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गरदन का दर्द के 11 घरेलु उपचार – 11 Homemade Remedies for Neck pain

गरदन का दर्द लोगों को प्राय: हो जाता है| ऐसे में गरदन को इधर-उधर घुमाने में काफी दर्द होता है| कभी-कभी लापरवाही के कारण गरदन में सूजन भी आ जाती है| गरदन में दर्द और सूजन होने पर तुरंत उपचार करना चाहिए तथा किसी योग्य वैद्य या चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए|

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गरदन दर्द के 11 घरेलु नुस्खे इस प्रकार हैं:

1. मेथी

मेथी के दानों को पीसकर लेप तैयार कर लें| फिर इस लेप को सुबह, दोपहर और शाम को गरदन पर लगाएं|


2. असगंध, सोंठ और दूध

असगंध और सोंठ (पिसी हुई) – दोनों एक-एक चम्मच लेकर सुबह-शाम दूध से सेवन करें|


3. अजवायन और हींग

एक पोटली में अजवायन और जरा-सी हींग बांध लें| फिर इसे तवे पर बार-बार गरम करके गरदन की सेंकाई करें|


4. सरसों और लौंग

सरसों के तेल में चार लौंग डालकर उसे अच्छी तरह पका लें| इस तेल से गरदन की चारों तरफ से मालिश करें|


5. लहसुन और सरसों

लहसुन की दो पूतियां 100 ग्राम सरसों या तिली के तेल में पकाकर वह तेल गरदन पर मलें|


6. एरंड और दूध

एरंड के बीजों की 5 ग्राम मींगी लेकर दूध में पीस लें| फिर रोगी को रात में सोते समय पिलाएं| इससे गरदन तथा कमर का दर्द जाता रहता है|


7. सोंठ और सरसों

10 ग्राम सोंठ का चूर्ण सरसों के तेल में पका लें| फिर छानकर गरदन पर ऊपर से नीचे की और मलें|


8. पपीता और सरसों

पपीते का पत्ता लेकर उसे आंच दिखाएं| फिर उसमें सरसों का तेल चुपड़ें| इस पत्ते को गरदन पर लपेटकर ऊपर से ढीली करके पट्टी बांध दें|


9. ग्वारपाठा और सरसों

ग्वारपाठा लेकर इसका गूदा निकाल लें| फिर सरसों के तेल में भूनकर इसकी टिकिया बनाएं| यह टिकिया दर्द वाले स्थान पर बांधें|


10. जायफल

जायफल पीसकर चंदन की तरह गरदन पर लेप करें|


11. राई और सरसों

राई तथा सरसों का तेल मिलाकर गरदन पर धीरे-धीरे मालिश करें|

 

गरदन दर्द का कारण

जो लोग एक तरफ गरदन मोड़कर बैठते हैं या फिर रात को एक करवट सोते हैं, उनकी गरदन अकड़ जाती है क्योंकि नसों द्वारा खून का संचरण उचित रीति से नहीं हो पाता| कुछ लोग गद्दे पर सोते हैं तो उनकी गरदन गद्दे में धंस जाती है और दर्द करने लगती है| गरदन उचकाकर एक ही दिशा में देखने के कारण भी गरदन में दर्द पैदा हो जाता है| सिर पर बोझ रखकर उठाने तथा सर्दी-गरमी से गरदन का प्रभावित हो जाना भी दर्द का कारण बन जाता है|

गरदन दर्द की पहचान

गरदन में दर्द होने के कारण उसे आगे-पीछे घुमाना या मोड़ना कठिन हो जाता है| गरदन में चटख भी पैदा हो जाती है| गरदन में अकड़न की स्थिति उत्पन्न हो जाती है| कई बार नसें भी चटखने लगती हैं|

NOTE: इलाज के किसी भी तरीके से पहले, पाठक को अपने चिकित्सक या अन्य स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता की सलाह लेनी चाहिए।

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