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आयुर्वेदिक पौधे : 10 पौधे जिन्हे आप आसानी से अपने बग़ीचे में उगा सकते है

आयुर्वेदिक पौधे : 10 पौधे जिन्हे आप आसानी से अपने बग़ीचे में उगा सकते है

आयुर्वेद भारत की सबसे पुरातन  चिकित्सा पद्धति है जिसका मूल ही हमारा देश रहा है हमें तो खुद को सौभाग्यशाली मानना चाहिए की हम इस देश से है। जहाँ की इस चिकित्सा पद्धति को सम्पूर्ण विश्व प्रणाम कर रहा है व् कई देश इसको आधार बनाकर आधुनिक मेडिकल साइंस को और भी बेहतर बना रहे है। सदियों पहले प्रचलित यह पद्धति आज पुरे संसार में अपनी पहचान बना चुकी है। हमें अपने पूर्वजो के प्रति आभारी होना चाहिए जिनके कारण हम घर पर ही कई तरह की बीमारियों का नाश कर सकते है वो भी इन हर्ब्स को उगा कर हेल्थी रह सकते है।

यदि आप बाग़वानी के शौक़ीन है तो आपको यह पता होना चाहिए कोण सी हर्ब आसानी से उगाई जा सकती है उनका रख रखाव कैसे करना है आदि। आईये जानते है ऐसे ही कुछ पौधो के बारे में जो आपको रखेंगे हेल्थी चुस्त व् फिट।

1 हिबिस्कुस (Hibiscus)

हिबिस्कुस (Hibiscus)

हिबिस्कुस (Hibiscus)

यह प्यारा सा पौधा मधुमेह से बचाव करता है। इसके पत्तो व् फूलों का प्रयोग बालो की देखभाल के लिए भी किया जाता है। इस हर्ब को उगाना बहुत आसान है व् रखाव भी कठिन नहीं है बस एक बार यह अच्छी ऊंचाई प्राप्त कर ले तो फ़िक्र करने की ज्यादा जरुरत नहीं है। अच्छे परिणामो के लिए इसे ग्राउंड पर ही उगाए।

 

2 हिना (Henna)

हिना (Henna)

हिना (Henna)

भारत में इस पौधे का बहुत ज्यादा इस्तेमाल बालो कोनेचुरल रंग में रंगने के लिए किया जाता है मगर इसके अलावा यह बहुत बढ़िया मेडिसिनल पौधा भी है। आयुर्वेद में इसके पत्तो का प्रयोग पाचन संबधी बीमारिया, श्वास सबंधी बीमारिया व् जीवन जीने के रस्ते में आने वाली कई रुकावटों के इलाज में किया जाता है।

 

3 ब्राह्मी (Brahmi)

ब्राह्मी (Brahmi)

ब्राह्मी (Brahmi)

इनको आप एक पॉट में भी उगा सकते है बस ध्यान रहे इसे सीधी धूप में न रखे। इसके पत्तों का इस्तेमाल स्मरण शक्ति को तेज करने में किया जाता है। इसके अलावा इसका प्रयोग त्वचा से जुड़ी समस्याओं व् पेट के कीड़ों का नाश करने में होता है।

 

4 धनिया (कोरिएंडर) (Coriander)

धनिया (कोरिएंडर) (Coriander)

धनिया (कोरिएंडर) (Coriander)

धनिया एक ऐसी सामग्री है जो भारतीय पाक कला में विशेष स्थान रखती है, इसको आयुर्वेद में भी खास दर्जा प्राप्त है। इसके बीजों का प्रयोग गैस्ट्रिक सबंधी बीमारी के इलाज में किया जाता है। इसका जूस बहुत लाभकारी होता है जो कई बीमारियों का नाश करने में सक्षम है जिनमे हाइपरटेंशन भी शामिल है।

 

5 करी लीव्स (Curry Leaves)

करी लीव्स (Curry Leaves)

करी लीव्स (Curry Leaves)

यह मधुमेह का कुदरती ढंग से उपचार करते है। कई महीनों तक इसका सेवन करने से आप कई तरह की बीमारियों से छुटकारा पा सकते है जिनमे त्वचा की बीमारिया भी शामिल है। लगातार किया गया खाने में इसका इस्तेमाल आपको फिट व् स्वस्थ रखने में सहायक है।

 

6 जर्मन चमेली (German Chamomile)

जर्मन चमेली (German Chamomile)

जर्मन चमेली (German Chamomile)

नाजुक सी, सेब की भीनी भीनी सी खुशबू लिए इस पौधे को देख कर आप गलत अंदाज़ा न लगा ले की यह क्या प्रभावशाली होगी, वास्तव में यह छोटा सा पीले रंग का फूल बहुत कारगर है नक्साम (nccam) की एक रिपोर्ट के अनुसार यह बच्चों के लिए सटीक हर्ब है जो की कोलिक, नर्वस स्ट्रेस, इन्फेक्शन्स व् पेट की गड़बड़ी का इलाज करती है।

 

7 करी अश्वगंधा (Ashwagandha)

अश्वगंधा (Ashwagandha)

अश्वगंधा (Ashwagandha)

इसके बहुत सारे लाभ है, बांझपन से लेकर यह इम्मुने प्रणाली को मजबूत करता है, जख्मो को भरता है। इसके अतिरिक्त भी इसके कई लाभ है जो निम्नलिखित है:

  • मूत्रवर्धक, नींद लाना
  • एंटी टूमॉर, दर्द से छुटकारा
  • हार्ट टॉनिक
  • आँखों की सेहत का ख्याल रखता है
  • कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है
  • मिरगी विरोधी
  • तनाव व् बेचैनी घटाना, डिप्रेशन को कम करना
  • दिमाग के सेल के पतन को रोकना

 

8 नीम (Neem)

नीम (Neem)

नीम (Neem)

चखने में कसैले स्वाद वाला यह पौधा हमारा पहला टूथ ब्रश था जिसे हमारे पूर्वजो ने इस्तेमाल किया था। यह एकमात्र पौधा है जो दांतो के दर्द व् मसूढ़ों के दर्द का इलाज करता है। मन जाता है इसके जूस में कई औषधिये गुण है जिनका लगातार इस्तेमाल कई बीमारियों से हमारी रक्षा करता है।

 

9 मार्शमैलौ (Marshmellow)

मार्शमैलौ (Marshmellow)

मार्शमैलौ (Marshmellow)

इसकी जड़ का प्रयोग मूत्रालय व् श्वास प्रणाली में होने वाली सूजन व् जलन को ठीक करने में किया जाता है। साथ ही यह पेप्टिक अल्सर, गैस्ट्रिटिस, पेट में एसिड आदि को कम करने में मददगार है। एलोएवेरा के विपरीत इसके पत्ते खाने लायक होते है। जिनका प्रयोग आप सलाद में उबाल कर या फ्राई कर के कर सकते है।

बहरी तौर पर इसकी जड़ का प्रयोग खरोंचो, मोच, कीट के काटने पर, मासपेशिओ के दर्द आदि को ठीक करने में किया जाता है इसके साथ ही यह मूत्रशोध व् बार बार पेशाब आने की समस्या से भी निजात दिलाने में मददगार है।

 

10 लेमन ग्रास (Lemon Grass)

लेमन ग्रास (Lemon Grass)

लेमन ग्रास (Lemon Grass)

लेमन ग्रास के हमारी सेहत को बहुत सारे फ़ायदे मिलते है

  • यह श्वास की कई समस्या को दूर करता है जिसमे गले की खराश आदि शामिल है
  • इसकी एंटी पयर्टिक तत्व तेज बुखार को कम करता है
  • लेमन ग्रास बैक्टीरिया व् यीस्ट की वृद्धि करने में सक्षम है
  • यह नर्वस व् स्ट्रैस को कम करता है
  • यह हर तरह के दर्द को कम करता है जैसे की पेट का दर्द, मासपेशिओं का दर्द, सिरदर्द, जोड़ो का दर्द आदि

 Ms. Ginny Chhabra (Article Writer)

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Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

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