🙏 धर्म और आध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाने में हमारा साथ दें| 🙏
Homeभजन संग्रहश्री गौरी अम्बे माँ के भजनकभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना

कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना

भजन संग्रह - श्री गौरी अम्बे माँ के भजन - कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना

कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे,
निर्धन के घर भी आ जाना ।
जो रुखा सूखा दिया हमें,
कभी इसका भोग लगा जाना ।

ना छत्र बना सका सोने का,
ना चुनरी तेरी सितारों जड़ी ।
ना बर्फी न पेड़ा माँ,
श्रद्वा के नयन विछाये खड़ा ।
इस अर्जी को न ठुकराना ।

जिस घर के दीये में तेल नहीं,
तेरी ज्योति जगाऊँ माँ कैसे ।
जहाँ मैं बैठूँ वहाँ बैठ कर हे माँ,
बच्चों का दिल बहला जाना ।

तू भाग्य बनाने वाली है,
मैं हूँ तकदीर का मारा माँ ।
हे दाती संभालो भिखारी को,
आखिर तेरी आँख का तारा हूँ ।
मैं दोषी तू निर्दोष है माँ,
मेरे दोषों को भुला जाना ।

कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे,
निर्धन के घर भी आ जाना ।

 

Spiritual & Religious Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 700,000 exciting ‘Spiritual & Religious’ products

700,000+ Products

 

हे माँ म
🙏 धर्म और आध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाने में हमारा साथ दें| 🙏