🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeभजन संग्रहश्री कृष्ण जी के भजनमाखन चोर , नन्द किशोर, मन मोहन, घनश्याम रे

माखन चोर , नन्द किशोर, मन मोहन, घनश्याम रे

भजन - श्री कृष्ण जी - माखन चोर , नन्द किशोर, मन मोहन, घनश्याम रे

माखन चोर , नन्द किशोर, मन मोहन, घनश्याम रे
कितने तेरे रूप रे कितने तेरे नाम रे

देवकी माँ ने जनम दिया और मैया यशोदा ने पाला
तू गोकुल का ग्वाला बिंद्रा बन गया बंसरी वाला
आज तेरी बंसी फिर बाजी मेरे मन के धाम रे
कितने तेरे रूप रे कितने तेरे नाम रे

माखन चोर , नन्द किशोर, मन मोहन, घनश्याम रे
कितने तेरे रूप रे कितने तेरे नाम रे

काली नाग के साथ लड़ा तू ज़ालिम कंस को मारा
बाल अवस्था में ही तुने खेला खेल ये सारा
तेरा बचपन तेरा जीवन जैसे एक संग्राम रे
कितने तेरे रूप रे कितने तेरे नाम रे

माखन चोर , नन्द किशोर, मन मोहन, घनश्याम रे
कितने तेरे रूप रे कितने तेरे नाम रे

तुने सब का चैन चुराया ओ चितचोर कन्हैया
जाने कब घर आए देखे राह यशोदा मैया
व्याकुल राधा ढूंढे श्याम न आया हो गई शाम रे
कितने तेरे रूप रे कितने तेरे नाम रे

माखन चोर , नन्द किशोर, मन मोहन, घनश्याम रे
कितने तेरे रूप रे कितने तेरे नाम रे

 

Spiritual & Religious Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 700,000 exciting ‘Spiritual & Religious’ products

700,000+ Products

 

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏