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आंवला के 8 स्वास्थ्य लाभ – 8 Health Benefits of Amla

आंवले को धात्रीफल भी कहते हैं| यह बहुत ही पौष्टिक और गुणकारी होता है| इसमें हर्र के सारे गुण मौजूद रहते हैं| इसके स्वाद में पांचों रसों का समावेश होता है| ये रस वात, पित्त और कफ को शान्त करने वाले होते हैं|

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यह शीतल तथा रूखा होता है| प्रमेह रोग दूर करने के लिए इसे रामबाण के समान अचूक माना जाता है| इसका मुरब्बा और अचार भी बनाया जाता है| यह खट्टा होने के कारण वात को, मधुर और शीतल होने के कारण पित्त को तथा रूखा एवं कसैला होने के कारण कफ को दूर करता है| इस तरह यह त्रिदोष को नष्ट करने वाला विचित्र फल है|

इसके अलावा आंवला प्यास को शान्त करता है, मैथुन शक्ति बढ़ाता है और वमन को रोकता है| इसके सेवन से भ्रम एवं श्रम का निवारण होता है| यह अजीर्ण का शत्रु और तिल्ली के लिए गुणकारी है| आंवला बालों को काला तथा नजले को दूर करता है| इसकी गुठली और पत्ती में भी वही गुण है जो फल में होता है| आंवले के औषधीय उपयोग निम्नवत् हैं –

 

आंवला के 8 औषधीय गुण इस प्रकार हैं:

1. स्वरभेद

आधा चम्मच आंवले का रस गाय के दूध या शहद के साथ लेने पर गले की खराबी, आवाज बैठना तथा बंद होने की तकलीफ ठीक हो जाती है|


2. खांसी तथा श्वास रोग

आंवलों को कुचलकर उसके आधे चम्मच रस में 3 ग्राम पीपल का चूर्ण मिलाएं| अब दोनों को दो चम्मच शहद में मिलाकर सेवन करें| यह खांसी दूर कर छाती पर जमा कफ निकालता है तथा श्वास रोग (दमा) भी ठीक करता है|


3. प्रमेह

आंवले का रस हल्दी के साथ लेने से प्रमेह दूर हो जाता है|


4. नकसीर

सूखे आंवलों को घी में भून लीजिए| फिर इसे महीन-महीन पीसकर कपड़छन कर लें| अब थोड़ा-सा चूर्ण पानी में घोलकर माथे पर लेप करें| किसी भी कारणवश नाक से निकलने वाला खून तुरन्त बंद हो जाएगा|


5. मूर्च्छा

एक चम्मच आंवले का रस थोड़े-से घी में मिलाकर चाटने या मुंह में डालने से रोगी की मूर्च्छा (बेहोशी) दूर हो जाती है|


6. पित्तशूल

एक चम्मच आंवले के रस में थोड़ा-सा शहद अच्छी तरह मिलाएं| फिर इसे उंगली से धीरे-धीरे चाटें| यह पित्तशूल को दूर करता है|


7. अम्लपित्त

यदि पेट में अम्लपित्त बनता हो और डकारें आती रहती हों तो सुबह-शाम एक-एक चम्मच आंवले के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से यह रोग जाता रहता है|


8. वृद्धावस्था

यदि बुढ़ापे में नित्य सुबह-शाम बिना कुछ खाए-पिए आंवले का मुरब्बा सेवन किया जाए तो व्यक्ति दीर्घजीवी होता है|

NOTE: इलाज के किसी भी तरीके से पहले, पाठक को अपने चिकित्सक या अन्य स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता की सलाह लेनी चाहिए।

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