🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeभजन संग्रहश्री साईं बाबा जी के भजनतन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है

तन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है

भजन - श्री साईं बाबा जी - तन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है

तन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है
साई नाथ साई नाथ साई नाथ
एक तग सारे देख रहे है अपने साई नाथ खड़े है

तन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है
साई नाथ साई नाथ साई नाथ

साई मन्दिर में पहुच चुके है भक्त तुम्हारे भोर हुए
अदभुध छवि निराली देख के सब आतम विभोर हुए
छुकर इन पवन चरणों को आन्दित हम और हुए
एक तग सारे देख रहे है अपने साई नाथ खड़े है

तन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है
साई नाथ साई नाथ साई नाथ

देवी देवता और मुनिवर खड़े है सब तुझको घेरे
प्रेम की गंगा उमड़ परी है आए है जो द्वार तेरे
मन में कैसे लहर उठी है लगते है सब हरिश्वरे
एक तग सारे देख रहे है अपने साई नाथ खड़े है

तन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है
साई नाथ साई नाथ साई नाथ

अपने भक्तों पर कृपा करके हर लेते हो दुःख सबके
जीवन नैया पार करने में लगे न तुमको एक घड़ी
एक तग सारे देख रहे है अपने साई नाथ खड़े है

तन मन की सूद बिसर गई है सम मुख साई नाथ खड़े है
साई नाथ साई नाथ साई नाथ

 

Spiritual & Religious Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 700,000 exciting ‘Spiritual & Religious’ products

700,000+ Products

 

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏