🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeशिक्षाप्रद कथाएँपरीक्षा की शुरुआत

परीक्षा की शुरुआत

परीक्षा की शुरुआत

हरिश्चंद्र के जाने के उपरांत विश्वामित्र ने मन ही मन सोचा, ‘देखूं तो कैसा दाता है हरिश्चंद्र| इसकी परीक्षा लेनी चाहिए|”

“परीक्षा की शुरुआत” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

ऐसा सोचकर विश्वामित्र ने अपनी दाढ़ी का एक बाल तोड़कर धरती पर पटका तो एक भयानक सूअर गर्जना करता हुआ वंहा प्रकट हो गया| विश्वामित्र से वह सूअर मनुष्य की बोली में बोला, “मेरे लिए क्या आज्ञा है गुरुदेव?”

विश्वामित्र ने हाथ उठाकर उसे आदेश दिया,” जाओ, राजा हरिश्चंद्र की राजधानी अयोध्या में जाओ और उसका सारा उपवन उजाड़ दो| जब राजा तुम्हें मार डालना चाहे तो उससे अपने प्राणों की भीख मांगना|”

“जो आज्ञा गुरुदेव!” सूअर बोला और पलटकर तेज गति से अयोध्या की ओर चल पड़ा|

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏