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क्या है, शिव की भस्म आरती का रहस्य?

क्या है, शिव की भस्म आरती का रहस्य?

पुराणों के मुताबिक, काफी वर्षों पूर्व उज्जैन में महाराज चंद्रसेन का शासन था। वो भगवान शिव के परमभक्त थे और वहां की प्रजा भी उन्हें बहुत पूजती थी। एक बार राजा रिपुदमन ने चंद्रसेन के महल पर हमला बोल दिया और राक्षस दूषण के माध्यम से वहां की प्रजा को बहुत प्रताड़ित किया। तब सभी उज्जैन वासियों ने महादेव को याद किया और उनसे मद्द की गुहार लगाई। कहा जाता है महादेव ने उनकी पुकार सुनी और खुद आकर उस दुष्ट राक्षस का अंत किया। सिर्फ यही नही, भगवान ने दूषण की राख से अपना श्रृंगार किया और हमेशा के लिए वहां बस गए। इस तरीके से उस जगह का नाम पड़ा महाकालेश्र्वर और शुरू हो गई महादेव की भस्म आरती।

 

क्या है नियम?

क्या है, शिव की भस्म आरती का रहस्य?

क्या है नियम?

महाकालेश्र्वर में भस्म आरती के समय महिलाओं का जाना वर्जित है। लेकिन जो महिलाएं उस समय वहां उपस्थित होती हैं उन्हें साड़ी पहनना आवश्यक है। इसके अलावा जिस समय शिवलिंग पर भस्म अर्पित की जाती है, वहां खड़ी सभी महिलाओं को अपना चेहरा घूंघट से ढक लेना चाहिए। ऐसा कहा जाता है उस समय महादेव निराकार रूप में होते हैं।

वैसे कुछ सख्त नियम पुरषों के लिए भी हैं। वहां आए सभी पुरषों को सूती की धोती पहनना जरूरी है। इस मंदिर में कोई आम व्यक्ति खुद शिवलिंग पर भस्म अर्पित नही कर सकता।ये अधिकार वहां के सिर्फ पुजारियों के पास है।

 

भस्म का तिलक क्यों लगाते हैं?

क्या है, शिव की भस्म आरती का रहस्य?

भस्म का तिलक क्यों लगाते हैं?

महाशिवरात्रि पर भस्म का तिलक लगाने से महादेव के सभी भक्तों के पाप धुल जाते हैं और उनका जीवन सदैव तनावमुक्त और खुशहाली से भरा रहता है।

 

तेजस्वनी पटेल, पत्रकार (+91 9340619119)

– तेजस्वनी पटेल, पत्रकार
(+91 9340619119)

 

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