🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏
Homeशिक्षाप्रद कथाएँरीछ की समझदारी – शिक्षाप्रद कथा

रीछ की समझदारी – शिक्षाप्रद कथा

रीछ की समझदारी - शिक्षाप्रद कथा

वह शिकार खेलने गया था| लम्बी मारकी बंदूक थी और कन्धे पर कारतूसों की पेटी पड़ी थी| सामने ऊँचा पर्वत दूर तक चला गया था| पर्वत से लगा हुआ खड्डा था, कई हजार फीट गहरा| पतली-सी पगडंडी पर्वत के बीच से खड्डे के उस पारतक जाती थी| उस पार जंगली बेर हैं और इस समय खूब पके हैं| वह जानता था कि रीछ बेर खाने जाते होंगे|

उसने देखा, एक छोटा रीछ इस पारसे पगडंडी पर होकर उस पार जा रहा है| गोली मारने से रीछ खड्डे में गिर पड़ेगा| कोई लाभ न देखकर वह चुपचाप खड़ा रहा| दूरबीन लगाते ही उसने देखा कि उस पारसे उसी पगडंडी पर दूसरा बड़ा रीछ इस पारको आ रहा है|

‘दोनों लड़ेंगे और खड्डे में गिरकर मर जायँगे|’ वह अपने-आप बड़बड़ाया| पगडंडी इतनी पतली थी कि उस परसे न तो पीछे लौटना सम्भव था और न दो-एक साथ निकल सकते थे| वह गौरसे देखने लगा|

‘एक को गोली मार दूँ, लेकिन दूसरा चौंक जायगा और चौंकते ही वह भी गिर जायगा|’ देखने के सिवा कोई रास्ता नहीं|

दोनों रीछ आमने-सामने हुए| पता नहीं, क्या वाद-विवाद करने लगे अपनी भाषा में| पाँच मिनट में ही उनका भलभलाना बंद हो गया और शिकारी ने देखा कि बड़ा रीछ चुपचाप जैसे था, वैसे ही बैठ गया| छोटा उसके ऊपर चढ़कर आगे निकल गया और तब बड़ा उठ खड़ा हुआ|

‘ओह, पशु इतना समझदार होता है और मुर्ख मनुष्य आपस में लड़ते हैं|’ शिकारी बिना गोली चलाये लौट आया| उसने शिकार करना छोड़ दिया|

‘सठ सुधरहिं सतसंगति पाई|’

 

Spiritual & Religious Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 700,000 exciting ‘Spiritual & Religious’ products

700,000+ Products
Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

नम्र निवेदन: वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव कॉमेंट बॉक्स में लिखें, यह आपको अच्छा लगा हो तो अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। धन्यवाद।
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏