Homeभजन संग्रहश्री राम जी के भजनदूलह राम, सीय दुलही री

दूलह राम, सीय दुलही री

भजन - श्री राम जी - दूलह राम, सीय दुलही री

दूलह राम, सीय दुलही री ।

घन दामिनि बर बरन हरन मन ।
सुन्दरता नख सिख निबही री ॥

तुलसीदास जोरी देखत सुख ।
सोभा अतुल न जात कही री ॥

रूप रासि विरचि बिरंचि मनु ।
सिला लमनि रति काम लही री ॥

 

Spiritual & Religious Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 700,000 exciting ‘Spiritual & Religious’ products

700,000+ Products

 

Rate This Article: