🙏 धर्म और आध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाने में हमारा साथ दें| 🙏

मीठा रीठा – साखी श्री गुरु नानक देव जी

मीठा रीठा

जब गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) पूरब दिशा कि तरफ बनारस जा रहे थे तो रास्ते में मरदाने ने कहा महाराज! आप मुझे जंगल पहाडों में ही घुमाए जा रहे हो, मुझे बहुत भूख लगी है| अगर कुछ खाने को मिल जाये तो कुछ खाकर चलने के लायक हो जाऊंगा| उस समय गुरु जी रीठे के वृक्ष के नीचे आराम कर रहे थे|

“मीठा रीठा – साखी श्री गुरु नानक देव जी” सुनने के लिए Play Button क्लिक करें | Listen Audio

आप ने वृक्ष के ऊपर देखा और मरदाने से कहने लगे, अगर तुम्हे भूख लगी है तो रीठे कि टहनी को हिलाकर रीठे गेरकर खा लो|

मरदाने ने गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) के हुक्म का पालन किया| उसने टहनी को हिलाया व रीठो को नीचे गिरा दिया| जब मरदाने ने रीठे खाए तो वो छुहारे कि तरह मीठे थे| उसने पेट भरकर रीठे खाए| इस वृक्ष के रीठे आज भी मीठे है जो नानक मते जाने वाले प्रेमियों को प्रसाद के रूप में दिए जाते है|

मीठा रीठा नानक मते से ४५ मील दूर है| 

श्री गुरु नानक देव जी – जीवन परिचय

 

श्री गुरु नानक देव जी – ज्योति ज्योत समाना

Khalsa Store

Click the button below to view and buy over 4000 exciting ‘KHALSA’ products

4000+ Products

 

🙏 धर्म और आध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाने में हमारा साथ दें| 🙏