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Homeशिक्षाप्रद कथाएँमुंह पीछे बुराई (बादशाह अकबर और बीरबल)

मुंह पीछे बुराई (बादशाह अकबर और बीरबल)

बीरबल से जलने वाले बहुत थे| एक बार किसी ईर्ष्यालु ने चौराहे पर एक कागज चिपका दिया| उसमें शुरू से आखिर तक बीरबल कोसा गया था| उस पर हर आने-जाने वाले की नजर पड़ती थी|

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बीरबल को जब इस बात का पता चला तो वह कुछ आदमियों को लेकर वहां पहुंच गया| उसने देखा कि वह कागज ऊंचाई पर था, जिससे पढ़ने में दिक्कत होती थी| उसने कागज उतरवाकर थोड़ा नीचे चिपकवा दिया|

वहां पर काफी भीड़ एकत्रित थी| बीरबल ने उन सबसे मुखातिब होते हुए कहा – “यह कागज हम लोगों के मध्यस्थ और भविष्य का इकरारनामा है| यह ऊंचाई पर था, इसलिए मैंने इसको नीचे चिपकवा दिया है ताकि सब लोग आसानी से पढ़ सकें| मैं अपने विपक्षियों को सूचना देता हूं कि मेरे साथ अपनी मनमानी करें, मैं भी उनके साथ अपनी इच्छा से बैर लूंगा|”

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