🙏 जीवन में कुछ पाना है तो झुकना होगा, कुएं में उतरने वाली बाल्टी झुकती है, तब ही पानी लेकर आती है| 🙏
Homeभक्त तुलसीदास जी दोहावलीकाल की करतूत – भक्त तुलसीदास जी दोहावली

काल की करतूत – भक्त तुलसीदास जी दोहावली

काल की करतूत

करम खरी कर मोह थल अंक चराचर जाल|
हनत गुनत गनि गुनि हनत जगत ज्योतिषी काल||

प्रस्तुत दोहे में तुलसीदासजी कहते हैं कि संसार में कालरूपी ज्योतिषी हाथ में कर्मरूपी खड़िया लेकर मोहरूपी पट्टी पर चराचर जीवरूपी अंकों को मिटाता है, हिसाब लगाता है और फिर गिन-गिनकर मिटाता है|

NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

🙏 ♻ प्रयास करें कि जब हम आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं। सागर में हर एक बूँद मायने रखती है। ♻ 🙏