🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏
Homeशिक्षाप्रद कथाएँअंतर की स्वच्छता

अंतर की स्वच्छता

किसी कस्बे में दो आदमी रहते थे| एक का नाम था प्रेम दूसरे का नाम विनय| दोनों के घर आमने-सामने थे| एक दिन संयोग से किसी बात पर उनमें तनातनी हो गई| बात छोटी-सी थी, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ गई| दोनों ही बेहद उत्तेजित हो उठे| प्रेम आपे से बाहर हो गया| वह बोला – “शैतान के बच्चे, तेरी अकल घास चरने चली गई है|”

“अंतर की स्वच्छता” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

इतना सुनना था कि विनय दांत पीसकर बोला – “तूने मेरे बाप को गाली दी है! तेरी इतनी हिम्मत!”

वह दौड़कर अपने घर से तलवार ले आया और प्रेम पर वार कर दिया| प्रेम ने वार रोकने की कोशिश की तो तलवार उसके हाथ में लग गई| जिससे घाव हो गया| खून बहने लगा, तभी मोहल्ले के लोगों ने आकर बीच-बचाव कर दिया| दोनों अपने-अपने घर चले गए|

कुछ दिन बीत गए| प्रेम के हाथ का घाव ठीक हो गया| वह उस घटना को भूल गया, पर विनय का मन साफ नहीं हुआ| वह जैसे ही प्रेम को देखता तो मुंह फेरकर निकल जाता|

एक दिन वे दोनों आमने-सामने आ गए| जब विनय बचकर जाने लगा तो प्रेम ने जी कड़ा करके उसका हाथ पकड़ लिया और कहा – “क्यों क्या बात है? यह देखो मेरा घाव ठीक हो गया|”

इतना कहकर उसने अपना हाथ विनय के आगे कर दिया| विनय ने उसे देखा नहीं| दूसरी ओर को मुंह करके कहा – “तलवार का घाव भर जाता है, पर बात का घाव कभी नहीं भरता| वह हमेशा टीसता रहता है|”

प्रेम की आंखें डबडबा आईं – “लेकिन जो सच्चे हृदय से अपनी भूल स्वीकार कर लेता है, उसे क्षमा मिलनी चाहिए|” विनय ने हाथ छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन प्रेम ने नहीं छोड़ा| अंतर के आवेग से उसका हाथ कांप रहा था| उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे| विनय का तनाव ढीला हो गया| प्रेम के हृदय की निर्मलता ने उसके भीतर की गांठ को खोल दिया| उसने अनुभव किया कि घाव तलवार का हो या बात का वह असाध्य अंदर के विष से बनता है| अंतर की स्वच्छता से बढ़कर और कुछ नहीं है|

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

नम्र निवेदन: वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव कॉमेंट बॉक्स में लिखें, यह आपको अच्छा लगा हो तो अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। धन्यवाद।
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏