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बड़ी लकीर… छोटी लकीर (बादशाह अकबर और बीरबल)

बादशाह अकबर ने कागज पर कलम से एक लकीर खींचकर बीरबल से कहा – “बीरबल इस लकीर को बिना मिटाए, बिना छड़े कैसे छोटा किया सकता है?”

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बीरबल ने तुरन्त ही उस लकीर के साथ एक और बड़ी लकीर खींची और अकबर से कहा – “जहांपनाह, आपकी लकीर बिना मिटाए, बिना छेड़े छोटी हो गई|”

बीरबल की इस चतुराई पर बादशाह अकबर मुस्कराए बिना न रह सके|

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

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