नुस्खा – पीपल 5 ग्राम, निशोथ 25 ग्राम और कच्ची खांड़ 50 ग्राम – इन सबको पीसकर चूर्ण बनाकर शीशी में भरकर रख लें|
नुस्खा – मुलहठी, लाख, भुनी हल्दी, मजीठ तथा नील कमल के फूल – सभी चीजें समान मात्रा में सुखाकर चूर्ण बना लें|
नुस्खा – पीपल, आंवला, हर्र, बहेड़ा और सेंधा नमक – सभी चीजें बराबर की मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बना लें| फिर इसे शीशी में भरकर डॉक लगा दें ताकि सीलन न जाने पाए|
नुस्खा – ब्राह्मी, आंवला, हर्र, बहेड़ा और मुण्डी – सबको बराबर की मात्रा में कूट-पीसकर चूर्ण बना लें| फिर इसमें थोड़ी-सी कच्ची खांड़ मिला दें|
नुस्खा – सोंठ, नागरमोथा, भुनी हींग, चीता की जड़, अतीस तथा कुण्डा की छाल – सबको कूट-पीसकर कपड़छन कर चूर्ण बना लें|
नुस्खा
सोंठ, सौंफ, सनाय, छोटी हरड़ और सेंधा नमक – सभी चीजें समान मात्रा में कूट-पीसकर महीन चूर्ण बना लें|