बेल के 9 स्वास्थ्य लाभ - 9 Health Benefits of Bel

(1 Vote)
  • font size
  • 15076 Views



बेल (बिल्व) का पेड़ बड़ा होता है| इसकी पत्तियां तीन दल की होती हैं| उनको बेलपत्र कहते हैं| शिवजी की मूर्ति पर बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं| श्रावण के महीने में शैव मतावलम्बी शिवजी की पूजा करते समय बेलपत्रों से ही उनका अभिषेक करते हैं| बेल का पका फल मीठा होता है|

बेल के स्वास्थ्य लाभ सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Health Benefits of Bel Listen Audio

बेल का गूदा बहुत से कामों में प्रयुक्त होता है| इसका गूदा खाने से हर प्रकार के दस्त रुक जाते हैं| बेल का मुरब्बा, शरबत या शिकंजी लेने से भी दस्तों की समाप्ति हो जाती है| बेल की गिरी भी छोटे-मोटे बहुत से रोगों के लिए उपयोगी है| इसके औषधीय उपयोग इस प्रकार हैं - 

अपनी आप बीती, आध्यात्मिक या शिक्षाप्रद कहानी को अपने नाम के साथ इस पोर्टल में सम्मलित करने हेतु हमें ई-मेल करें । (Email your story with your name, city, state & country to: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. ) Submit your story to publish in this portal


बेल के औषधीय गुण इस प्रकार हैं:

Homemade Remedies by Black Pepper Homemade Remedies by Cardamom Homemade Remedies by Sugar1. खून बवासीर

10 ग्राम बेल गिरी, सात कालीमिर्च, 10 ग्राम मिश्री और दो सफेद इलायची के दाने - सबको अच्छी तरह खरल कर लें| फिर इसमें से आधी दवा सुबह और आधी शाम को लेने से खूनी बवासीर चली जाती है|


Homemade Remedies by Night Blindness2. रतौंधी

बेल की पत्तियों का शरबत पीने से रतौंधी का रोग जल्दी ठीक हो जाता है|


Homemade Remedies by Deafness Homemade Remedies by Goat Homemade Remedies by Mustard Oil3. बहरापन

20 ग्राम बेल का गूदा, 50 ग्राम बकरी का दूध तथा 10 ग्राम गोमूत्र - तीनों चीजों को सरसों के तेल में पका-छानकर कान में डालें| इससे बहरापन दूर हो जाता है|


Homemade Remedies by Cold Sores Homemade Remedies by Water4. मुंह के छाले

बेल के हरे पत्तों को पानी में उबालकर रोज कुल्ला करने से मुंह के छाले (मुंह आना) दूर हो जाते हैं|


Homemade Remedies by Til

5. शरीर की दुर्गंध

बेलपत्र का रस तिली के तेल में मिलाकर मालिश करें| इससे शरीर की दुर्गंध दूर होती है|


Homemade Remedies by Dysentery Homemade Remedies by Water6. दस्त

पके हुए बेल का गूदा खाने या उसे पानी में घोलकर पीने से दस्त रुक जाते हैं| बेल का मुरब्बा या चूर्ण भी दस्तों में अकसीर है|


Homemade Remedies by Nutmeg Jaayaphal Homemade Remedies by Apheem Homemade Remedies by Water7. खूनी दस्त 

बेल का गूदा, कोसला, जायफल तथा अफीम - सबको पानी में घोलकर मिला लें| फिर पेट पर लेप करें| इससे खूनी दस्त बंद हो जाते हैं|


Homemade Remedies by Heart Beat Homemade Remedies by Water

8. दिल की धड़कन

यदि दिल स्वाभाविक गति से अधिक तेज धड़कता है तो उसे रोग माना जाता है| बेल के पेड़ की थोड़ी-सी छाल को पानी में डालकर अच्छी तरह पकाएं| जब पानी आधा रह जाए तो उसे छानकर पी जाएं| इस काढ़े से दिल की धड़कन स्वाभाविक हो जाती है|


Homemade Remedies by Coriander Homemade Remedies by Sugar Homemade Remedies by Water9. गर्भवती की उल्टी

बेल का गूदा तथा धनिया - दोनों का उचित भाग एक कप पानी में डालकर आग पर चढ़ा दें| जब पानी आधा कप रह जाए तो उसमें जरा-सी शक्कर डालकर छान लें| इस काढ़े को पीने से गर्भवती स्त्री की उल्टी बंद हो जाती है|  

Please write your thoughts or suggestions in comment box given below. This will help us to make this portal better. This information is solely for informational purposes. Before undertaking any course of treatment, the reader must seek the advice of their physician or other health care provider.

SpiritualWorld.co.in, Administrator
अपनी आप बीती, आध्यात्मिक या शिक्षाप्रद कहानी को अपने नाम के साथ इस पोर्टल में सम्मलित करने हेतु हमें ई-मेल करें । (Email your story with your name, city, state & country to: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. ) Submit your story to publish in this portal

Media

 

नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

Disclaimer

 

इस वेबसाइट का उद्देश्य जन साधारण तक अपना संदेश पहुँचाना है| ताकि एक धर्म का व्यक्ति दूसरे धर्म के बारे में जानकारी ले सके| इस वेबसाइट को बनाने के लिए विभिन्न पत्रिकाओं, पुस्तकों व अखबारों से सामग्री एकत्रित की गई है| इसमें किसी भी प्रकार की आलोचना व कटु शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया|
Special Thanks to Dr. Rajni Hans, Ms. Karuna Miglani, Ms. Anisha Arora, Mr. Ashish Hans, Ms. Mini Chhabra & Ms. Ginny Chhabra for their contribution in development of this spiritual website. Privacy Policy | Media Partner | Wedding Marketplace

Vulnerability Scanner

Connect With Us