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पतीले की मृत्यु (बादशाह अकबर और बीरबल)

बादशाह अकबर को बर्तनों के एक व्यापारी की बहुत अधिक शिकायतें मिल रही थीं| उन्होंने बीरबल को बुलाया और उसे मामले को सुलझाने को कहा| बीरबल ने अपनी तरफ से छानबीन की तो पाया कि वाकई व्यापारी ठगी कर रहा था| बीरबल ने उसे सबक सिखाने की ठान ली|

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एक दिन बीरबल व्यापारी के पास गया और दो दिन के लिए दो पतीले कराए पर लिए| दो दिन बाद बीरबल दो पतीलों के साथ एक छोटा पतीला लेकर व्यापारी के पास पहुंचा और तीनों पतीले व्यापारी को देते हुए बोला – “जनाब! आपके दोनों पतीलों ने एक नए पतीले को जन्म दिया है, कृपया इसे भी साथ ले लें|”

व्यापारी को ताज्जुब हुआ| किन्तु उसने लालच में आकर तीसरे पतीले को भी रख लिया|

कुछ दिन बाद बीरबल पुन: व्यापारी के पास गया और एक बड़ी देग (पतीला) किराए पर ली|

दो दिन बाद बीरबल खाली हाथ व्यापारी के पास पहुंचा तो व्यापारी ने पूछा – “देग कहां है?”

“जनाब, बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ता है कि आपके देग की मृत्यु हो गई है|” बीरबल ने कहा|

“यह क्या कर रहे हो… देग भी कभी मरता है?”व्यापारी गुस्से से तमतमा गया|

“क्यों नहीं मर सकता, जब पैदा कर सकता है तो मर भी सकता है|” बीरबल ने सहज भाव से कहा|

व्यापारी सारी बात समझ गया, बीरबल ने जब उसे समझाया तो उसने वादा किया कि वह अब कभी बेईमानी नहीं करेगा|

बादशाह अकबर को जब सारा किस्सा पता चला तो वह खूब हंसे|

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