🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeभजन संग्रहमीरा बाई जी के भजनदरस बिन दूखण लागे नैन

दरस बिन दूखण लागे नैन

भजन - मीरा बाई जी - दरस बिन दूखण लागे नैन

दरस बिन दूखण लागे नैन।

जबसे तुम बिछुड़े प्रभु मोरे कबहुं न पायो चैन।

सबद सुणत मेरी छतियां कांपै मीठे लागै बैन।

बिरह व्यथा कांसू कहूं सजनी बह ग करवत ऐन।

कल न परत पल हरि मग जोवत भ छमासी रैन।

मीरा के प्रभु कब रे मिलोगे दुख मेटण सुख देन।

 

Spiritual & Religious Store – Buy Online

Click the button below to view and buy over 700,000 exciting ‘Spiritual & Religious’ products

700,000+ Products

 

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏