बसंत पंचमी
अंगारों की तरह दिखते पलाश के फूल, आम के पेड़ों पर आये बौर, हरियाली से ढकी धरती और चारो और पीली सरसों बसंत ऋतु के शुभ आगमन की बधाई देते हैं वास्तव में बसंत पंचमी ऋतु परिवर्तन का ऐसा त्यौहार है| जो अपने साथ मद-मस्त परिवर्तन लेकर आती है| Read More

Top Videos

  • Srimad Bhagavad Gita as it was in Hindi - Adhyay 18
  • Sai Baba Ji - Real Story Video
  • Sai Baba Ji - Real Story Video
  • Sai Baba Ji - Real Story Video
  • Srimad Bhagavad Gita as it was in Hindi - Adhyay 17
  • Srimad Bhagavad Gita as it was in Hindi - Adhyay 16
  • Srimad Bhagavad Gita as it was in Hindi - Adhyay 15
  • सिक्ख गुरु साहिबान



तेरी शिर्डी में चले आए है साई बाबा

तेरी शिर्डी में चले आए है साई बाबा
अपने दरबार में थोडी सी जगह तो दे दे

तेरे होते हुए मैं क्योँ हूँ बेगानों की तरह
दर् बदर घूमा करूँ क्यूँ मैं दीवानों की तरह
सब का मालिक है तो मेरी भी अरज को सुन ले
तेरी शिर्डी में चले आए है साई बाबा
साई साई साई तेरे साई बाबा सबका मालिक एक है ...

मुझ पे क्या बीत रही साई बताने आया
कोई सुनता ही नही तुमको सुनाने आया
मेरे इस हाल पे बाबा तू नज़र कर दे
तेरी शिर्डी में चले आए है साई बाबा


तू दयावान भी है साई निगेवान भी है
मेरी मंजिल भी है तू मेरा तो ईमान भी है
मैं हूँ ठुकराया हुआ मुझ पे तरस तो कर ले
तेरी शिर्डी में चले आये है साई बाबा ...

Galleries

  • व्रत, विधि व कथा
  • आरती संग्रह
  • मंत्र संग्रह
  • चालीसा संग्रह
प्रदोष का अर्थ है रात्रि का शुभ आरम्भ|इस व्रत के पूजन का विधान इसी समय होता है| इसलिए इसे प्रदोष ...
सोमवार का व्रत साधारणतय दिन के तीसरे पहर तक होता है|
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को सूर्य षष्ठी का व्रत करने का विधान है|
यह व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता है|इस दिन गौ की पूजा करने का विधान है| साथ में ...
यह व्रत कार्तिक लगते ही अष्टमी को किया जाता है| जिस वार की दीपावली होती है अहोई आठें भी उसी वार की ...
सर्व मनोकामनाओ की पूर्ति हेतु रविवार का वर्त श्रेस्ठ है|
cache/resized/4f5fa6a45dc726a5dd2bb17cdf4a51af.jpg
cache/resized/c88f521bdf2ad458e3dca455e9e81490.jpg
cache/resized/db2442b14437d1c7d08e4e1ec8213f7a.jpg
cache/resized/337f9748e36645040751c852543ca90e.jpg
cache/resized/49b870b3906a15757ddc7eaa34311bb8.jpg
cache/resized/ec441fd066180eb078b22a9317b22d20.jpg
आरति कीजै हनुमान लला की |दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ||
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं |नव कंजलोचन, कंज - मुख, कर - कंज, पद कंजारुणं ||
करो आरती गीता जी की || जग की तारन हार त्रिवेणी,स्वर्गधाम की सुगम नसेनी |
आरती श्री रामायण जी की | कीरत कलित ललित सिय पिय की | गावत ब्रह्मादिक मुनि नारत |
गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विध्न टरें |तीन लोक तैंतीस देवता द्वार खड़े सब अर्ज करे ||
जय पार्वती माता जय पार्वती माता |ब्रह्मा सनातन देवी शुभफल की दाता |
cache/resized/7b3a19743b52404093e6878b2570f82e.jpg
cache/resized/22a49740aa5e762a96a35fd268c64fe5.jpg
cache/resized/0f5491328cce2e891ad76319ce686713.jpg
cache/resized/78a76bb1178732edb588045015655898.jpg
cache/resized/e3844737eade52d97d008f9f4481e985.jpg
cache/resized/b016620a846e64f18790cfb57965af9f.jpg
ॐ ह्रीं केतव नमः ||
क्षीरोदार्णवसम्भूत अत्रिगोत्रसमुद् भव ।गृहाणार्ध्यं शशांकेदं रोहिण्य सहितो मम ।।
नारायणं सर्वकालं क्षुत प्रस्खलनादिषु । ग्रह नक्षत्र पीडाषु देव बाधाषु सर्वतः ।।
हे वासुदेव !हे नृसिंह !हे आपादा उद्धारक !
सायं ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः । दीपो हरतु मे पापं सन्ध्यादीप नमोऽस्तु ते ।। 
ॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः ||
cache/resized/920ab882d6a3382375d4d5beea04b29b.jpg
cache/resized/19dd038b6195f2772470ebf52d5a4006.jpg
cache/resized/dd8b3ba3e179b6ce5d2396f053e7e0fb.jpg
cache/resized/5644b4a6823c837f766c6b723119255d.jpg
cache/resized/67faa813144fe81a7d296ef2f4e9e0b4.jpg
cache/resized/91c116002b520eb5ce6e6031586aff2e.jpg
|| चौपाई || जय श्रीसकल बुद्घि बलरासी । जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी ॥ जय जय जय वीणाकर धारी । करती ...
|| चौपाई || जयति जयति शनिदेव दयाला । करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥ चारि भुजा, तनु श्याम विराजै । ...
|| चौपाई || नमो नमो दुर्गा सुख करनी |नमो नमो अम्बे दुखहरनी ||
|| दोहा || जय जय माता शीतला तुमही धरे जो ध्यान। होय बिमल शीतल हृदय विकसे बुद्धी बल ज्ञान ॥
|| चौपाई || अज अनादि अविगत अलख, अकल अतुल अविकार।बंदौं शिव-पद-युग-कमल अमल अतीव उदार॥
|| दोहा || बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्ब फल, नयन कमल अभिराम॥१
cache/resized/ed4a97ec2723fe8d25ef0751e316b648.jpg
cache/resized/f8be76f98e8de2a4d4d2bf2aaaecf735.jpg
cache/resized/ee64dd467448070b500e1f9b85d0a5bb.jpg
cache/resized/bcb5cc6c427736c39ee70b8640dbd55b.jpg
cache/resized/169aaab42979d6a253f539c2f7a11081.jpg
cache/resized/ebae25568e094c6fc85b11401a7b1ac2.jpg
 
Videos

नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...
 
Sitemap

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 
E-Mail

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

नोट: इस वेबसाइट का उद्देश्य जन साधारण तक अपना संदेश पहुँचाना है| ताकि एक धर्म का व्यक्ति दूसरे धर्म के बारे में जानकारी ले सके| इस वेबसाइट को बनाने के लिए विभिन्न पत्रिकाओं, पुस्तकों व अखबारों से सामग्री एकत्रित की गई है| इसमें किसी भी प्रकार की आलोचना व कटु शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया|
Special Thanks to Dr. Rajni Hans, Ms. Karuna Miglani, Ms. Anisha Arora, Mr. Ashish Hans, Ms. Mini Chhabra & Ms. Ginny Chhabra for their contribution in development of this spiritual website. Audio & Video Production: VISIONHUNT (info@visionhunt.in) | Privacy Policy | Media Partner