🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏
Homeशिक्षाप्रद कथाएँस्वार्थ त्याग

स्वार्थ त्याग

स्वार्थ त्याग

बहुत पुरानी बात है| उन दिनों इंग्लैंड और स्पेन के मध्य लड़ाई चल रही थी| लड़ाई के मोर्चे पर अंग्रेजों का एक वीर योद्धा सर किल्पि सिडनी घायल होकर गिर गया|

“स्वार्थ त्याग” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

उस समय वह कई भीषण चोटों और प्यास से तड़प रहा था|

उसकी फ़ौज के एक सिपाही ने अपने अफ़सर को जब प्यास और चोट से तड़पते देखा, तब वह उनके लिए पानी का एक प्याला भी लेकर आया| वह अफ़सर पानी के प्याले को होठों तक मुश्किल से लाया होगा कि उसकी नजर सामने मैदान में पड़े एक दूसरे सिपाही पर पड़ी| वह उससे भी कहीं अधिक घायल था| किल्पि सिडनी ने अपनी प्यास को दबाकर वह पानी का प्याला अपने से भी अधिक घायल सिपाही की ओर बढ़ाते हुए कहा- “तुम्हारी तड़पन मुझसे कहीं अधिक है, तुम्हारी पानी की जरुरत मेरे से कहीं अधिक है|” यह कहकर वह पानी उन्होंने अपने उस अदने से सिपाही को पिला दिया|

उस सैनिक अफ़सर की उस उद्धारता एवं स्वार्थ-त्याग ने सारी फौज में उत्साह की एक नई लहर व्याप्त कर दी| प्रत्येक मनुष्य में त्याग की भावना होनी चाहिए|

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

नम्र निवेदन: वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव कॉमेंट बॉक्स में लिखें, यह आपको अच्छा लगा हो तो अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। धन्यवाद।
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 सतनाम वाहे गुरु, गुरु पर्व की असीमित शुभकामनाएं... आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 23 Nov 2018 🙏