HomePosts Tagged "उद्योगपर्व" (Page 3)

1 [सम्जय] यथार्हसे पाण्डव तत तथैव; कुरून कुरुश्रेष्ठ जनं च पृच्छसि
अनामयास तात मनस्विनस ते; कुरुश्रेष्ठान पृच्छसि पार्थ यांस तवम

1 [स] धर्मे नित्या पाण्डव ते विचेष्टा; लॊके शरुता दृश्यते चापि पार्थ
महास्रावं जीवितं चाप्य अनित्यं; संपश्य तवं पाण्डव मा विनीनशः

🙏 धर्म और आध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाने में हमारा साथ दें| 🙏