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खेती का नष्ट होना व गुरु जी का वैराग्य धारण करना – साखी श्री गुरु नानक देव जी

खेती का नष्ट होना व गुरु जी का वैराग्य धारण करना

श्री गुरु नानक देव जी खेत की रखवाली करने खेत में जाते| परन्तु उनकी सारी खेती पशुओं ने चर ली| क्योंकि गुरु जी पशुओं को बाहर न निकालते|

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महिता कालू जी यह देखकर क्रोधित हो गए|

गुरु जी काम को त्याग कर गांव से दूर एक वृक्ष के नीचे अकेले बैठे रहते| उन्होंने खाना-पीना त्याग दिया व वैराग्य धारण कर लिया|

श्री गुरु नानक देव जी – जीवन परिचय

 

श्री गुरु नानक देव जी – ज्योति ज्योत समाना

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