🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeघरेलू नुस्ख़ेबीमारीयों के लक्षण व उपचारश्वेत प्रदर के 12 घरेलु उपचार – 12 Homemade Remedies for Blennenteria

श्वेत प्रदर के 12 घरेलु उपचार – 12 Homemade Remedies for Blennenteria

श्वेत प्रदर होने पर स्त्री की योनि से सफेद रंग का चिकना स्त्राव पतले या गाढ़े रूप में निकलने लगता है| इस प्रदर में तीक्ष्ण बदबू उत्पन्न होती है| ऐसे में दिमाग कमजोर होकर सिर चकराने लगता है| स्त्री को बड़ी बैचेनी एवं थकान महसूस होती है|

“श्वेत प्रदर के 12 घरेलु उपचार” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Homemade Remedies for Blennenteria Listen Audio

 

श्वेत प्रदर के 12 घरेलु नुस्खे इस प्रकार हैं:

1. मुलहठी, चीनी और दूध

10 ग्राम मुलहठी तथा 20 ग्राम चीनी – दोनों को पीसकर चूर्ण बना लें| आधा चम्मच चूर्ण सुबह और आधा चम्मच शाम को दूध के साथ सेवन करें|


2. चमेली, फिटकिरी, शक्कर और दूध

सूखे हुए चमेली के पत्ते 4 ग्राम और सफेद फिटकिरी 15 ग्राम – दोनों को खूब महीन पीस लें| इसमें से 2 ग्राम चूर्ण शक्कर में मिलाकर रात के समय फांककर ऊपर से दूध पी लें| इससे श्वेत प्रदर ठीक हो जाता है| जब तक प्रदर न रुके, यह दवा नियमित रूप से लेते रहना चाहिए|


3. केला और फिटकिरी

पके हुए केले में 1 ग्राम फिटकिरी का चूर्ण भरकर दोपहर के समय उसे खूब चबा-चबाकर खाएं| इससे सफेद प्रकर रुक जाएगा|


4. कपड़ा

पेट पर ठंडे पानी का कपड़ा 10 मिनट तक रखें| श्वेत प्रदर में यह लाभकारी रहता है|


5. छाल, पानी और दूध

अशोक की छाल 50 ग्राम लेकर उसे लगभग 2 किलो पानी में पकाएं| जब पानी आधा किलो की मात्रा में रह जाए तो उसे उतारकर छान लें| ठंडा करके इसमें दूध मिलाकर घूंट-घूंट पिएं| श्वेत प्रदर रोकने की यह अचूक दवा है|


6. गुलाब, मिश्री और गाय का दूध

गुलाब के पांच फूल मिश्री के साथ मिलाकर खिलाएं| ऊपर से गाय का आधा किलो दूध दें|


7. अरहर, पानी, सरसों और चीनी

अरहर के आठ-दस पत्ते सिल पर पानी द्वारा पीस लें| इसमें थोड़ा-सा सरसों का तेल पकाकर मिलाएं| फिर थोड़ी चीनी डालकर सेवन करें|


8. तुलसी और शहद

एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ चाटना चाहिए|


9. अनार और पानी

अनार के सूखे छिलके एक चम्मच की मात्रा में ठंडे पानी से सेवन करें|


10. मूली

दो चम्मच मूली के पत्तों का रस नित्य पीने से श्वेत प्रदर का रोग ठीक हो जाता है|


11. आंवला और जीरा

10 ग्राम आंवले का गूदा 2 ग्राम जीरा – दोनों को खरल करके लें|


12. सिंघाड़ा और देशी घी

सिंघाड़े के आटे की रोटी पर देशी घी लगाकर कुछ दिनों तक खाएं|

 

श्वेत प्रदर का कारण

खून की कमी, चिन्ता, शोक, भय, सम्मान की कमी, अधिक सम्भोग, भावनात्मक कष्ट, अजीर्ण, कब्ज, मूत्राशय की सूजन आदि कारणों से स्त्रियों को श्वेत प्रदर हो जाता है|

श्वेत प्रदर की पहचान

योनि मार्ग से सफेद रंग का पतला-पतला स्त्राव निकलता है| कभी-कभी गाढ़ा लेसदार स्त्राव चिपचिपे श्लेष्मा के साथ निकलने लगता है| इस रोग में भूख नहीं लगती| पेट में भारीपन, सिर दर्द, शरीर में दर्द, उत्साह का खत्म हो जाना, जलन, योनि में खुजली तथा दुर्गंध आने लगती है| स्त्री दिन-प्रतिदिन कमजोर होती चली जाती है| शरीर में हड़फूटन पड़ती है तथा कमर में बड़ी तेजी से दर्द होता है|

NOTE: इलाज के किसी भी तरीके से पहले, पाठक को अपने चिकित्सक या अन्य स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता की सलाह लेनी चाहिए।

Consult Dr. Veerendra Aryavrat - +91-9254092245 (Recommended by SpiritualWorld)
Consult Dr. Veerendra Aryavrat +91-9254092245
(Recommended by SpiritualWorld)

Health, Wellness & Personal Care Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 50000 exciting ‘Wellness & Personal Care’ products

50000+ Products
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏