Home02. सांख्ययोग

02. सांख्ययोग (5)

‘रांझा-रांझा’ करदी हुण मैं आपे रांझा होई| टेक|
सद्दो मैनूं धीरो रांझा हीर न आखो कोई|

उद्धव बचपन से ही सारथी के रूप में श्रीकृष्ण जी की सेवा में रहे, किन्तु उन्होंने श्री कृष्ण जी से कभी न तो कोई इच्छा जताई और न ही कोई वरदान माँगा।

जोर जबरदस्ती और हाक्मोके अत्याचारों से दुखी सृष्टि की पुकार सुनकर अकाल पुरख ने गुरु नानक जी के रूप में जलते हुए संसार  की रक्षा करने के लिए माता तृप्ताजी की कोख से महिता कालू चंद बेदी खत्री के घर राये भोये की तलवंडी (ननकाना साहिब) में 1469 ई० को सवा पहर के तड़के अवतार धारण किया|

श्रीहनुमानजी आजम नैष्ठिक ब्रह्मचारी, व्याकरणके महान् पण्डित, ज्ञानिशिरोमणि, परम बुद्धिमान् तथा भगवान् श्रीरामके अनन्य भक्त हैं| ये ग्यारहवें रुद्र कहे जाते हैं|

गुरु महिमा: संत कबीर दास जी के दोहे व व्याख्या

उद्धवजी वृष्णवंशियोंमें एक प्रधान पुरुष थे| ये साक्षात् बृहस्पतिजीके शिष्य और परम बुद्धिमान् थे| मथुरा आनेपर भगवान् श्रीकृष्णने इन्हें अपनी मन्त्री और अन्तरङ्ग सखा बना लिया|

सर्व सुख, रक्त विकार, राज्य सम्मान तथा पुत्र की प्राप्ति के लिए मंगलवार का वर्त उतम है|

विश्वविजय का सपना लेने वाला यूनान का सम्राट सिकंदर महान् बहुत अधिक अभिमानी था| वह यह सहन नहीं कर सकता था कि कोई उसके सम्मुख गर्व से सिर उठाए|

किसी जंगल में हिरन और कौआ दो बहुत गहरे मित्र रहते थे| एक दिन जब हिरन जंगल से लौटा तो उसके साथ एक गीदड़ भी था| कौआ सोचने लगा कि यह मक्कार इसके साथ कैसे? यही प्रश्न उसने हीरन से पूछा|

साईं बाबा के एक भक्त थे दामोदर घनश्याम बावरे| लोग उन्हें ‘अण्णा चिंचणीकर’ के नाम से जानते थे| साईं बाबा पर उनकी इतनी आस्था था कि वे कई वर्ष तक शिरडी में आकर रहे| अण्णा स्वभाव से सीधे, निर्भीक और व्यवहार में रूखे थे| कोई भी बात उन्हें सहन न होती थी| पर मन में कोई कपट नहीं था| जो कुछ भी कहना होता था, दो टूक कह देते थे| अंदर से एकदम कोमल दिल और प्यार करने वाले थे| उनके इसी स्वभाव के कारण ही बाबा भी उन्हें विशेष प्रेम करते थे|

मैं से बड़ी और कोई भूल नहीं। प्रभु के मार्ग में वही सबसे बड़ी बाधा है। जो उस अवरोध को पार नहीं करते, सत्य के मार्ग पर उनकी कोई गति नहीं होती।

(1) यूएन ने महात्मा गांधी के जन्म दिवस को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया

श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितम्बर 1950 में गुजरात के वदनगर, मेहसाणा जिले में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री दामोदर दास मूलचंद एवं माता का नाम श्रीमती हीरा बेन हैं।

वर्ष भर में अनेक तिथियाँ वर्तमान बनकर आती हैं, और भूतकाल बनकर चली जाती हैं। लेकिन कुछ तारीखें ऐसी भी होती हैं, जो युगों-युगों के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाती हैं। 11 सितम्बर, दुनिया के लिए एक ऐसी ही तारीख है।

(1) ‘‘नव शैक्षिक सत्र चरित्र निर्माण का वर्ष हो’’ :-

आज समाज में चारों तरफ शैतानी सभ्यता बढ़ती ही जा रही है। चारित्रिकता, नैतिकता, कानून का सम्मान व जीवन मूल्यों की शिक्षा के अभाव में कुछ लोग आज राह भटक गये हैं, यही कारण है कि समाज में आये दिन महिलाओं के प्रति बढ़ते वीभत्स अपराध, चोरी, हत्या, बलात्कार, भ्रष्टाचार आदि जैसी घटनाएं पढ़ने-सुनने को मिल रही है। आज की इस विषम सामाजिक परिस्थितियों में हमारी बाल एवं युवा पीढ़ियां, विशेषकर लड़कियों का भविष्य असुरक्षित होता चला जा रहा है। यह अत्यन्त ही दुःखदायी एवं सोचनीय विषय बन गया है। वास्तव में हम जो कुछ भी हैं सदाचारी-दुराचारी, हिंसक-अहिंसक, सुखी-दुःखी, सफल-असफल, शांत-अशांत, आस्तिक-नास्तिक, अच्छे-बुरे आदि सब कुछ हमारे विचारों के कारण से हैं। हमारे जीवन में ‘मन’ एक खेत की तरह है तथा ‘विचार’ बीज की तरह हैं। जीवन व चित्त रूपी भूमि में हम परिवार, विद्यालय तथा समाज के वातावरण के द्वारा बालक के मन में जैसे विचारों का बीजारोपण करते हैं वैसे ही विचारों, चरित्र और आचरण का बालक बन जाता है। हमारा मानना है कि बच्चों में बाल्यावस्था से ही चारित्रिक गुणों को विकसित करने के लिए नव शैक्षिक सत्र को चरित्र निर्माण के वर्ष के रूप में मनाना चाहिए।

(1) ‘होली’ भारतीय समाज का एक प्रमुख त्योहार:

भारत संस्कृति में त्योहारों एवं उत्सवों का आदि काल से ही काफी महत्व रहा है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ पर मनाये जाने वाले सभी त्योहार समाज में मानवीय गुणों को स्थापित करके, लोगों में प्रेम, एकता एवं सद्भावना को बढ़ाते हैं। भारत में त्योहारों एवं उत्सवों का सम्बन्ध किसी जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र से न होकर समभाव से है। यहाँ मनाये जाने वाले सभी त्योहारों के पीछे की भावना मानवीय गरिमा को समृद्धता प्रदान करना होता है। यही कारण है कि भारत में मनाये जाने वाले सभी प्रमुख त्योहारों एवं उत्सवों में सभी धर्मों के लोग आदर के साथ मिलजुल कर मनाते हैं। होली भारतीय समाज का एक प्रमुख त्योहार है, जिसका लोग बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। परम पिता परमात्मा से हमारी प्रार्थना है कि होली का मंगल पर्व हम सभी के जीवन में नई आध्यात्मिक क्रान्ति लाए!

लखनऊ, 16 जुलाई। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) का छः सदस्यीय छात्र दल दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हो रहे इण्टरनेशनल मैथमेटिक्स कम्पटीशन (एस.ए.आई.एम.सी.) में प्रतिभाग करेगा।

लखनऊ, 12 जुलाई। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, आर.डी.एस.ओ. कैम्पस का 12-सदस्यीय छात्र दल ‘अन्तर्राष्ट्रीय गणित प्रतियोगिता’ में प्रतिभाग हेतु दक्षिण अफ्रीका जायेगा।

लखनऊ, 7 जुलाई। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, स्टेशन रोड कैम्पस का छः सदस्यीय छात्र दल दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हो रहे इण्टरनेशनल मैथमेटिक्स कम्पटीशन (एस.ए.आई.एम.सी.) में प्रतिभाग करेगा।

लखनऊ, 28 दिसम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल की मेजबानी में आयोजित एक माह के अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर में प्रतिभाग हेतु 13 देशों से पधारे छात्रों का आज लखनऊ पधारने पर भव्य स्वागत हुआ।

लखनऊ, 19 दिसम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) का पाँच सदस्यीय छात्र दल एक माह के ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ में प्रतिभाग हेतु आस्ट्रेलिया रवाना हो रहा है।

लखनऊ, 4 जुलाई। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) का पाँच सदस्यीय दल एक माह के ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ में प्रतिभाग हेतु आस्ट्रिया रवाना हो गया।

लखनऊ, 26 दिसम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) का पाँच सदस्यीय छात्र दल एक माह के ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ में प्रतिभाग हेतु आस्ट्रेलिया रवाना हो गया। आस्ट्रेलिया रवाना होने से पूर्व इस छात्र दल को विद्यालय के शिक्षकों व अभिभावकों ने अमौसी एअरपोर्ट पर शुभकामनाएं दी।

लखनऊ, 28 जून। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) की दो छात्राएं स्नेहा यादव एवं देवार्पिता अपनी शिक्षिका सुश्री नेहा ए. शर्मा के नेतृत्व में हंगरी रवाना हो गई, जहाँ वे एक माह के ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ में प्रतिभाग करेंगी।

लखनऊ, 4 जून। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, अलीगंज (प्रथम कैम्पस) का पाँच सदस्यीय छात्र दल ‘‘चिल्ड्रेन्स इण्टरनेशनल समर विलेज कैम्प (सी.आई.एस.वी.)’’ में प्रतिभाग हेतु अमेरिका रवाना हो रहा है। इस दल में चार छात्र व एक शिक्षिका शामिल है।

लखनऊ, 16 दिसम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल की मेजबानी में 27वंे ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ का आयोजन 28 दिसम्बर 2019 से 24 जनवरी 2020 तक किया जा रहा है।

(1) संयुक्त राष्ट्र संघ ने महात्मा गांधी के जन्मदिवस को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया

(1) धर्मों के बीच में बढती हुई दूरियों का कारण मानव का धर्म के प्रति अज्ञानता है!

अब समय आ गया है जबकि सभी धर्मों के लोगों को एक ही स्थान पर एकत्रित होकर एक ही परमपिता परमात्मा की प्रार्थना करनी चाहिए। अर्थात एक ही छत के नीचे हो-अब सब धर्मों की प्रार्थना’ हो।

लखनऊ, 18 नवम्बर। प्रख्यात शिक्षाविद् एवं सिटी मोन्टेसरी स्कूल (सी.एम.एस.) की संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ब्रिटिश संसद के हाउस आॅफ काॅमन्स में आयोजित हो रहे ‘एक्सीलेन्स इन स्कूल एजूकेशन अवार्ड-2019’ में प्रतिभाग हेतु लंदन रवाना हो गई, जहाँ उन्हें शैक्षिक क्षेत्र में अतुलनीय योगदान हेतु ‘लाइफ टाइम एचीवमेन्ट अवार्ड’ से नवाजा जायेगा।

लखनऊ, 24 अगस्त। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम (प्रथम कैम्पस) द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय अंग्रेजी साहित्य महोत्सव ‘ओडिसी इण्टरनेशनल-2019’ का भव्य समापन आज सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में हुआ।

लखनऊ, 7 दिसम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, इन्दिरा नगर कैम्पस द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित चार दिवसीय विश्व एकता एवं विश्व शांति महोत्सव ‘काॅन्फ्लुएन्स-2019’ आज पूरे विश्व में एकता, शान्ति व सौहार्द की भावना प्रवाहित करने के दृढ़-संकल्प के साथ सम्पन्न हो गया।

लखनऊ, 25 फरवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) की कक्षा-3 की प्रतिभाशाली छात्रा नव्या वाष्र्णेय को ‘क्यूटेस्ट किड्स ऑफ इण्डिया’ के खिताब से नवाजा गया है।

लखनऊ, 28 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस के तत्वावधान में चल रहे चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल सम्मेलन (आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019) का दूसरा दिन देश-विदेश से पधारे क्वालिटी विशेषज्ञों के सारगर्भित विचारों से ओतप्रोत रहा।

लोकमात्य बाल गंगाधर तिलक एक समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी, गणितज्ञ, खगोलशास्त्री, पत्रकार और भारतीय इतिहास के विद्वान थे। तिलक का जन्म 23 जुलाई, 1856 को महाराष्ट्र के रत्नागिरि में हुआ था।

उपनिषद् की कथा है| प्रजापति ब्रह्मा की तीन प्रकार की संतानें थी| पहले देवता थे जिन्हें सब प्रकार के सुख-वैभव प्राप्त थे, परंतु वे सदा भोग-विलास में लीन रहते थे|

लखनऊ, 8 सितम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में ‘नारी के प्रति हिंसा को रोकने में मीडिया, स्कूल व समाज की भूमिका’ विषय पर ‘अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन’ का आयोजन आगामी 15 सितम्बर, रविवार को सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में किया जा रहा है।

(1) प्रभु कार्य करने का ‘सुअवसर’ आया है:

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार परमात्मा ने दो प्रकार की योनियाँ बनाई हैं। पहली ‘मनुष्य योनि’ एवं दूसरी ‘पशु योनि’। चैरासी लाख ‘‘विचार रहित पशु योनियों’ में जन्म लेेने के पश्चात् ही परमात्मा कृपा करके मनुष्य को ‘‘विचारवान मानव की योनि’’ देता है। इस मानव जीवन की योनि में मनुष्य या तो अपनी विचारवान बुद्धि का उपयोग करके व नौकरी या व्यवसाय के द्वारा या तो अपनी आत्मा को पवित्र बनाकर परमात्मा की निकटता प्राप्त कर ले अन्यथा उसे पुनः 84 लाख पशु योनियों में जन्म लेना पड़ता हैं। इसी क्रम में बार-बार मानव जन्म मिलने पर भी मनुष्य जब तक अपनी ‘विचारवान बुद्धि’ के द्वारा अपनी आत्मा को स्वयं पवित्र नहीं बनाता तब तक उसे बार-बार 84 लाख पशु योनियों में ही जन्म लेना पड़ता हैं और यह क्रम अनन्त काल तक निरन्तर चलता रहता हैं। केवल मनुष्य ही अपनी आत्मा का विकास कर सकता है पशु नहीं। जो व्यक्ति प्रभु की इच्छा तथा आज्ञा को पहचान जाता है फिर उसे धरती, आकाश तथा पाताल की कोई शक्ति प्रभु कार्य करने से नहीं रोक सकती। सुनो अरे! युग का आवाहन, करलो प्रभु का काज। अपना देश बनेगा सारी, दुनिया का संकटहार।

लखनऊ, 8 मार्च। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर आॅडिटोरियम में आयोजित ‘विश्व एकता सत्संग’ में बोलते हुए सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका व बहाई धर्मानुयायी डा. भारती गाँधी ने कहा कि महिलाएं ही समाज को शक्तिशाली व प्रगतिशील बनाती है।

लखनऊ, 5 जनवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर आॅडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं बहाई अनुयायी डा. भारती गाँधी ने कहा कि सभी धर्मों का सार एक ही है और वह है ‘मानवता का धर्म’ अर्थात सभी मनुष्यों की भलाई के लिए कार्य करना।

लखनऊ, 6 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल (सी.एम.एस.) की संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी को शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान हेतु आगामी 20 नवम्बर को ब्रिटिश संसद के हाउस आॅफ काॅमन्स में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘लाइफ टाइम एचीवमेन्ट अवार्ड’ से नवाजा जायेगा।

लखनऊ, 27 जनवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल की मेजबानी में आयोजित एक माह के अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर में पधारे ब्राजील, कैनडा, कोस्टारिका, डेनमार्क, फ्राँस, जर्मनी, इटली, मैक्सिको, नार्वे, स्वीडन, थाईलैण्ड, अमेरिका एवं भारत के बाल प्रतिनिधि लखनऊ में अपने एक माह के प्रवास के उपरान्त ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का पैगाम लेकर सुखद अनुभूतियों के साथ अपने-अपने देशों को रवाना हो गये।

लखनऊ, 12 जनवरी। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ एक ऐसी विचारधारा है, सिर्फ अपने देश ही नहीं अपितु विश्व के सम्पूर्ण देशों की एकता, शान्ति व समृद्धि की कामना करता है।

लखनऊ, 21 जनवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस की पाँच सदस्यीय छात्र टीम को ‘विप्रो अर्थियन अवार्ड’ हेतु चयनित किया गया है। सी.एम.एस. छात्र टीम को यह पुरस्कार सस्टेनबिलिटी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रदान किया जा रहा है

लखनऊ, 13 फरवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के हजारों छात्रों ने ‘वैलेन्टाइन डे’ के दुष्प्रभावों से किशारों व युवा पीढ़ी को जागरूक करने हेतु आज विशाल ‘पारिवारिक एकता मार्च’ निकाला एवं जन-मानस को ‘वैलेन्टाइन डे’ के सही अर्थ से अवगत कराते हुए ‘वैलेन्टाइन डे’ को ‘फैमिली यूनिटी डे’ के रूप में मनाने की पुरजोर अपील की।

लखनऊ, 7 फरवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी के मार्गदर्शन में विद्यालय के 56,000 छात्रों ने देश की युवा पीढ़ी खासकर छात्र-छात्राओं से पुरजोर अपील की है कि आगामी 14 फरवरी को संत वैलेन्टाइन के शहीदी दिवस ‘वैलेन्टाइन डे’ को ‘फैमिली यूनिटी डे’ के रूप में मनायें एवं पारिवारिक एकता व सामाजिक एकता का अलख जगाकर राष्ट्र के नैतिक व आध्यात्मिक प्रगति में योगदान दें।

लखनऊ, 26 सितम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के विभिन्न कैम्पस की 13 प्रधानाचार्याएं दो दिवसीय ‘शैक्षिक सम्मेलन’ में प्रतिभाग हेतु आज मसूरी रवाना हो गई।

– ॐ शब्द का उच्चारण करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त या साध्य काल का चुनाव करें।

(1) दीपावली का पर्व हमें अपने अन्दर आत्मा का प्रकाश धारण करने की प्रेरणा देता है

In the name of Allah , the Beneficent , the Merciful. Praise be to Allah , Lord of the Worlds , The Beneficent , the Merciful . Owner of the Day of Judgment , Thee ( alone ) we worship ; Thee alone we ask for help .

प्रसिद्ध कहावत है की “रोज़ एक सेब का सेवन करने से डॉक्टर को दूर भगाये” पर क्या कभी आपने यह सोचा है की आखिर ऐसा क्या है

लघु कथाएँ अपने आप में बहुत प्रभावशाली होती है जिनको आप आसानी से पढ़ सकते हो, समझ सकते हो, दिलो दिमाग में बैठा सकते हो बल्कि इनके अंत में हमेशा एक शिक्षा / प्रेरणा दी होती है।

मधुमखियाँ हमारे बग़ीचे की महत्वपूर्ण कीट है जो कई खाद्य व् सजावट की वस्तुओं का परागकण करती है।

By the racers, panting, And the producers of sparks [when] striking, And the chargers at dawn, Stirring up thereby [clouds of] dust,…

लखनऊ, 8 अप्रैल। शिक्षा, नैतिकता, चरित्र निर्माण व मनोरंजन की इन्द्रधनुषी छटा से सराबोर सी.एम.एस. कानपुर रोड का नजारा आज देखने लायक था।

The Striking Calamity -, What is the Striking Calamity?, And what can make you know what is the Striking, It is the Day when people will be like moths, dispersed,… 

Competition in [worldly] increase diverts you, Until you visit the graveyards., No! You are going to know., Then no! You are going to know…

By time, Indeed, mankind is in loss, Except for those who have believed and done righteous…

Woe to every scorner and mocker, Who collects wealth and [continuously] counts it., He thinks that his wealth will make him immortal…

Have you not considered, [O Muhammad], how your

Lord dealt with the companions of the elephant?…

For the accustomed security of the Quraysh -, Their accustomed security [in] the caravan of winter and, Let them worship the Lord of this House,…

Have you seen the one who denies the Recompense?, For that is the one who drives away the orphan, And does not encourage the feeding of the poor…