Homeभजन संग्रहश्री हरि जी के भजनजो घट अंतर हरि सुमिरै

जो घट अंतर हरि सुमिरै

भजन - श्री हरि जी - जो घट अंतर हरि सुमिरै

जो घट अंतर
जो घट अंतर हरि सुमिरै .
ताको काल रूठि का करिहै जे चित चरन धरे ..

सहस बरस गज युद्ध करत भयै छिन एक ध्यान धरै .
चक्र धरै वैकुण्ठ से धायै बाकी पैंज सरै ..

जहँ जहँ दुसह कष्ट भगतन पर तहं तहँ सार करै .
सूरजदास श्याम सेवै ते दुष्तर पार करै ..

 

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हरि नाम
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