🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏
Homeधार्मिक ग्रंथसम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता02. सांख्ययोगक्षत्रिय का धर्म युद्ध (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 2 शलोक 31 से 38)

क्षत्रिय का धर्म युद्ध (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 2 शलोक 31 से 38)

क्षत्रिय का धर्म युद्ध (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 2 शलोक 31 से 38)

“सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 2 शलोक 31 से 38” हिन्दी में सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

“सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 2 शलोक 31 से 38” अंग्रेजी में सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 31

श्रीभगवान बोले (THE LORD SAID):

स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि।
धर्म्याद्धि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियस्य न विद्यते॥2- 31॥

H अपने खुद के धर्म से तुम्हें हिलना नहीं चाहिये क्योंकि न्याय के लिये किये गये युद्ध से बढकर ऐक क्षत्रीय के लिये कुछ नहीं है||

E In view of your own dharm, too, it is unworthy of you to fear, for there is nothing more propitious for a Kshatriya than a righteous war.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 32
यदृच्छया चोपपन्नं स्वर्गद्वारमपावृतम्।
सुखिनः क्षत्रियाः पार्थ लभन्ते युद्धमीदृशम्॥2- 32॥

H हे पार्थ, सुखी हैं वे क्षत्रिय जिन्हें ऐसा युद्ध मिलता है जो स्वयंम ही आया हो और स्वर्ग का खुला दरवाजा हो||

E Blessed indeed, O Parth, are the Kshatriy who, without seeking, come upon such a war which is like an open door to heaven.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 33
अथ चेत्त्वमिमं धर्म्यं संग्रामं न करिष्यसि।
ततः स्वधर्मं कीर्तिं च हित्वा पापमवाप्स्यसि॥2- 33॥

H लेकिन यदि तुम यह न्याय युद्ध नहीं करोगे, को अपने धर्म और यश की हानि करोगे और पाप प्राप्त करोगे||

E And if you do not engage in this righteous war, you will lose the dharm of your Self and glory, and be guilty of sin.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 34
अकीर्तिं चापि भूतानि कथयिष्यन्ति तेऽव्ययाम्।
सम्भावितस्य चाकीर्तिर्मरणादतिरिच्यते॥2- 34॥

H तुम्हारे अन्तहीन अपयश की लोग बातें करेंगे| ऐसी अकीर्ती एक प्रतीष्ठित मनुष्य के लिये मृत्यु से भी बढ कर है||

E And all will for ever speak of your disgrace and such disgrace is worse than death itself for a man of honour.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 35
भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते त्वां महारथाः।
येषां च त्वं बहुमतो भूत्वा यास्यसि लाघवम्॥2- 35॥

H महारथी योद्धा तुम्हें युद्ध के भय से भागा समझेंगें| जिनके मत में तुम ऊँचे हो, उन्हीं की नजरों में गिर जाओगे||

E Even the great warriors who have a high regard for you will then scorn you for having turned your back upon the war out of fear.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 36
अवाच्यवादांश्च बहून्वदिष्यन्ति तवाहिताः।
निन्दन्तस्तव सामर्थ्यं ततो दुःखतरं नु किम्॥2- 36॥

H अहित की कामना से बहुत ना बोलने लायक वाक्यों से तुम्हारे विपक्षी तुम्हारे सामर्थ्य की निन्दा करेंगें। इस से बढकर दुखदायी क्या होगा||

E There can be nothing more painful for you than the disparaging and improper words your adversaries will speak against your valour.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 37
हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम्।
तस्मादुत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चयः॥2- 37॥

H यदि तुम युद्ध में मारे जाते हो तो तुम्हें स्वर्ग मिलेगा और यदि जीतते हो तो इस धरती को भोगोगे। इसलिये उठो, हे कौन्तेय, और निश्चय करके युद्ध करो||

E Rise up with determination for the war because if you die in it you will attain to heaven and, if you win, you will attain to the most exalted glory.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 2 शलोक 38
सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।
ततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि॥2- 38॥

H सुख दुख को, लाभ हानि को, जय और हार को ऐक सा देखते हुऐ ही युद्ध करो। ऍसा करते हुऐ तुम्हें पाप नहीं मिलेगा||

E You will not incur sin if you get up and fight the war, treating victory and defeat, profit and loss, and happiness and sorrow, alike.

Spiritual & Religious Store – Buy Online

View 100,000+ Products
Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

नम्र निवेदन: वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव कॉमेंट बॉक्स में लिखें, यह आपको अच्छा लगा हो तो अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। धन्यवाद।
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏