श्री गुरु नानक देव जी - साखियाँ (62)

मक्के का काबा फेरना

मक्के में मुसलमानों का एक प्रसिद्ध पूजा स्थान है जिसे काबा कहते है| गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) रात के समय काबे की…
(21 votes)

मलक भागो का ब्रह्म भोज व उसको उपदेश

मलक भागो ने ब्रह्म भोज करके सभ खत्रियों, ब्राह्मणों और साधुओं, फकीरों व नगर वासियों को बुलाया| उसने यह निमंत्रण गुरु जी (Shri Guru Nanak…
(8 votes)

मीठा रीठा

जब गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) पूरब दिशा कि तरफ बनारस जा रहे थे तो रास्ते में मरदाने ने कहा महाराज! आप मुझे…
(7 votes)

नवाब व काजी के साथ नमाज पढ़ने का कौतक

गुरु जी के बचन, "ना कोई हिंदू न मुसलमान" को जब काजी ने सुना तो उसने गुरु जी से इसका भाव पूछा| गुरु जी (Shri…
(2 votes)

हसन अब्दाल - वली कंधारी का अहंकार तोड़ना (पंजा साहिब)

गुरु जी होती मरदान और नौशहरे से होते हुआ हसन अब्दाल से बहार पहाड़ी के नीचे आकर बैठ गए| उस पहाड़ी पर एक वली कंधारी…
(9 votes)

गाय, भैंसे चारनी व खेत हरा करना

गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) को चुपचाप व बिना किसे काम के घर में लेटे रहते देख महिता जी ने उन्हें किसे काम…
(2 votes)

कलयुग से वार्तालाप

गुरु जी मरदाने के साथ बैठकर शब्द कीर्तन कर रहे थे तो अचानक अँधेरी आनी शुरू हो गई, जिसका गुबार पुरे आकाश में फ़ैल गया|…
(3 votes)

सच्चा सौदा करना

एक दिन महिता जी ने गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) को 20 रुपए देकर सच्चा सौदा करके लाने को कहा तथा भाई बाले…
(4 votes)

साँप का छाया देना

गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) अब रोजाना ही पशुओं को जंगल जूह में ले जाते| एक दिन वैसाख के महीने में दुपहर के…
(4 votes)

वृक्ष की छाया खड़ी करनी

एक दिन दुपहर ढलने के समय गुरु जी (Shri Guru Nanak Dev Ji) पेड़ की छाया के नीचे चादर बिछा कर लेट गए| उस वक्त…
(4 votes)

मरदाने को जादूगरनी से छुड़वाना

श्री गुरु नानक देव जी आसाम देश के कामरुप क्षेत्र के गौहाटी शहर से बाहर जा बैठे| मरदाने को भूख लगी, कुछ खाने के लिए…
(2 votes)

लाखों आकाश व लाखों पाताल दिखाने

श्री गुरु नानक देव जी कारूँ से चलकर बगदाद शहर के पूर्व की पहाड़ी के नीचे जा बैठे| यहां का राजा अत्याचारी था|
(3 votes)

गुरु जी का कैलाश पर्वत योगियों से मिलना

श्री गुरु नानक देव जी हेम कुन्ट के रास्ते बदरी नाथ पहुंचे| वे वहां कैलाश पर्वत पर सिद्ध-मण्डली के स्थान मानसरोवर के पास पहुँच गए|…
(4 votes)

बाबर का गुरु जी समेत कई लोगों को कैदी बनाना

बाबर ने सैदपुर के इलाके में हमला कर दिया| सैदपुर के पठानों ने इसका डटकर सामना किया| मगर बाबर की फौजों के आगे पठानों की…
(2 votes)

श्री गुरु नानक देव जी का बाल गुदाई टिल्ले पहुंचना

श्री गुरु नानक देव जी कान-फटे योगियों के डेरे टिल्ला बाल गुंदाई पहुंचे| इस डेरे का प्रधान अपने डेरे आए साधु-संतो व अतिथिगणों की वस्त्र…
(1 Vote)

सचखण्ड से निरंकारी उपदेश

गुरु जी नित्य की मर्यादा के अनुसार नदी में स्नान करने गए तो अपने वस्त्र सेवादार को पकड़ा कर नदी में गोते लगाने लगे| वे…
(3 votes)

हाथों पर ईंट का जुड़ना

श्री गुरु नानक देव जी मक्के से चलकर मदीने आ गए| इस स्थान पर हजरत मुहम्मद साहिब दफनाएं गए थे| इसलिए यह मुसलमानों का बड़ा…
(1 Vote)

राय बुलार की श्री गुरु नानक देव जी के प्रति श्रद्धा

राए बुलार ने महिता कालू जी को कहा कि आप खुश किस्मत हो आपको घर नानक जैसा पुत्र पैदा हुआ है| इन्हें आज से कटु…
(1 Vote)

जीना झूठ व मरना सच

एक दिन श्री गुरु नानक देव जी ने मरदाने को एक टके का झूठ व सच्च खरीदने के लिए भेजा| मरदाना बहुत दुकानों पर गया…
(3 votes)

मुलतान में जाकर पीर से मिलना

श्री गुरु नानक देव जी शिवरात्रि के मेले से उठकर मुलतान की यात्रा पर निकल पड़े| जब गुरु जी मुलतान पहुंचे तो वहां के पीरों…
(1 Vote)

अयोध्या नगरों में पंडितों से वार्तालाप

गुरु जी ने जैसे ही अयोध्या नगरी में प्रवेश किया, लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई| गुरु जी ने एक पण्डित से पूछा कि हमने…
(1 Vote)

पानी का पश्चिम दिशा में डालना

गुरु जी ने हरिद्वार पहुंचकर देखा कि लोग इश्नान करते हुए नवोदित सूर्य की ओर पानी हाथों से उछाल रहे हैं तो आप ने पश्चिम…
(1 Vote)

कौड़े राक्षस को तारना

श्री गुरु नानक देव जी विध्यांचल के दक्षिणी जंगलों में गए| वहां कौड़ा नाम का राक्षस रहता था जो इन्सानों को तलकर खाता था| कौड़ा…
(2 votes)

हमजा गौंस को नसीयत देनी

श्री गुरु नानक देव जी ने सिआलकोट शहर में आकर बेरी के वृक्ष के नीचे अपना डेरा लगा लिया| इस स्थान के पास ही एक…
(1 Vote)

सरसा में पीरों के साथ तप करना

श्री गुरु नानक देव जी मुसलमान पीरों के प्रसिद्ध ठिकाने सरसे में पहुंचे| पीरों ने पूछा सन्त जी! तप करना अच्छा है कि नहीं? गुरु…
(3 votes)

गुरु जी की बाल लीला

गुरु नानक देव जी जब 5 वर्ष के हुए तो उन्होंने बच्चों के साथ खेलना शुरू कर दिया| गुरु जी सभी बालकों को इतना प्यार…
(2 votes)

बनारस में पंडितों से हरि चर्चा

श्री गुरु नानक देव जी बनारस पहुंचे तो गुरु जी की वेश-भूषा-गेरुए रंग वाला करता, ऊपर सफेद चादर, एक पांव में जूती एक पांव में…
(1 Vote)

कटक शहर में जाना व भैरों के पुजारी से चर्चा करना

गुरु जी कटक शहर में पहुंच कर भैरों मन्दिर के पास आकर बैठ गए| आप अडोल रहे तो पुजारी ने आपको शक्तिशाली मानकर भूल की…
(2 votes)

अचल बटाले में गुरु जी का कौतक

सिद्धों का एक स्थान अचल बटाला जहां हर साल शिवरात्रि का मेला लगता है| यहां सिद्ध अपनी करामातें दिखाकर लोगों से अपनी पूजा करवाते है|…
(1 Vote)

मोदी खाने का दूसरी बार हिसाब होना

श्री गुरु नानक देव जी मोदी खाने को बड़ी उदारता के साथ चला रहे थे| अधिकारियों ने नवाब को चुगली कर दी कि गुरु जी …
(1 Vote)

सज्जन ठग को तारना

श्री गुरु नानक देव जी माता-पिता व राए बुलार आदि को मिलकर कुछ दिनों पश्चात् बोले-मरदाने को साथ लेकर मुलतान की ओर चल दिए|
(2 votes)

सिकन्दर लोधी को उपदेश

दिल्ली का बादशाह सिकंदर लोधी बहुत अत्याचारी था| उसने भक्त कबीर, सधना व नामदेव आदि भक्तों को कष्ट दिए व अनेक ही फकीरों को करामात…
(2 votes)

कुरुक्षेत्र में पंडित नानू को भ्रम से निकालना

सज्जन ठग को सच्चा ठग बनाकर गुरु जी पाकपटन शेख ब्रह्म के साथ ज्ञान चर्चा करके कुरुक्षेत्र पहुंच गए| उस समय लोग सूर्यग्रहण के मेले…
(3 votes)

सच्चे वैरागी बनने का उपदेश

श्री गुरु नानक देव जी ने उत्तर दिशा की यात्रा समाप्त कर दी| कुछ समय करतारपुर की संगतों का कल्याण करते रहें|
(1 Vote)

मथुरा-वृंदावन में उपदेश

गुरु जी जब मथुरा और वृंदावन पहुंचे तो आपने देखा कि लोग राजे रानियों और कृष्ण गोपियों के सांग बनाकर रास लीला करते, नाचते व…
(1 Vote)

पानी का चश्मा पैदा करना

भगतू सिक्ख जो कि टिल्ले की पहाड़ी के नीचे बैठा था, उसने गुरु जी से प्रार्थना की यहां पानी की बहुत कमी है|
(3 votes)

कोहड़ी का कोहड़ दूर करना

श्री गुरु नानक देव जी दीपालपुर शहर से बाहर एक कुटिया देखकर उस के पास जा बैठे| उस कुटिया में एक कोहड़ी रहता था| उसका…
(2 votes)

पंडों को भ्रम से निकालना

गुरु जी गया पहुंचे| यह शहर गयासुर दैंत्य का बसाया हुआ है, जिसके नाम पर ही इसका नाम गया प्रसिद्ध है| हिन्दुओं के विश्वास अनुसार…
(2 votes)

जनेयु की रस्म करनी

महिता कालू जी ने वंश की रीति अनुसार 11 साल के होते ही आपको जनेयु पहनाने के लिए दिन निश्चित करके पुरोहित हरदियाल के पास…
(3 votes)

मुल्ला के पास पढ़ाई करनी

पांधे गोपाल से पढ़ाई करके बाबा कालू ने आपको फारसी पढ़ने के लिए मुल्ला घुतवदीन के पास भेज दिया| मिष्ठान व कुछ नकदी समान भेंटा…
(1 Vote)

भृर्थरी जोगी से कजलीवन में चर्चा

श्री गुरु नानक देव जी बीजापुर के घने जंगल कजलीबन में योगियों के आश्रम पहुंचे| वहां योगियों के मुखी भृर्थरी ने आपसे योग धारण करने…
(2 votes)

मोदीखाने का तीसरी बार हिसाब होना

गुरु जी को खुल्ले हाथों से मोदी खाने की नौकरी करते देख चुगलखोरो ने नवाब को जाकर फिर शिकायत कर दी कि अब तो गुरु…
(3 votes)

गोरखमते में योगियों से चर्चा

श्री गुरु नानक देव जी योगियों के प्रसिद्ध स्थान गोरखमते पहुंचे| वहां उन्होंने उनके डेरे से कुछ दूर बैठकर कीर्तन आरम्भ कर दिया|
(1 Vote)

खेती का नष्ट होना व गुरु जी का वैराग्य धारण करना

श्री गुरु नानक देव जी खेत की रखवाली करने खेत में जाते| परन्तु उनकी सारी खेती पशुओं ने चर ली| क्योंकि गुरु जी पशुओं को…
(1 Vote)

सांई बुढण शाह के पास मिलने जाना

श्री गुरु नानक देव जी सतलुज नदी को पार करके सांई बुढण शाह के पास पहाड़ी स्थान पर पहुंच गए| इस वृद्ध फकीर के पास…
(1 Vote)

सालस राए को निहाल करना

गुरु जी मरदाने को साथ लिए चल रहे थे तो मरदाने ने कहा, गुरु जी मुझे बहुत भूख लगी है|
(1 Vote)

दुनी चंद को उपदेश

श्री गुरु नानक देव जी ऐमनाबाद से लाहौर आ गए| उस समय श्राद्धों के दिन थे| शाहूकार दूनी चन्द बहुत से ब्राह्मणों व सन्तों को…
(1 Vote)

वैद्य को उपदेश

श्री गुरु नानक देव जी को एकांत में लेटे देखकर माता तृप्ता कहने लगी - पुत्र! तुम बीमारो की तरह चुपचाप क्यों लेटे रहते हो?…
(1 Vote)

पीर बहावलदीन के साथ चर्चा

श्री गुरु नानक देव जी समुन्द्र के पश्चिमी तट के साथ-साथ मालाबार, गुजरात, बंबई आदि इलाकों में सत्यनाम का प्रचार करते हुए सिन्ध में उच्च…
(2 votes)

राजा शिवनाथ को उपदेश

श्री गुरु नानक देव जी अनन्त जीवों का सुधार व उद्धार करते हुए नागापटम से समुद्र के किनारे रामेश्वरम पहुंचे|
(1 Vote)
  •  Start 
  •  Prev 
  •  1 
  •  2 
  •  Next 
  •  End 
Page 1 of 2
 

नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

Disclaimer

 

इस वेबसाइट का उद्देश्य जन साधारण तक अपना संदेश पहुँचाना है| ताकि एक धर्म का व्यक्ति दूसरे धर्म के बारे में जानकारी ले सके| इस वेबसाइट को बनाने के लिए विभिन्न पत्रिकाओं, पुस्तकों व अखबारों से सामग्री एकत्रित की गई है| इसमें किसी भी प्रकार की आलोचना व कटु शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया|
Special Thanks to Dr. Rajni Hans, Ms. Karuna Miglani, Ms. Anisha Arora, Mr. Ashish Hans, Ms. Mini Chhabra & Ms. Ginny Chhabra for their contribution in development of this spiritual website. Privacy Policy | Media Partner | Wedding Marketplace

Vulnerability Scanner

Connect With Us