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खुश कैसे रहें : 26 तरीके खुश रहने के

खुश कैसे रहे: 26 तरीके खुश रहने के

विज्ञान अनुसार खुश रहने की संपूर्ण  गाइड

इन 26 तरीको का प्रयोग करें व् अपने जीवन को खुशहाल बनाएँ| 

1 पहले क्या करना है, यह ढूँढे

आप कैसे खुश रहने के गुर सिख सकते हैं यदि आपको यही नहीं पता की आप कौन से काम को प्रथम स्थान दे रहें हैं? इसीलिए यह बहुत लाभदायक होगा अगर आप इक क्विज़ खेले और अपने अंदर की ख़ुशी सम्बंधित कमियों व् मजबूतियों को जाने उनका आंकलन करे।  तभी आप सीखेगी की कैसे अपनी कमियों को दूर करके आप ख़ुशी वाले पहलु बढ़ा सकते है।

 

2 स्वयं के विश्वास को दृढ़ करे

आप अपनी ख़ुशी को बढ़ाने की चिंता क्यों करते है यदि आपकी यही सोच है की आप उस में कामयाब नहीं होंगे। यही कारण है आपको अपनी योग्यता बनानी होगी ताकि आप खुद को साबित कर सको की आप अपनी ख़ुशी को बड़ा सकते हैं। इसे करने का बेहतर तरीका यह होगा की आप इसकी शुरुआत छोटी-छोटी चीजों से करे जैसे की किसी का आभार व्यक्त करना, छोटे-छोटे फन वाली हरकते करना। जितने की आदत डालना तब आप महसूस करेंगे अपना आत्म विश्वास जो आपके जीवन को बदल कर रख देगा।

 

3 अपने विकास को खुद के बारे में अच्छा महसूस करके सीखें

पाक कला में निपुण होने के लिए आप गणित का अभ्यास नहीं कर सकते है, न ही आप अपना वजन कम करने के लिए कोई भाषा सीखोगे? और भी खुश होने के लिए जाहिर सी बात है आप अपना ध्यान उस तरफ केंद्रित करोगे जिस दिशा में आपकी खुशी के तार जुड़े हुए है। मेरी रिसर्च के दौरान वो गुर जो सबसे ज्यादा ख़ुशी से सम्बंधित है वो है खुद का सकारत्मक आंकलन करना। अपने को अच्छा महसूस करवाने के बारे में सीखना। उदाहरण के लिए अपने बारे में कल्पना करना अपने पॉजिटिव गुणों को नोट करना अपनी मजबूतीयो को पहचानना  ये सब आपकी ख़ुशी को लम्बे समय तक के लिए बढ़ा  सकता है|

 

4 अपनी मानसिकता को खुश रखे

अपनी मानसिकता को हमेशा खुशी वाले मोड पे ही रखे अगर आप ऐसे करेंगे तो पाएंगे की आपकी ख़ुशी दुगुनी हो रही हिअ वर्ण आपको कुछ भी नहीं मिलेगा ख़ुश रहने की मुख्य वजह खुश मानसिकता भी है।

आप कसिए खुश रह पाएंगे तब तक आप अपने काम के बोझ से लाडे हुए है तनाव ग्रस्त है ये बहुत कठिन है ऐसे गुरो को अपने अंदर लाना जो आपको खुश रहने में सहायी सिसिद्ध हो क्यूंकि यह आपसे समय व् ऊर्जा दोनों लेंगे जिसके लिए आपको अपनी काम की ज़िन्दगी को संतुलित बनाना होगा|

 

5 काम में संतुलन बनाये रखे

क्या आप खुश होने की लेश मात्र भी कल्पना कर सकते है जब आप अपने काम से ही बुरी तरह थके मादे  व् तनावग्रस्त हो.बिलकुल भी नहीं। ऐसे मे यदि आपको खुश रहने का कौशल सीखना है तो अपने काम में संतुलन बनाके रखना होगा तभी आप इस काम के लिए समय व् ऊर्जा दोनों दे पाएंगे।

 

6 हमेशा अच्छी यादें सहेजे

अभ्यास करने से हमारे दिमाग का हर हिस्सा बलशाली होता है या यूँ कह सकते है की सुढृढ़ बनता है। यदि हमारा मस्तिष्क बुरी या नकारत्मक बातो को सहेज कर रख सकता है तो वह अच्छी बातो को भी याद रखने में उतना ही लाभदायक सिद्ध हो सकता है|

 

7 बुराई में अच्छाई छांटे

अगर हम हमेशा ही अपने अनुभवों  में बुराई देखते रहेंगे तो कभी भी खुश नहीं हो पाएंगे बेहतर यही होगा की इन सभी बातो में से हमेशा कुछ अच्छा ढूंढ़ने की कोशिश करे जो की हमारे जीवन को सही दिशा दे। आप यदि नेगेटिव में से पॉजिटिव ढूंढोगे तो बहुत कुछ अच्छा पाओगे जो की आपकी ख़ुशी को चार गुणा करेगा।

 

8 सोशल मीडिया से दूरी बनाये

फेसबुक जैसी सोशल साइट्स हमारी ख़ुशी को ग्रहण लगाती है बेहतर होगा इनसे दूरी बनाये या फिर इनके  प्रयोग  का तरीका बदले तभी आप प्रसन्न रह सकेंगे।

 

9 खर्चे कम, ख़ुशी अधिक पाए

पैसे से आप कभी भी ख़ुशी नहीं ख़रीद सकते न ही खुद को खुश रख सकते है  . अगर हम महंगी कार या बंगला लेने की कल्पना करे या ले भी ले तो भी ये आपको खुश नहीं कर पाएंगे। इसके उल्ट यदि आप यही पैसे अपने किसी दोस्त को उपहार देकर या किसी साहसिक कार्य  में लगाएंगे तो खुद को ज्यादा प्रसनचित पाएंगे|

 

10 विनम्र बने

जब हम दूसरो से विनम्रता से पेश आते है तो स्वयं के बारे में अच्छा महसूस होता है तो इसीलिए हमेशा दूसरो से  अच्छा व्यवहार करे अच्छे  कार्य करे दूसरो की भलाई करे सबसे इज्जत से पेश आये आप खुद को खुश पाएंगे|

 

11 अपनी नकारत्मक सोच के ताने बाने को बदले

जरा इसका सामना करिए : कई बार हम खुद को वैसा बना देते है जैसा हम सोचते है। जैसे की मेरे साथ ऐसा घटिया कैसे हुआ मुझे वो क्यों नहीं मिला जो मैं चाहता था यह नेगेटिव बातें , खुद को दोषी ठहराना ,झल्लाना ,खीजना। … यह सब सोच का वह घटिया चक्र है जो आपको कभी आगे नहीं बढ़ने देंगा न ही खुश करेगा।तो इसीलिए जरुरी हो जाता है की हम सोच के घोड़ों के ऊपर लग़ाम कसे व् उसको सही व् अच्छी दिशा में लाये|

 

12 जीवन में स्पष्टता लाये

जब आप ही अपने जीवन में स्पष्ट नहीं हो की क्या सोच रहे हो व् क्यों सोच रहे तब तक आगे कैसे जाओगे ? खुश होने के लिए आपको अपनी भावनाओं पर काबू  लाना होगा व् देखना होगा की आप ऐसे क्यों हो या किस कारण से ऐसा हो रहा है।

 

13 अपनी मूल्यों से जियें

जब आप अपने जीवन के मूल्यों का निकट होकर विश्लेषण करेंगे तो जानेगे की आपको खुश होने के लिए जो चाहिए वो है मगर आप फिर भी उसको पा  नहीं रहे हो क्यूंकि आप जीवन को अपने सिंद्धातों व् मूल्यों के हिसाब से नहीं जी रहे हो जो की आपकी ख़ुशी को छीन रहा है|

 

14 हमेशा अच्छे पर ध्यान रखे

यह बात सही है की कई बार ज़िन्दगी बहुत कठोर हो जाती है परन्तु अगर आप इस हालत में भी अच्छे पर ध्यान  केंद्रित करोगे तो ख़ुशी पाओगे बस उस पल को अपने दिमाग में सहेज ले ताकि जब कभी भी आप ऐसे\ पल में खुद को पाए तो इसी अच्छी बात को सोच कर खुश हो सके। या फिर अपने भविष्य के बारे में सोचे तथा अच्छा महसूस करे।

15 अपनी मर्जी की ज़िन्दगी की कल्पना कीजिये

क्या आप जानते है  की आपके दिमाग  को कितनी मुश्किल आती है इस  बात का अंतर समझने में की आपकी असली ज़िन्दगी में क्या घटित हो रहा है व्  काल्पनिक में क्या ? तो जब आप ख़ुशी की भी कल्पना करते हो तब भी आपका दिमाग यही समझता है की यह वास्तव मे  हो रहा है  .क्यों न हम इसका फायदा ले व् खुद को खुश रखने का हमेशा अनुभव ले।

 

16 सावधान व् सुचेत रहें

कई बार हम बचने या भागने की कोशिश करते है। हमे यह संसार बेहद डरावना व् भयानक प्रतीत  होता है ,किन्तु ज़रा सी सुचेतता बरतने से हम नेगेटिव या पॉजिटिव दोनों का अनुभव ले सकते है  अपने जीवन को और भी व्यस्त कर सकते है|

 

17 आपके लिए ख़ुशी के क्या मायने है इसका जरा अवलोकन करें

हम सबके लिए ख़ुशी के अलग अलग मतलब है सबकी अपनी परिभाषा है अगर हमें यह स्पष्ट होगा की ख़ुशी क्या है, कैसे महसूस होती है आदि तब आपके लिए खुद की ख़ुशी को पाना और भी आसान हो जायेगा।

 

18 ज़िन्दगी के पीछे जाये

हर बार की तरह करने वाले कामो से आप कैसे खुद की ज़िन्दगी को बदल सकते है ? वास्तव में यह बहुत कठिन है ,जरुरत है खुद को थोड़ा सा धक्का देने की ,अपने डर को ख़तम करके ज़िन्दगी को इक नए उत्साह से जीने की आगे बढ़ने की।  खुद को जरा ज़िन्दगी के उल्ट दिशा में लिजा कर कोई काम करे व् देखे कैसे आपका दिमाग लचकीला बनता है व् आपको आनंद प्राप्ति देता है।

 

19 आगे बढ़े  व् बोले

जब हम अपनी जिंदगी में लोगो  को घुसने देते है तो अक्सर दुखी हो जाते है ,इसके विपरीत जब हम अपनी बात को आत्म विश्वास से दूसरो के सामने रखने में खुद को सक्षम बनाते है तो पाते  है की ज़िन्दगी बड़ी  आनंद भरपूर है व् हमारे इख्तयार  में है।

 

20 अपने उद्देश्य को जाने

हम सब  इस संसार में अपनी इक छाप छोड़ना चाहते है मगर यह नहीं जान पाते  की क्या करना है व् कैसे करना है ?जरा ढूंढिए उस उद्देश्य को जिसकी पूर्ति से आपकी इक अमिट  छाप इस दुनिया में रह सकती है|

 

21 सार्थक रिश्ते या संबंध बनाये

क्या आप जानते है की हम ज्यादा खुश तब होते है जब दूसरो के साथ होते है। तो इसका सर यह हुआ की हमें दूसरो से साथ सार्थक  सम्बन्ध बनाने चाहिए। इन रिश्तो को और भी मजबूती देने के लिए इनमें दया ,करुणा ,व् प्यार का भाव होना अति जरुरी है।

 

22 सुखात्मक ट्रेडमिल से उतरे

सुखात्मक ट्रेडमिल से भाव हमारी उस प्रवृति से है जो हमें हमारी मूल ख़ुशी की तरफ लेकर जाती है। आप समय समय पर अपनी शरीर के खान -पान, पोषण व् व्यायाम के बदलाव से अपनी प्रवृति को बदल सकते है। ख़ुशी के स्तर को बढ़ाने के लिए आपको अपने कम्फर्ट जोन से बाहर आना होगा व् ख़ुशी पाने के तरीको में बदलाव लाते  रहना होगा।

 

23 खुद को उत्तरदायी बनाये

हम कई बार चीजे यह कह देते है की करते है, चाहे हमने उनके लिए कैलेंडर में  इक समय निश्चित किया हो।  हम सही दिशा में तब भी चल सकते है जब खुद को उत्तरदायक बनाये। यदि आपको खुश होना है तो उसे किसी कारण या बहानो  के लिए न छोड़े|

 

24 सत्संग करे

यदि आप किसी भी तरह के सत्संग में जाते हैं तो आप पाएंगे कि आपको असीम आनंद की अनुभूति हो रही है, क्यूंकि वहाँ पे आपको सिर्फ और सिर्फ पॉजिटिव माहौल, बातें व् लोग मिलते हैं जिनके कारण वहाँ  वातावरण आनंदमई  प्रतीत होता है। ऐसे मौके हाथ को न जाने दे व् खुद को खुश रखे।

 

25 दुसरो से तुलना न करे

अक्सर हम देखते है  की हम खुश इसलिए नहीं होते क्यूंकि हमे अपनी तुलना दूसरो से करनी अच्छी लगती है जैसे की: उसके पास कार है, बड़ा बंगला है, नौकर है, पैसे है – मगर मेरे पास नहीं है, यह बाते खुद में हिन् भावना लाती  है व् सुखी न बनाके दुखी करती है।

 

26 जो है उसमे संतोष रखे

खुश न होने का एक कारण संतोष धन की कमी का होना है।  अगर हमारे पास दुनिया की सुख सुविधाएं नहीं हैं, मगर संतोष है, तो आप सबसे ज्यादा सुखी व्यक्ति हो मगर इसके विपरीत ऐसा नहीं तो आपका कुछ नहीं हो सकता आप खुद ही खुद की ख़ुशी  को छीन रहे हो।

 

 Ms. Ginny Chhabra (Article Writer)

 

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