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नौ दिनों में एक लाख से अधिक छात्रों ने देखी शिक्षात्मक बाल फिल्में – हरि ओम शर्मा

नौ दिनों में एक लाख से अधिक छात्रों ने देखी शिक्षात्मक बाल फिल्में

लखनऊ, 12 अप्रैल। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में चल रहा अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव (आई.सी.एफ.एफ.-2019) आज सम्पन्न हो गया। बाल फिल्मोत्सव के अन्तिम दिन छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों में देश-विदेश की शिक्षात्मक बाल फिल्में देखने का भारी उत्साह दिखाई दिया। इससे पहले, मुख्य अतिथि श्री सतगुरू शरण अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार, ने दीप प्रज्वलित कर अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव के नवें व अन्तिम दिन का विधिवत् उद्घाटन किया जबकि विशिष्ट अतिथि श्री महेन्द्र मोदी, आई.पी.एस., डी.जी. पुलिस, टेक्निकल एवं श्री प्रतीक मेहरा, प्रोग्रामिंग हेड, रेडियो सिटी, की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया। इस अवसर पर गायक मो. सलामत खान, मिस टीन इण्डिया सुश्री महिमा गौड़, निर्माता-निर्देशक श्री अमित मिश्रा एवं रेडियो जॉकी आर. जे. विक्रम की उपस्थिति ने समारोह की रौनक में चार-चाँद लगा दिये। विदित हो कि सी.एम.एस. के फिल्म्स डिवीजन द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में 4 से 12 अप्रैल तक आयोजित इस अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव के नौ दिनों में लखनऊ व आसपास के क्षेत्रों के लगभग एक लाख से अधिक छात्रों ने शिक्षात्मक बाल फिल्मों का आनन्द उठाया एवं जीवन मूल्यों व चारित्रिक उत्कृष्टता की शिक्षा प्राप्त की। इसके अलावा, बाल फिल्मोत्सव की नौ दिनों की पूरी अवधि तक विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों ने पधारकर बाल महोत्सव की गरिमा को बढ़ाया।

बाल फिल्मोत्सव के समापन समारोह में बोलते हुए मुख्य अतिथि श्री सतगुरू शरण अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार, ने कहा कि फिल्में लर्निंग का सशक्त माध्यम है परन्तु इसके व्यावसायिक पक्ष की वजह से बहुत सी गड़बड़िया आ जाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि महोत्सव में दिखाई गई शिक्षात्मक बाल फिल्में बच्चों के मन-मस्तिष्क में रचनात्मक प्रभाव डालेंगी। श्री अवस्थी ने कहा कि सर्वांगीण एवं उद्देश्यपरक शिक्षा जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे खुशी है कि सी.एम.एस. का यह बाल फिल्मोत्सव सर्वांगीण शिक्षा का अनूठा अभियान है जिसके माध्यम से छात्रों का चरित्र निर्माण व नैतिक उत्थान कर समाज के रचनात्मक विकास हेतु प्रेरित किया जा रहा है। इस अच्छे कार्य के लिए मैं सी.एम.एस. को बधाई देता हूँ। उन्होंने बच्चों से अपील की कि भारत रत्न डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा अवश्य पढ़ें। विशिष्ट अतिथि श्री महेन्द्र मोदी, आई.पी.एस., डी.जी. पुलिस, टेक्निकल, ने कहा कि इस बाल फिल्मोत्सव की वजह से हमें बच्चों के बीच आने का अवसर मिला, जिसके लिए मैं सी.एम.एस. का आभार व्यक्त करता हूँ। बाल फिल्मोत्सव बच्चों को सामाजिक जागरूकता जैसे जल संवर्धन, ऊर्जा संवर्धन, स्वच्छता आदि विषयों पर जागरूक करने में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव के अन्तिम दिन आज सी.एम.एस. कानपुर रोड के मेन ऑडिटोरियम के अलावा अन्य सात मिनी आडिटोरियम में भी देश-विदेश की अनेक फिल्मों का प्रदर्शन हुआ, जिनमें विरासत, फायर, 90 सेकेण्ड्स, ए फोन काल टू हीवेन, ए लांग ड्राइव, इन ए स्मॉल वे, से समथिंग नाइस, इण्डिया शाइनिंग, ए सीकर ऑफ वर्ल्ड यूनिटी, ग्रैण्डमदर, सैण्ड पाथ, द लायन, द लास्ट मोमेन्ट ऑफ सीजफायर, द डाइंग हार्स, ब्राइड ऑफ द रेन, द पॉवर ऑफ टेन मन्थस, ए लाइट इन द नाइट, द ट्रेन, आई एम सो सॉरी, स्कूल चलेगा, आई एम नाट ए बेगर, आई मिस यू, इन लव विद सिनेमा, द साउण्ड ऑफ लाइफ आदि प्रमुख थी। विभिन्न देशों की अलग-अलग भाषाओं में बनी फिल्मों को अंग्रेजी व हिन्दी अनुवाद भी फिल्म के साथ-साथ ही चलता रहता है जिससे बच्चे आसानी से फिल्म के कथानक को समझ सकें। चूँकि इन फिल्मों में कोई शुल्क नहीं है अतः सभी गरीब व अमीर बच्चें एक साथ मिल-बैठकर इन फिल्मों का आनन्द लिया एवं भाईचारा, प्रेम व एकता की की भावना का विकास किया। बाल फिल्मोत्सव के अन्तर्गत आज लखनऊ विभिन्न विद्यालयों से पधारे छात्रों ने शिक्षात्मक बाल फिल्मों से प्रेरणा ग्रहण की जिनमें केन्द्रीय विद्यालय, रेनबो स्कूल, कैथड्रल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, सेंट फिडेलिस कालेज, सेंट थॉमस स्कूल, चर्च इंग्लिश स्कूल, यूपी सैनिक स्कूल, न्यू आवासीय पब्लिक स्कूल, माध्यमिक विद्यालय, श्री आर. बी. मौर्या इण्टर कालेज, एम.एल.एम. इण्टर कालेज आदि प्रमुख हैं।

नौ दिनों में एक लाख से अधिक छात्रों ने देखी शिक्षात्मक बाल फिल्में

नौ दिनों में एक लाख से अधिक छात्रों ने देखी शिक्षात्मक बाल फिल्में

बाल फिल्म महोत्सव में पधारे गायक मो. सलामत खान, मिस टीन इण्डिया सुश्री महिमा गौड़, निर्माता-निर्देशक श्री अमित मिश्रा एवं रेडियो जॉकी आर. जे. विक्रम ने आज अपरान्हः सत्र में सी.एम.एस. कानपुर रोड पर आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से भी मुलाकात की और खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री सलामत खान ने कहा कि सी.एम.एस. ही ऐसा विद्यालय है जिसने बच्चों के चरित्र निर्माण के लिए अनूठा तरीका ढूँढ निकाला है, जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाएं, कम होगी। मिस टीन इण्डिया सुश्री महिमा गौड़ ने कहा कि इतने सारे बच्चों से मुलाकात करना बेहद सुखद अनुभव रहा है, मैं उम्मीद करती हूँ कि इन बच्चों ने शिक्षात्मक बाल फिल्मों से काफी कुछ सीखा है। इसी प्रकार, रेडियो सिटी के रेडियो जॉकी आर. जे. विक्रम ने भी अपने विचार रखे।

प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि इस फिल्म फेस्टिवल को लखनऊ के छात्रों, युवाओं, शिक्षकों व अभिभावकों का अभूतपूर्व समर्थन व अपार सहयोग मिला है जिसके लिए मैं लखनऊ की जनता का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। फिल्में बच्चों को एक अच्छा या बुरा मानव बनाने की क्षमता रखती हैं क्योंकि बच्चों के कोमल मस्तिष्क पर फिल्म जैसे सशक्त माध्यम का बड़ा ही गहरा प्रभाव पड़ता है। अतः यह जरूरी है कि छात्रों के नैतिक व चारित्रिक गुणों के विकास हेतु अच्छी शिक्षाप्रद फिल्में अधिक से अधिक संख्या में बनायी जानी चाहिए।

सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. सभी संभव माध्यमों से बच्चों के चारित्रिक व नैतिक उत्थान में संलग्न है एवं हमारा प्रयास छात्रों को सर्वांगीण शिक्षा उपलब्ध कराकर समाज का आदर्श नागरिक बनाना है। इसी कड़ी में बच्चों के चरित्र निर्माण एवं जीवन मूल्यों की शिक्षा देने हेतु यह अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया गया। हालाँकि यह बाल फिल्मोत्सव आज सम्पन्न हो गया है परन्तु इसके माध्यम से जीवन मूल्यों व चारित्रिक उत्कृष्टता की जो ज्योति भावी पीढ़ी के दिलों में जली है, वह निश्चित ही एक आदर्श समाज की स्थापना में मददगार साबित होगी एवं मानवता को विकास के पथ पर ले जायेगी।

(हरि ओम शर्मा)
मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी
सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ

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