and buy over 20000 exciting ‘SHRI SAI’ products

20000+ Products
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏