Homeभजन संग्रहश्री राम जी के भजनमेरे मन में हैं राम मेरे तन में है राम

मेरे मन में हैं राम मेरे तन में है राम

भजन - श्री राम जी - राम बिनु तन को ताप न जाई।

मेरे मन में हैं राम मेरे तन में है राम
मेरे मन में हैं राम मेरे तन में है राम ।
मेरे नैनों की नगरिया में राम ही राम ॥

मेरे रोम रोम के हैं राम ही रमैया ।
सांसो के स्वामी मेरी नैया के खिवैया ।
गुन गुन में है राम झुन झुन में है राम ।
मेरे मन की अटरिया में राम ही राम ॥

जनम जनम का जिनसे है नाता
मन जिनके पल छिन गुण गाता ।
सुमिरन में है राम दर्शन में है राम
मेरे मन की मुरलिया में राम ही राम ॥

जहाँ भी देखूँ तहाँ राम जी की माया
सबही के साथ श्री राम जी की छाया ।
त्रिभुवन में हैं राम हर कण में है
राम सारे जग की डगरिया में राम ही राम ॥

 

Spiritual & Religious Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 700,000 exciting ‘Spiritual & Religious’ products

700,000+ Products

 

अर्थ न ध
🙏 धर्म और आध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाने में हमारा साथ दें| 🙏