Home2011October (Page 13)

एक बेचारा गधा भूखा प्यासा इधर-उधर घूमा करता था| एक दिन उसकी मित्रता एक गीदड़ के साथ हो गई| गीदड़ के साथ रहकर वह गधा खूब मौज मस्ती मारता| इस प्रकार वह दिन रात मोटा होने लगा|

“Yudhishthira said, ‘Through inducements offered by wealth, or throughmere lust, or through ignorance of the true order of birth (of both malesand females), or through folly, intermixture happens of the several orderWhat, O grandsire, are the duties of persons that are born in the mixedclasses and what are the acts laid down for them? Do thou discourse to meon this!’

एक बार भगवान विष्णु जी शेषनाग पर बेठे बेठे बोर होगये, ओर उन्होने धरती पर घुमने का विचार मन मै किया, वेसे भी कई साल बीत गये थे धरती पर आये, ओर वह अपनी यात्रा की तेयारी मे लग गये, स्वामी को तेयार होता देख कर लक्ष्मी मां ने पुछा !

1 [स] अथ तव इदानीं तुमुले विमर्दे; दविषद्भिर एकॊ बहुभिः समावृतः
महाभये सारथिम इत्य उवाच; भीमश चमूं वारयन धार्तराष्ट्रीम
तवं सारथे याहि जवेन वाहैर; नयाम्य एतान धार्तराष्ट्रान यमाय