🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏
Homeशिक्षाप्रद कथाएँहथेली पर बाल क्यों नहीं (बादशाह अकबर और बीरबल)

हथेली पर बाल क्यों नहीं (बादशाह अकबर और बीरबल)

हथेली पर बाल क्यों नहीं (बादशाह अकबर और बीरबल)

बादशाह अकबर को ठिठोली सूझी, बोले – “बीरबल मेरी हथेली पर बाल क्यों नहीं हैं?”

“हथेली पर बाल क्यों नहीं” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

“हुजूर रोज अपने हाथों से गरीबों और जरूरतमन्दों को दान आदि देते हैं, इसी कारण आपकी हथेली पर बाल टिक नहीं पाते|”

“अच्छा! लेकिन तुम्हारी हथेली पर बाल क्यों नहीं हैं?”

“इन्हीं हाथों से आपसे दान लेता रहता हूं, इसलिए मेरी हथेली पर भी बाल नहीं टिकते|”

बीरबल की सूझबूझ से अकबर प्रसन्न हुए, लेकिन उन्होंने फिर पूछा – “अच्छा बीरबल, इन दरबारियों के हाथ पर बाल क्यों नहीं हैं?”

“हुजूर, सीधी-सी बात है… आप दान देते हैं और मैं दान लेता हूं, ऐसे में यह बेचारे दरबारी हाथ मलते रहते हैं, इसलिए इनकी हथेली पर भी बाल नहीं टिकते|”

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

नम्र निवेदन: वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव कॉमेंट बॉक्स में लिखें, यह आपको अच्छा लगा हो तो अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। धन्यवाद।
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏