🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏

गुरु जी की बाल लीला – साखी श्री गुरु नानक देव जी

गुरु जी की बाल लीला

गुरु नानक देव जी जब 5 वर्ष के हुए तो उन्होंने बच्चों के साथ खेलना शुरू कर दिया| गुरु जी सभी बालकों को इतना प्यार करते थे कि उन्हें खाने व खेलने की वस्तुएँ घर से लाकर बाँट देते|

“गुरु जी की बाल लीला – साखी श्री गुरु नानक देव जी” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

आप के ऐसे दयालु स्वभाव को पिता महिता कालू अच्छा नहीं समझते थे| जिस कारण वह कई बार आपसे क्रोधित हो गए|

परन्तु आपके ऐसे दयालु व उदार स्वभाव की लोग प्रशंसा करते और बालक आपसे प्यार करते|

श्री गुरु नानक देव जी – जीवन परिचय

 

श्री गुरु नानक देव जी – ज्योति ज्योत समाना

Khalsa Store

Click the button below to view and buy over 4000 exciting ‘KHALSA’ products

4000+ Products

 

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏