🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeसिक्ख गुरु साहिबानश्री गुरु अमर दास जीश्री गुरु अमर दास जी - साखियाँगुरु जी का डल्ले गांव में उपदेश – साखी श्री गुरु अमर दास जी

गुरु जी का डल्ले गांव में उपदेश – साखी श्री गुरु अमर दास जी

गुरु जी का डल्ले गांव में उपदेश

गुरु जी अपने आसन पर विराजमान थे| कुछ सिक्ख गुरु जी के दर्शन करने के लिए पहुंचे|

गुरु जी का डल्ले गांव में उपदेश सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

उन्होंने गुरु जी से प्रार्थना की कि महाराज! हमारा उद्धार किस प्रकार सम्भव है? हमें आप ऐसा उपदेश दें जिससे हमारा उद्धार हो जाए| गुरु जी कहने लगे कि अहंकार बंधन का रूप है| यह सबको भ्रष्ट किए हुए है| जिसके कारण हम परमेश्वर से दूर हो जाते है| इसकी याद हमें भूल जाती है| अहंम भाव को त्यागना आवश्यक है, जब तक आप अपने इस भाव का त्याग नहीं करेंगे तब तक आपकी सुरति इस परमात्मा से नहीं जुड़ सकती| अहंम भाव को त्याग कर अपनी लिव इस निरंकार से जोड़ो| किसी से ईर्ष्या व द्वेष का भाव न रखो| समदृष्ट्रि अपनाओ| सहनशीलता का भाव धारण कर लो| इससे ही आपका उद्धार होगा| सिक्खो की विशेष सेवा करो|

उनको कपड़े सिलकर पहनाओ| वस्त्र अगर मैले हैं तो उन्हें धोकर साफ करो| गुरसिक्खों और साधु-सन्तों के कपड़े साफ करने से आपका मन साफ हो जाएगा| बुराइयों की मैल निकल जाएगी| आपका गुरु से मेल हो जाएगा| सत्य का संग करो| श्रद्धा भाव से सेवा और नाम का स्मरण करने से आपका उद्धार हो जाएगा|

Khalsa Store

Click the button below to view and buy over 4000 exciting ‘KHALSA’ products

4000+ Products

 

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏