पीपल के स्वास्थ्य लाभ - Health Benefits of Pipal

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पीपल का वृक्ष पवित्र, अश्वत्थ, ज्ञान देने वाला, शुद्ध वायु प्रदाता तथा गुणों की खान माना गया है| कहते हैं कि एक गमले में पीपल का छोटा पौधा (वृक्ष) लगाकर बैठक में रखने से ऑक्सीजन के सिलेण्डर की जरूरत नहीं पड़ती|

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इस वृक्ष की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पीपल दिन-रात शुद्ध वायु देता है| अन्य वृक्षों की तरह यह रात में कार्बन-डाईऑक्साइड नहीं छोड़ता| यदि ऐसे पवित्र वृक्ष पर ब्रह्मा का निवास माना गया है तो इसमें झूठ क्या है? जो सच है, जो वैज्ञानिक है और जो प्रमाणित है - वही ब्रह्मा है| 

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पीपल में जल का अंश सभी वृक्षों से अधिक होता है| यदि इसके दूध का फाहा फोड़ा या बलतोड़ पर लगाया जाए तो वह कुछ ही दिनों में सूख जाता है| पीपल की राख तथा छाल का चूर्ण श्वास रोग, खांसी, गला बैठना आदि रोगों के लिए रामबाण है| पीपल के लकड़ी की प्याली में दूध पीने से चर्म रोग खत्म हो जाते हैं| इसके गोंद की जौ के आटे में मिलाकर रोटी बनवाकर खाने से पौरुष शक्ति बढ़ती है| पीपल के फल में पुत्र उत्पन्न करने की शक्ति है| पीपल के फल को हर्र और सौंफ के साथ सेवन करने से कब्ज टूट जाता है| यह जठराग्नि को तेज करता है| पीपल की छाल जलाकर उसका भस्म पानी के साथ लेने से उल्टियां बंद हो जाती हैं| इसके अन्य औषधीय उपयोग नीचे दिए जा रहे हैं -


पीपल के औषधीय गुण इस प्रकार हैं:

बिवाई

Homemade Remedies by Milk पीपल के तने या पत्तों से दूध इकट्ठा करके पैरों की एड़ियों में होने वाली बिवाईयों पर लगाने से वे बहुत जल्दी ठीक हो जाती हैं|


Homemade Remedies by Ach रक्त शुद्धि

पीपल के पंचांग का अर्क पीने से रक्त शुद्ध होता है| पंचांग में जड़, पत्ती, फल, छाल और जटा का अर्क लिया जाता है| यह अर्क दो चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम पीना चाहिए|


Homemade Remedies by Azadirachta Indica बवासीर

पीपल बवासीर के लिए अक्सीर है| इसके लिए पीपल और नीम के कोमल पत्तों को समान मात्रा में लेकर पीस डालें| फिर उसे बवासीर के मस्सों पर दिन में तीन बार लगाएं| चार-पांच दिन नियमित रूप से यह लेप लगाने से मस्से सूख जाते हैं|


Homemade Remedies by Heart Disease Homemade Remedies by Milkहृदय रोग

पीपल के थोड़े से फल लेकर छाया में सुखा लें| फिर उसे कूट-पीसकर चूर्ण बनाएं| इसमें से लगभग 3 ग्राम चूर्ण दूध के साथ सेवन करें| यह हृदय रोग को कुछ ही दिनों में शान्त कर देता है|


Homemade Remedies by Hordeolumआंखों की गुहेरी

पीपल की छाल को पानी में घिसकर आंखों की गुहेरी पर लगाने से वह जल्दी ही बैठ जाती है|


Homemade Remedies by Mehndi पैरों की जलन

पीपल और मेहंदी की पत्तियों को पीसकर तलवों पर लेप लगाने से पैरों की जलन दूर होती है|


Homemade Remedies by Honey Homemade Remedies by Asthmaश्वास रोग 

पीपल की छाल को एक हांडी में भरकर मुंह बंद कर दें| अब इस हांडी को उपलों की आग में रखें| चार-पांच घंटे के बाद हांडी को आग में से निकालकर ठंडी होने के लिए रख दें| फिर ठंडी राख को हांडी से निकालकर शीशी में भरकर रख लें| इसे तीन रत्ती की मात्रा में प्रतिदिन दो बार शहद के साथ चाटने पर श्वास तथा तिजारी का रोग जाता रहता है|


Homemade Remedies by Wheat वीर्य की पुष्टता

पीपल के सूखे गोंद को गेहूं के आटे में मिलाकर हलवा बनाकर खाएं| यह वीर्य को पुष्ट करता है और प्रदर रोग में लाभ पहुंचाता है|


Homemade Remedies by Fennel Homemade Remedies by Milk Homemade Remedies by Water Homemade Remedies by Stomachache पेट के रोग

पीपल के पके हुए सूखे फल 5 ग्राम, छोटी हर्र 5 ग्राम, सौंफ 5 ग्राम तथा मिश्री 15 ग्राम - सबको कूट-पीसकर चूर्ण बना लें| रात को सोते समय 3 ग्राम चूर्ण दूध या गरम पानी से सेवन करें| यह चूर्ण पेट के सभी रोगों को शान्त करता है और मल साफ लाता है| इससे जठराग्नि तीव्र होती है| 

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