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भारत में तेजी से विकसित होने वाले पेड़

भारत में तेजी से विकसित होने वाले पेड़

पेड़ों को आप किसी भी क्षेत्र के हिसाब से तेजी से विकसित होने वाली श्रेणी के हिसाब से वर्गीकृत नहीं कर सकते हो मगर फिर भी हमारे देश में कई ऐसे पेड़ है। जो हर तरफ पाए जाते है व् उनका विकास बहुत तेजी से होता है।

1  नींबू (Nimboo)

नींबू (Nimboo)

नींबू (Nimboo)

18 मीटर की लम्बाई तक उगने वाला यह पेड़ पतनशील पेड़ है इसकी छाल ग्रे रंग की होती है इसके पत्ते अंडाकार आकार के होते है जो की लम्बाई में 8 -14 cm व् 3 -6 cm चौड़ाई में होते है। यह तीखे नोक वाले मुलायम होते है।

 

2 लाल चन्दन या रक्तचंदन (Lal Chandan, Raktachandan)

लाल चन्दन या रक्तचंदन (Lal Chandan, Raktachandan)

लाल चन्दन या रक्तचंदन (Lal Chandan, Raktachandan)

यह एक मीडियम साइज का पेड़ है जो की 8 मीटर तक लम्बा हो सकता है जिसके तने 50 -100 cm डीएमटीर तक के हो सकते है यौवन अवस्था में यह तेजी से बढ़ता है खास करके जब ये 3 साल का हो तब तक इसकी ऊंचाई 5 मीटर तक हो जाती है चाहे इसे कितनी ही बेकार मिट्टी मिले।

 

3 शाल्मली (Semal, Shalmali)

शाल्मली (Semal, Shalmali)

शाल्मली (Semal, Shalmali)

आमतौर पर यह पेड़ 30 फ़ीट तक चला जाता है मगर गीले सदाबहार क्षेत्रों में इसकी ऊंचाई 60 फ़ीट तक भी हो जाती है इसके तने सर्दियों में सीधे व् पत्ते पतझड़ी होते है।

 

4 महुआ / माहवा / मधुका (Mahua, Mahwa, Madhuka)

महुआ / माहवा / मधुका (Mahua, Mahwa, Madhuka)

महुआ / माहवा / मधुका (Mahua, Mahwa, Madhuka)

तेजी से विकसित होने वाला यह पेड़ उष्णकटिबंधीय पतझड़ी पेड़ है जो की 20 मीटर तक की ऊंचाई को पा लेता है जिसपे सदाबहार व् अर्ध सदाबहार परण लगते है इसकी खेती गर्म व् तर इलाको में इसके तैलीय बीजों, फूलों व् लकड़ी के लिए की जाती है। इसके पेड़ कई किस्म की मिट्टी में विकसित हो जाते है परन्तु रेतीली मिट्टी इनके लिए ज्यादा उपयुक्त है।

 

5 सागौन/ टीक (Sagaun)

सागौन/ टीक (Sagaun)

सागौन/ टीक (Sagaun)

इस पेड़ में कई औषधिये गण है इसकी छाल कड़वे टॉनिक के रूप में इस्तेमाल होती है। इसका प्रयोग बुखार को कम करने के लिए किया जाता है। यह सिरदर्द व् पेट की बीमारीओ के इलाज में लाभदायक है इसकी लकड़ी या छाल से पाचन क्षमता को तेज किया जा सकता है।

 

6 बेर (Ber)

बेर (Ber)

बेर (Ber)

भारत में बेर के पत्तों को टसर रेशम के कीड़ों के भोजन के रूप में एकत्रित किया जाता है इन इलाको में टसर सिल्क मिलती है जिसके लिए उष्णकटिबंदिये क्षेत्र प्रसिद्ध है। ज़िज़िफस मॉरिटियना उम्दा किस्म का ईँधन व् चारकोल उत्पन करता है।

 

7 शीशम (Shisham, Sisu, Sheesham)

शीशम (Shisham, Sisu, Sheesham)

शीशम (Shisham, Sisu, Sheesham)

भारतीय मूल का यह पेड़ माध्यम से बड़े आकार तक का हो सकता है यह पतझड़ी पेड़ है जिसका हल्का सा शिखर होता है जो की बीजों द्वारा बनता है। इसका ज्यादातर इस्तेमाल कैबिनेट फर्नीचर व् इमारती लकड़ी के रूप में होता है।

 

8 बबूल (Babool, Babul)

बबूल (Babool, Babul)

बबूल (Babool, Babul)

यह पेड़ 5 से 15 फ़ीट तक की उच्चाई को पाता है यह ज्यादातर रेतीले इलाको को पसंद करता है यहाँ पर सारा साल जलवायु सूखी रहती है इसका शिखर कभी चपटाकार या फिर गोलाकार होता है। यदि इसका शिखर गोलाकार हो तो इसकी शाखाएँ निचे की तरफ झुकी होती है।

 

9 जामफल / पेरू / अमरुद (Jamfal, Peru, Amrud)

जामफल / पेरू / अमरुद (Jamfal, Peru, Amrud)

जामफल / पेरू / अमरुद (Jamfal, Peru, Amrud)

उत्तरी भारत में इसको अमरुद के नाम से जाना जाता है यह पर समस्त भारत में ही उगाया जाने वाला फल है जिसको ज्यादातर घरो के पिछवाडो में उगाया जाता है।

 

10 अर्जुना /अर्जुन (Arjuna, Sadad, Arjun)

अर्जुना /अर्जुन (Arjuna, Sadad, Arjun)

अर्जुना /अर्जुन (Arjuna, Sadad, Arjun)

इस पेड़ की उच्चाई 60 फ़ीट से 85 फ़ीट तक चली जाती है। यह सदाबहार पेड़ है जिसके पीले फूल होते है व् पत्ते शंकुनुमा होते है देश के सभी भागो में यह उगाया जाता है सदियों से इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में किया जा रहा है।

 

11 मैंग्रोवेस (Mangroves)

मैंग्रोवेस (Mangroves)

मैंग्रोवेस (Mangroves)

दुनियाभर में इसकी 70 के करीब प्रजातिया पायी जाती है। यह उष्णदेशी पेड़ है जो की तटीय इलाको में ही उगता है। मैन्ग्रोव जंगलो का हमारे इकोसिस्टम में बड़ा योगदान है यह कुदरती तौर पर तटीय क्षेत्रों की रक्षा करते है।

 

12 शिकाकाई (Shikakai)

शिकाकाई (Shikakai)

शिकाकाई (Shikakai)

एशिया मूल की यह क्लाइम्बिंग झाड़ी है जो की देश के उष्म केंद्रीय व् दक्षिणी इलाको में उगती है इसके मध्यम मगर तेजी से बढ़ने वाले है जो की बुशी व् क्रीपर भी होते है। इसके कर्वी कांटे है जब यह पौधा एक बार विकसित हो जाये तो इन काँटों के कारण हाथी जैसा जानवर भी इनके पास नहीं आ सकता है।

 

13 नीम (Neem)

नीम (Neem)

नीम (Neem)

नीम भारत का सबसे प्राचीन आयुर्वेदिक औषधिये पौधा है। इसके पेड़ का हर एक हिस्सा किसी न किसी काम आता है इसी लिए यह व्यापारिक लहजे से कीमती पेड़ माना जाता है। लम्बे समय तक यह भारतीय ग्रामीण का दोस्त मित्र रक्षक सब कुछ रहा है। सहजन, मुनागा, सोंदना, सेगवा ड्रमस्टिक पेड़ छोटी झड़ी या पेड़ हो सकते है जिनकी उचाई 12 मीटर तक होती है यह 20 वर्षो तक जीवित रहता है इसकी जड़े काफी गहरी होती है जिसके कारण ही यह सूखे क्षेत्रों में जीवित रह पाता है इसके सिंगल तने पैर ही शिखर बना होता है।

 

 Ms. Ginny Chhabra (Article Writer)

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