🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeसिक्ख गुरु साहिबानश्री गुरु अमर दास जीश्री गुरु अमर दास जी - साखियाँश्री गुरु अमरदास जी का हुक्मनामा जारी करना – साखी श्री गुरु अमर दास जी

श्री गुरु अमरदास जी का हुक्मनामा जारी करना – साखी श्री गुरु अमर दास जी

श्री गुरु अमरदास जी का हुक्मनामा जारी करना

एक दिन श्री गुरु अमरदास जी के समक्ष भाई पारो ने प्रार्थना की कि महाराज! आप जी के दर्शन करने के लिए संगत दूर-दूर से आती है|

श्री गुरु अमरदास जी का हुक्मनामा जारी करना सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

अलग-अलग समय पर आने के कारण सिक्खों का आपस में मेल नहीं हो पाता| आप जी एक दिन नियत कर दें जिस दिन संगत इकट्ठी हो| इससे एक-दूसरे में प्रेम भावना व सिक्खी सम्बन्ध बढ़ेगा| गुरु जी ने कहा कि आपके भाव उत्तम है| उन्होंने हुक्म किया कि संगत को पत्र लिख दो कि वैसाखी वाले दिन यहां आएं| गुरु जी की आज्ञा से हुक्मनामे जारी किए गए| जिन को पढ़-कर संगते दूर-दूर से चलकर गोइंदवाल आ गई| अटूट लंगर बिना जात-पात व भेदभाव के पंगत में बैठाकर संगत को बटने लगा| इससे संगतों में आपसी प्यार व मेल-मिलाप बढ़ा|

इस प्रकार गुरु जी के हुक्म से गोइंदवाल में तब से वैसाखी का मेला लगता आ रहा है|

Khalsa Store

Click the button below to view and buy over 4000 exciting ‘KHALSA’ products

4000+ Products

 

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏