तुलसी के 28 स्वास्थ्य लाभ - 28 Health Benefits of Basil/Tulsi

(1 Vote)
  • font size
  • 29214 Views



हमारे देश में तुलसी का पौधा घर-घर में मिलता है| तुलसी का अर्थ है - तु' से भौतिक, 'ल' से दैविक और 'सी' से आध्यात्मिक तापों का संहार करने वाली| इसका पौधा लगभग 3-4 फुट ऊंचा होता है|

तुलसी के स्वास्थ्य लाभ सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Health Benefits of Basil/Tulsi Listen Audio

इसकी पत्तियां, डंठल, मंजरी, जड़ आदि सभी अमृत के समान गुण वाली होती हैं| कोई इसे वृन्दा कहता है तो कोई वैष्णवी| तुलसी कीटाणु नाशक, कपूर प्रदान करने वाली, तरह-तरह के रोगों को भगाने वाली और मन में ओज एवं तेज भरने वाली है| 

अपनी आप बीती, आध्यात्मिक या शिक्षाप्रद कहानी को अपने नाम के साथ इस पोर्टल में सम्मलित करने हेतु हमें ई-मेल करें । (Email your story with your name, city, state & country to: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. ) Submit your story to publish in this portal

कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वह घर तीर्थ के समान पवित्र होता है| उस घर में रोग, शोक, व्याधि आदि नहीं आते| तुलसी की पत्तियों से वायु लगकर सुगंधित तेल अपने साथ लेकर चारों ओर फैला देती है जिससे वातावरण गंधमय और रोगरहित हो जाता है|

जब मनुष्य इस वायु में श्वास लेता है तो वायु का स्वास्थ्यवर्द्धक प्रभाव उसके शरीर के प्रत्येक कोष पर पड़ता है| इससे रक्त शुद्ध हो जाता है, फेफड़े नीरोग बनते हैं तथा शरीर के सभी बाहरी और भीतरी अंग स्वस्थ एवं शक्तिशाली हो जाते हैं| यही कारण है कि पुराने समय में तुलसी बाग, बगीचों तथा घरों में अवश्य लगाई जाती थी| तुलसी ही एक ऐसा पौधा है जो अपनी वायु से आकाश, धरती और जल को शुद्ध करता है| तुलसी के पास बैठकर प्राणायाम करने से शरीर बलवान, वीर्यवान तथा प्रभावशाली होता है| तुलसी में एक विशेष प्रकार की एसिड होती है जो सड़ांध तथा गंदगी को दूर करती है|

तुलसी में विद्युत शक्ति भी होती है| इसीलिए गले में तुलसी की माला पहनने को कहा जाता है ताकि मानव-शरीर की विद्युत-शक्ति सुरक्षित रहे| तुलसी की माला पहनने से व्यक्ति संक्रामक रोगों से बचा रहता है| तुलसी की चाय पीने से ज्वर, आलस्य, सुस्ती, अरुचि, दाह, वात विकार तथा पित्त विकार नष्ट होते हैं| तुलसी की सूखी पत्तियों को पानी में पीसकर उसका उबटन लगाने से चेहरे व शरीर की सुन्दरता बढ़ती है| तुलसी मुंहासे, झाईं तथा सफेद दाग भी दूर करती है| इसके प्रमुख औषधीय उपयोग निम्नवत हैं -


तुलसी के औषधीय गुण इस प्रकार हैं:

Homemade Remedies by Black Pepper

1. आधासीसी का दर्द

तुलसी की पत्ती को कालीमिर्च के साथ पीसकर उसके रस का नस्य लेने से आधासीसी का दर्द छूमंतर हो जाता है|


Homemade Remedies by Insomnia2. अनिद्रा

अनिद्रा के रोगी सोते समय तकिये के नीचे तुलसी की थोड़ी-सी पत्तियां रख लें| इससे अनिद्रा रोग दूर हो जाएगा|


Homemade Remedies by Dizziness Homemade Remedies by Honey3. चक्कर आना 

तुलसी के रस में शुद्ध शहद मिलाकर पीने से चक्कर आना बंद हो जाता है|


Homemade Remedies by Headaches

4. सिर दर्द

तुलसी के रस को माथे पर मलने, कनपटियों पर लगाने, पत्तियों को सूंघने तथा रस को नाक में टपकाने से सिर दर्द चला जाता है|


Homemade Remedies by Paralysis5. लकवा

तुलसी की थोड़ी-सी पत्तियों को पानी में उबाल लीजिए| फिर उस पानी को छानकर लकवे वाले अंग को मल-मलकर धोएं| लगभग 20 दिनों तक यह कार्य करने से लकवे के रोगी को काफी लाभ होता है|


Homemade Remedies by Catarrh Cold Homemade Remedies by Cardamom6. जुकाम का सिर दर्द

जुकाम का सिर दर्द बड़ा कष्टदायी होता है| एक माशा तुलसी की मंजरी और दो छोटी इलायची के दाने की चाय पीने से जुकाम के कारण होने वाला सिर दर्द तत्काल दूर हो जाता है|


Homemade Remedies by Emesis Vomiting Homemade Remedies by Cardamom Homemade Remedies by Cloves Homemade Remedies by Liquorice Homemade Remedies by Dalchini Homemade Remedies by Water Homemade Remedies by Molasses Homemade Remedies by Sugar

7. वमन

चार-पांच पत्तियां तुलसी, तीन रत्ती छोटी इलायची, तीन रत्ती लौंग, थोड़ी-सी मुलहठी तथा जरा-सी दालचीनी-सबको मिलाकर आधा कप पानी में औटाएं| फिर उसे छानकर ठंडा कर लें| अब इसमें जरा-सा गुड़ या चीनी डालकर रोगी को पिलाएं| वमन तुरन्त रुक जाएगा|


Homemade Remedies by Stomachache8. पेट का दर्द

तुलसी और अदरक का रस गरम करके पीने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है|


Homemade Remedies by Intestinal Worms Homemade Remedies by Baayavidang Homemade Remedies by Molasses9. पेट में कीड़े 

तुलसी की 11 पत्तियां, एक चुटकी बायबिड़ंग तथा थोड़ा-सा गुड़ - तीनों को पीसकर दो गोलियां बना लें| सुबह-शाम एक-एक गोली ताजे पानी से एक सप्ताह तक खाएं| पेट के कीड़े नष्ट हो जाएंगे|


Homemade Remedies by Indigestion Dyspepsia Homemade Remedies by Water

10. अपच

तुलसी की पत्तियों को पीसकर पानी में घोलकर पीने से पेट की पाचन शक्ति तेज होती है|


Homemade Remedies by Indigestion Dyspepsia Homemade Remedies by Sonth Homemade Remedies by Molasses11. अजीर्ण और मन्दाग्नि 

एक चम्मच तुलसी का रस, एक चम्मच पिसी सोंठ और 5 ग्राम पुराना गुड़ - सबको मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से अजीर्ण व मन्दाग्नि रोग दूर हो जाते हैं|


Homemade Remedies by Tulsi12. बवासीर

तुलसी की पत्तियों का रस मस्सों पर लगाने तथा बीजों को दिन में दो बार खाने से बवासीर का रोग ठीक हो जाता है|


Homemade Remedies by Dysentery

13. दस्त

4-5 ग्राम तुलसी के बीजों का चूर्ण दिन में तीन बार खाने से दस्त रुक जाते हैं|


Homemade Remedies by Black Pepper Homemade Remedies by Cholera14. हैजा

तुलसी की पत्तियां तथा कालीमिर्च - दोनों का चूर्ण बनाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद सेवन करने से हैजे में काफी लाभ होता है|


Homemade Remedies by Soil15. सफेद कुष्ठ

तुलसी की जड़ की मिट्टी तथा पत्तों को महीन पीसकर हल्का गीला करके सफेद दागों पर लगाना काफी लाभदायक होता है|


Homemade Remedies by Slat Homemade Remedies by Lemon Homemade Remedies by Herpes

16. दाद

तुलसी के पत्तों के रस में जरा-सा सेंधा नमक और थोड़ा-सा नीबू का रस मिलाकर लगाने से दाद अच्छा हो जाता है|


Homemade Remedies by Itching Homemade Remedies by Lemon17. खुजली

तुलसी के पत्तों के रस में नीबू और तेल मिलाकर खुजली वाले स्थान पर दिन में चार बार लगाएं|


Homemade Remedies by Jasmine Homemade Remedies by Cold Sores18. मुख के छाले

तुलसी और चमेली के पत्तों का एक साथ चबाकर खाने से मुख के छाले ठीक हो जाते हैं|


Homemade Remedies by Fenugreek Seeds Homemade Remedies by Water

19. चेचक का बुखार

तुलसी की मंजरी 3 ग्राम, मेथी 3 ग्राम तथा कूट 2 ग्राम - तीनों को एक कप पानी में औटाएं| जब पानी चौथाई कप रह जाए तो छानकर रोगी को पिलाएं| इससे चेचक का ज्वर चला जाता है|


Homemade Remedies by Honey Homemade Remedies by Black Pepper Homemade Remedies by Cough20. खांसी 

तुलसीदल के काढ़े में शहद मिलाकर पीने से खांसी दूर होती है| तुलसी की पत्तियों के काढ़े में कालीमिर्च का चूर्ण और शहद मिलाकर लेने से भी खांसी ठीक हो जाती है|


Homemade Remedies by Catarrh Cold Homemade Remedies by Ginger Homemade Remedies by Black Pepper21. सर्दी-जुकाम

तुलसी की पत्तियां, अदरक तथा कालीमिर्च - तीनों का काढ़ा बनाकर शक्कर के साथ पीने से सर्दी-जुकाम बह जाता है|


Homemade Remedies by Radish Homemade Remedies by Molasses Homemade Remedies by Jaundice

 

22. पीलिया

तुलसी की पत्तियों का रस 3 ग्राम, मूली का रस 10 ग्राम तथा गुड़ 10 ग्राम - तीनों को मिलाकर दिनभर में दो खुराक के रूप में सेवन करने से पीलिया ठीक हो जाता है|


Homemade Remedies by Blennelytria Disease Homemade Remedies by Rice23. प्रदर रोग

2 से 5 ग्राम (रोग के अनुसार) तुलसी की पत्तियों का रस चावल के मांड़ के साथ सेवन करने से स्त्रियों का प्रदर रोग चला जाता है|


Homemade Remedies by Water24. गर्भधारण

तुलसी के पत्तों को पानी के साथ पीसकर मासिक धर्म के दिनों में पीने से गर्भ ठहर जाता है|


Homemade Remedies by Earache

25. कान का दर्द

तुलसी की पत्तियों का रस गरम करके कान में टपकाने से कान का दर्द रुक जाता है|


Homemade Remedies by Ginger26. दांत का दर्द

तुलसी की पत्ती को अदरक के टुकड़े के साथ दांत या दाढ़ के नीचे दबाने से दाढ़-दांत का दर्द दूर हो जाता है|


Homemade Remedies by Black Pepper27. बर्रै-बिच्छू का विष

बर्रै तथा बिच्छू द्वारा मारे हुए डंक के स्थान पर तुलसी की पत्तियों का रस मलें| रोगी को तुलसी तथा कालीमिर्च का काढ़ा नमक डालकर बार-बार पिलाएं| दोनों का विष उतर जाएगा|


Homemade Remedies by Neck Pain Homemade Remedies by Honey28. गले का दर्द

तुलसी के पत्तों के रस में शहद मिलाकर पीने से गले का दर्द ठीक हो जाता है| 

Please write your thoughts or suggestions in comment box given below. This will help us to make this portal better. This information is solely for informational purposes. Before undertaking any course of treatment, the reader must seek the advice of their physician or other health care provider.

SpiritualWorld.co.in, Administrator
अपनी आप बीती, आध्यात्मिक या शिक्षाप्रद कहानी को अपने नाम के साथ इस पोर्टल में सम्मलित करने हेतु हमें ई-मेल करें । (Email your story with your name, city, state & country to: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. ) Submit your story to publish in this portal

Media

 

नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

Disclaimer

 

इस वेबसाइट का उद्देश्य जन साधारण तक अपना संदेश पहुँचाना है| ताकि एक धर्म का व्यक्ति दूसरे धर्म के बारे में जानकारी ले सके| इस वेबसाइट को बनाने के लिए विभिन्न पत्रिकाओं, पुस्तकों व अखबारों से सामग्री एकत्रित की गई है| इसमें किसी भी प्रकार की आलोचना व कटु शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया|
Special Thanks to Dr. Rajni Hans, Ms. Karuna Miglani, Ms. Anisha Arora, Mr. Ashish Hans, Ms. Mini Chhabra & Ms. Ginny Chhabra for their contribution in development of this spiritual website. Privacy Policy | Media Partner | Wedding Marketplace

Vulnerability Scanner

Connect With Us