श्री साईं बाबा जी (77)

ऐसी सुबह न आए न आए ऐसी श्याम

ऐसी सुबह न आए न आए ऐसी श्यामजिस दिन जुबान पे मेरी आए न साई का नाम

अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं

अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं...कोई वस्तु नहीं ऐसी, जिसे सेवा में लाऊं मैं...

तुम सागर ठहरे हम गागर ठहरे,हाये प्राण तुम्हीं को ध्याएँ

तुम सागर ठहरे हम गागर ठहरे,हाये प्राण तुम्हीं को ध्याएँमोहे झलक दिखादो साँई मोहे झलक दिखादो साँईयाद बड़ी तड़पाए रेतुम सागर ठहरे………………

तू मारे या तारे - 2 साँई बाबा हम हैं दास तुम्हारे

तू मारे या तारे - 2 साँई बाबा हम हैं दास तुम्हारे जब से अपनी आँख खुली हैदिन उजला हर शब उजली हैजागे भाग हमारे,जागे भाग हमारेओ साँई बाबा हम हैं दास तुम्हारे

तुझ में ही सब को पाके तुझ में ही मन रमा के

तुझ में ही सब को पाके तुझ में ही मन रमा केमें तुम्ही से साई बाबा में तुम्ही को मांग लूँगातुझ में ही सबको पाके तुझ में ही मन रमा केमै तुम्ही से साई मैं तुम्ही को माग लूँगा

इतना तो साई करना जब प्राण तन से निकले

इतना तो साई करना जब प्राण तन से निकले इतना तो साई करना अर्जी सुन लेना ,मेरी अर्जी सुन लेना

मेरे मालिक मेरे मौला ऐ मेरे साई खुदा

मेरे मालिक मेरे मौला ऐ मेरे साई खुदा मेरे मालिक मेरे मौला ऐ मेरे साई खुदा,तेरे ही कारण यह जन्नत सी ज़मीं और आस्मांतेरा ही दीदार हों हम सब को दिन की हर सुबह ,ओ साई नाथ मेरे साई नाथ ,

धूल तेरे चरणों की बाबा चन्दन और अबीर बनी

धूल तेरे चरणों की बाबा चन्दन और अबीर बनीजिसने लगाई निज मस्तक पर उसकी तो तकदीर बनीधूल तेरे चरणों की बाबा……………

ओ कान्हा, अब तो मुरली की, मधुर सुना दो तान

ओ कान्हा, अब तो मुरली की, मधुर सुना दो तान,ओ कान्हा, अब तो मुरली की, मधुर सुना दो तान,में हु तेरी, प्रेम दीवानी, मुझको तुम पहचान,मधुर सुना दो तान..

तकदीर के मारे बन्दों को शिरडी में बुलालो हे साँई

तकदीर के मारे बन्दों को शिरडी में बुलालो हे साँईबड़ा जग की बलाएं घूर रहीं हमें उनसे बचालो हे साँई

शमा करो साईं शमा करो

शमा करो साईं शमा करोहर भूल को हमरी शमा करोबच्चे है हम साईं शमा करोहर भूल को हमरी शमा करो - 2

मेरे बाबाजी बनालीजिये अपना मेरे बाबाजी बना लीजिये अपना

मेरे बाबाजी बनालीजिये अपना मेरे बाबाजी बना लीजिये अपनाबना लीजिये अपना बना लीजिये अपना

तेरे कदमों की आहट का मुझे इन्तजार है

तेरे कदमों की आहट का मुझे इन्तजार है - 2कैसे कहूँ बाबा तुमसे कितना प्यार है – 2श्रद्वा सुमन से अपना आँगन मैंने सजा लिया साथ में सबुरी का दीपक भी जला लिया – 2तेरे चिमटे की खन खन का मुझे इन्तजार है – 2कैसे कहूँ बाबा तुमसे कितना प्यार…

सरस्वती माँ शत् प्रणाम, घट में भर दे ऐसा ज्ञान

सरस्वती माँ शत् प्रणाम, घट में भर दे ऐसा ज्ञान।करें देश सेवा का काम, पढ़ लिखकर हम पाएँ मान।

तन में राम मन में राम रोम रोम में समाया

तन में राम मन में राम रोम रोम में समाया - 2ओ सांई नाथ अनमोल खजाना जिन चाहा तिन पायातन में राम मन में राम रोम रोम में समाया - 2ओ सांई नाथ अनमोल खजाना जिन चाहा तिन पायातन में राम मन में राम रोम रोम में समायासांई राम सांई…

सांईईईईईईईईईईई ओ सांई ओ सांई

सांईईईईईईईईईईई ओ सांई ओ सांईछोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आयामैं तेरी शरण में आयासारे नाते सारे बंधन – 2सब मैं तोड़ के आयासांईईईईईईईईईई ओ सांई ओ सांईछोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आयामैं तेरी शरण में आया

शिरडी वाले सांई बाबा तू ही है एक हमारा

शिरडी वाले सांई बाबा तू ही है एक हमाराजो भी दर पर आता तेरे मिलता उसे सहारातेरी लग्न लगाके जोत जलाके भूल गयी भूल गयीओ मैं तो भूल गयी भूल गयी भूल गयीओ सांई बाबा सारी दुनिया भूल गयी - 2

दु:ख को बोझ समझने वाले कौन तुझे समझाए

दु:ख को बोझ समझने वाले कौन तुझे समझाएसाँई तेरी ख़ातिर ख़ुद पर कितना बोझ उठाए कितना बोझ उठाए वो ही तेरे प्यार का मालिकवो ही तेरे संसार का मालिकहैरत से तू क्या तकता हैदीया बुझ कर जल सकता हैवो चाहे तो रात को दिन और दिन को रात बनाएसाँई तेरी…

दया करो साँई दया करो अब तो हम पर दया करो

दया करो साँई दया करो अब तो हम पर दया करो - 2देर भई बड़ी देर भई अब न देर लगाया करोदया करो साँई दया करो

साँई कैसा तेरा ये विधान न सब दिन एक समान

साँई कैसा तेरा ये विधान न सब दिन एक समानहे साँई बाबा हे साँई बाबासाँई कैसा तेरा ये विधान न सब दिन एक समान

भावना की जोत को जगा के देख लो जगा के देख लो

भावना की जोत को जगा के देख लो जगा के देख लोआयेंगे साँई बुलाके देख लो - 2सौ बार चाहे आज़माके देखलोआएंगे साँई बुलाके देख लो

मेरे बाबा सुन लो, मन की पुकार को

मेरे बाबा सुन लो, मन की पुकार को।शरण अपनी ले लो, ठुकरा दूँगा संसार को।शरण अपनी ले लो, ठुकरा दूँगा संसार को

तुने मुझे बुलाया साईनाथ रे

तुने मुझे बुलाया साईनाथ रेमें आया में आया साईनाथ रेओ साई राम रे, ओ साई श्याम रे, ओ साई राम रे.......तुने...

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को... जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन कोमिल जाये तरुवर कि छायाऐसा ही सुख मेरे मन को मिला हैमैं जबसे शरण तेरी आया, मेरे राम..

काम मेरा है चाहत करूं दीद की, रुख़ से पर्दा हटाना तेरा काम है

काम मेरा है चाहत करूं दीद की, रुख़ से पर्दा हटाना तेरा काम हैकाम है मेरा साँई तुझे देखना, आगे जलवा दिखाना तेरा काम है

तू ही माता तू ही पिता है, तू ही माता तू ही पिता है

तू ही माता तू ही पिता है, तू ही माता तू ही पिता हैतू ही तोह है राधा का श्याम साई राम साई श्याम

सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई

सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई - 2सांई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छायी - 2मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना – 2मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना – 2

साईं तेरी लीला कभी ... समझ ना पाऊ मैं

साईं तेरी लीला कभीसमझ ना पाऊ मैंतेरे चरणों में सदाशीश झुकाओ मैं (२)

सांई दया करना मेरे सांई कृपा करना

सांई दया करना मेरे सांई कृपा करना – 2श्रद्वा और सबुरी सांई – 2सब का मालिक एक ही सांई – 2सांई दया करना मेरे सांई कृपा करना – 2

नेक कोई एक तो करम करले, नेक कोई एक तो करम करले

नेक कोई एक तो करम करले, नेक कोई एक तो करम करलेरोज़ थोड़ा-थोड़ा साँई का भजन कर ले - 2

अब समझे सबसे बड़ा साँई नाम

अब समझे सबसे बड़ा साँई नामसबसे बड़ा साँई नाम अब समझे…………

हरी ॐ हरी ॐ साई ॐ साई ॐ

हरी ॐ हरी ॐ साई ॐ साई ॐसाई ॐ साई ॐ साई ॐ साई ॐ साई ॐ साई ॐ

दया की चादर तन पे डाले

दया की चादर तन पे डाले,सांई तुम भगवान हो,दीन दुखी के मालिक तुम हो,धरती पर वरदान हो,दर्श दिखा के अब सुख देदो,तुम जीवन हो प्राण हो...

भिक्षा देदे माई भिक्षा देदे माई

भिक्षा देदे माई भिक्षा देदे माई,तेरे द्वार पे चलके आया शिरडी वाला साँई,भिक्षा देदे माई..

श्री साई नाम सुखदायी

श्री साई नाम सुखदायी ... श्री सतगुरु साईनाथ महाराज की जय ....श्री साई नाम सुखदायी -४साईनाम के दो अक्षर में -४सब सुख शान्ति समाई -४श्री साईनाम सुखदायी...

साईराम अपनी कृपा से मुझे भक्ति दे

साईराम अपनी कृपा से साईराम अपनी कृपा से मुझे भक्ति दे .साईराम अपनी कृपा से मुझे शक्ति दे ..

सुन लो साई बाबा, सुन लो साई बाबा, विनती हमारी

सुन लो साई बाबा, सुन लो साई बाबा, विनती हमारीकरलो भक्तों में गिनती हमारीनित नित हर दिन हर पल हर दिन, दिल बसे तू साई, ......... दो बार

जोगिया बनके ए माई तेरे दर आया है साईं

जोगिया बनके ए माई तेरे दर आया है साईं.ये उनका रूप अनोखा है तेरी नज़रों का धोखा है.उसे पहचान नहीं पाई तेरे दर आया है साईं.जोगिया बनके ए माई तेरे दर आया है साईं..

तेरी अराधना करूँ, पाप क्षमा कर, जीवन देदे

तेरी अराधना करूँ ,तेरी अराधना करूँ ,पाप क्षमा कर ,जीवन देदे,दया की याचना करूँ...

तू है हमारा और हम तेरे

तू है हमारा और हम तेरे तेरे प्यार में तेरे द्वार पे डाल दिये हमने डेरेतू है हमारा और हम तेरे तेरे चमन का रग अनौखा हैदूसरे बागों में धोखा ही धोखा हैमुरझाए फ़िर खिले रहे चाहे कितना भी हमें ग़म घेरेतू है हमारा और हम तेरे किसकी मज़ाल तेरे…

है ये पावन शिरडी यहाँ बार-बार आना

है ये पावन शिरडी यहाँ बार-बार आनासाँईनाथ के चरणों में आकर के झुकजानाहै ये पावन शिरडी यहाँ बार-बार आना

जग मग जग ये डोल रहा है

जग मग जग ये डोल रहा है (२), आसन से मत डोलो आँखे सूखी, मन रोता है, बाबा हमारा क्यों सोता हैखोल के आन्खे देख ले बाबा, तेरे बिना यहाँ क्या होता हैलोट के आजा साई हमारे अपनी आँखे खोलो साई राम बोलो, साई बाबा बोलो

डम डम डम डमरु बाजे डमरु बाजे

डम डम डम डमरु बाजे डमरु बाजे... डम डम डम डमरु बाजे डमरु बाजे,अरे सांई नाथ शिव शम्भू भजेअरे सांई नाथ शिव शम्भू भजे

कोई कहे संत तुझको कोई फ़कीर रे

कोई कहे संत तुझको कोई फ़कीर रेमुझे मेरा साई लागे सबसे अमीर रे

ॐ सांई राम, तेरे नाम के सहारे जीवन बिता रहा हूं

ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई राम ॐ सांई तेरे नाम के सहारे जीवन बिता रहा हूं,जैसी भी निभ रही है वैसी निभा रहा हूँ 2

हे दुःख भंजन हे साई राम

हे दुःख भंजन हे साई राम हे दुःख भंजन हे साई रामपतित पावन है तेरा नामपतित पावन है तेरा नामसबका मालिक तू साई रामहै दुःख भंजन हे साईराम

जबसे बढ़ा सांई से रिश्ता दुनियां छूटी जाय

जबसे बढ़ा सांई से रिश्ता दुनियां छूटी जायहम आऐ सांई के द्वारे धरती कहीं भी जाय

साँई दीदार तेरा हो जाए, हम पे उपकार तेरा हो जाए

साँई दीदार तेरा हो जाएहम पे उपकार तेरा हो जाए मेरी क्या सबकी ये तमन्ना है 2सारा संसार तेरा हो जाए

ज़मान अगर छोड़ दे बेसहारा मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है

ज़माना अगर छोड़ दे बेसहारा मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है-2हर इक जन अगर कर भी लेगा किनारा मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को हैज़माना अग़र छोड़ दे बेसहारा……………

साईं जी का द्वारा ... स्वर्ग से प्यारा

साईं जी का द्वारास्वर्ग से प्यारासाईं जी का द्वारास्वर्ग से प्यारासब को दिया हैसाईं ने सहारासाईं जी का द्वाराहै स्वर्ग से प्यारा
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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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