कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को सूर्य षष्ठी का व्रत करने का विधान है|
सर्व मनोकामनाओ की पूर्ति हेतु रविवार का वर्त श्रेस्ठ है|
यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल प्रतिपदा को किया जाता है| इस व्रत में अशोक वृक्ष की पूजा की जाती है|
यह व्रत आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी से प्रारम्भ होकर आठ दिन तक चलता है|
इस व्रत को करने वाला कथा कहते व सुनते समय हाथ मे गुड व भुने चने रखें|
जेसे की पहले भी लिखा गया की नवरात्रि पर्व माँ दुर्गा और शारदा माँ, महालक्ष्मी माता जी की श्रदा मे बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है|