🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏
Homeशिक्षाप्रद कथाएँबेवकूफी की सजा (बादशाह अकबर और बीरबल)

बेवकूफी की सजा (बादशाह अकबर और बीरबल)

बेवकूफी की सजा (बादशाह अकबर और बीरबल)

एक बार अकबर की ओर से बीरबल किसी शाही दावत में गया हुआ था| अगले दिन जब बीरबल दरबार में लौटा तो बादशाह ने उससे शाही दावत और उसमें बने भोजन के बारे में पूछा|

“बेवकूफी की सजा” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

बीरबल उस दावत में बने पकवानों का वर्णन कर ही रहा था कि अचानक बादशाह अकबर को कोई और काम याद आ गया और उन्होंने बीरबल को उस काम में लगा दिया| इस तरह शाही दावत का वर्णन अधूरा ही रह गया|

कुछ दिन बीतने के बाद अचानक बादशाह अकबर को याद आया कि उस दिन शाही दावत में बने भोजन का वर्णन अधूरा रह गया था| उन्होंने सोचा शायद बीरबल अब तक उस बात को भूल चुका होगा, अत: उन्होंने बीरबल की याददाश्त को परखने के उद्देश्य से पूछा-“बीरबल! और क्या था?”

बीरबल समझ गया कि बादशाह उस दावत के बारे में ही पूछ रहे हैं| अत: उसने तुरन्त कहा – “हुजूर, और कढ़ी थी|”

बादशाह अकबर बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने बीरबल को परस्कार दिया| यह देखकर कई दरबारी जल उठे| उन्हें वास्तवकिता को पता था नहीं, उन्हें लगा कि बादशाह को कढ़ी बहुत पसंद है| अत: अगले दिन बहुत से बेवकूफ किस्म के दरबारी अपने घर से कढ़ी की हांडी लेकर दरबार में उपस्थित हुए| जब बादशाह अकबर ने पूछा कि यह सब क्या है तो वे बोले – “हुजूर, आपको कढ़ी बेहद पसंद है न, इसलिए हम सब आपके लिए कढ़ी लाए हैं|”

बादशाह अकबर को गुस्सा आ गया, बोले-“तुम सब बेवकूफ हो, तुम्हें बात का पता ही नहीं और मुझे खुश करने के लिए कढ़ी ले आए| तुम बेवकूफों की सजा यह है कि अभी आज के लिए दरबार से बर्खास्त किए जाते हो|”

सभी मुंह लटकाकर दरबार से चले गए|

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

नम्र निवेदन: वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव कॉमेंट बॉक्स में लिखें, यह आपको अच्छा लगा हो तो अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। धन्यवाद।
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏